विजया एकादशी 2027 गुरुवार, 4 मार्च 2027 को है। यह फाल्गुन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में माघ) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 4:45 AM (3 मार्च) से 7:25 AM तक है, और व्रत का पारण शुक्रवार, 5 मार्च 2027, 6:43–9:03 AM के बीच करें।
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विजया एकादशी फाल्गुन (पूर्णिमांत) कृष्ण पक्ष में, महाशिवरात्रि से कुछ दिन पहले आती है। जैसा नाम है, पद्म पुराण इसे विजय देने वाली एकादशी कहता है; इसकी विधि में जल से भरे कलश पर भगवान नारायण की प्रतिमा रखकर पूजा और रात्रि जागरण होता है।
शहर के अनुसार पारण का समय
पारण शुक्रवार, 5 मार्च 2027 को, भारतीय मानक समय में।
- नई दिल्ली6:43–9:03 AM
- मुंबई6:55–9:17 AM
- कोलकाता5:55–8:16 AM
- चेन्नई6:23–8:46 AM
- बेंगलुरु6:34–8:57 AM
- हैदराबाद6:32–8:54 AM
- अहमदाबाद6:58–9:20 AM
- पुणे6:51–9:13 AM
- जयपुर6:47–9:08 AM
- लखनऊ6:27–8:47 AM
- वाराणसी6:18–8:39 AM
- पटना6:09–8:30 AM
- भोपाल6:39–9:00 AM
- इंदौर6:45–9:06 AM
- चंडीगढ़6:45–9:05 AM
- देहरादून6:40–9:00 AM
मार्च 2027 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी मार्च 2027
व्रत और पारण के नियम
- व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
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श्रीराम और बकदाल्भ्य मुनि की कथा
पद्म पुराण की कथा के अनुसार लंका जाने से पहले समुद्र के किनारे श्रीराम ने लक्ष्मण से पूछा कि इतना गहरा समुद्र कैसे पार हो। लक्ष्मण के कहने पर वे पास के एक द्वीप पर रहने वाले बकदाल्भ्य मुनि के पास गए। मुनि ने उन्हें फाल्गुन कृष्ण एकादशी का व्रत कलश-पूजा की विधि से करने को कहा। श्रीराम ने वानर सेनापतियों के साथ यह व्रत किया, और कथा के अनुसार उसी से उन्हें लंका पर विजय मिली।
पूरी कथा पढ़ेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विजया एकादशी 2027 कब है?
गुरुवार, 4 मार्च 2027 को, फाल्गुन कृष्ण पक्ष में।
विजया एकादशी 3 मार्च को है या 4 मार्च को?
व्रत गुरुवार, 4 मार्च 2027 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण शुक्रवार, 5 मार्च 2027, 6:43–9:03 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 3 मार्च 4:45 AM से 4 मार्च 7:25 AM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।
विजया एकादशी का पारण कब करें?
नई दिल्ली में शुक्रवार, 5 मार्च 2027, 6:43–9:03 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।
एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?
एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।
स्रोत
- Drik Panchang: Vijaya Ekadashi 2027, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
- Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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