जया एकादशी 2027 बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 को है। यह माघ शुक्ल पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में माघ) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 8:20 PM (16 फ़रवरी) से 5:33 PM तक है, और व्रत का पारण गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027, 6:57–9:12 AM के बीच करें।
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जया एकादशी माघ शुक्ल पक्ष में आती है। पद्म पुराण इसे पिशाच और प्रेत योनि से छुड़ाने वाली एकादशी कहता है; इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। ISKCON के कैलेंडर में इसे भैमी एकादशी भी कहा जाता है।
शहर के अनुसार पारण का समय
पारण गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027 को, भारतीय मानक समय में।
- नई दिल्ली6:57–9:12 AM
- मुंबई7:05–9:24 AM
- कोलकाता6:07–8:24 AM
- चेन्नई6:30–8:51 AM
- बेंगलुरु6:41–9:02 AM
- हैदराबाद6:41–9:01 AM
- अहमदाबाद7:10–9:28 AM
- पुणे7:01–9:20 AM
- जयपुर7:01–9:17 AM
- लखनऊ6:41–8:56 AM
- वाराणसी6:31–8:47 AM
- पटना6:23–8:39 AM
- भोपाल6:51–9:08 AM
- इंदौर6:57–9:14 AM
- चंडीगढ़7:01–9:16 AM
- देहरादून6:56–9:10 AM
फ़रवरी 2027 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी फ़रवरी 2027
व्रत और पारण के नियम
- व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी व्रत के सभी नियम: दशमी से पारण तक, क्या खाएँ और क्या न खाएँ
माल्यवान और पुष्पवती की कथा
पद्म पुराण की कथा के अनुसार इंद्र की सभा में गाते समय गंधर्व माल्यवान और पुष्पवती एक-दूसरे पर मोहित होकर सुर और ताल भूल गए। इंद्र ने क्रोध में उन्हें पिशाच होने का शाप दे दिया। हिमालय की ठंड में भटकते हुए माघ शुक्ल एकादशी को उन्होंने दुख के कारण कुछ नहीं खाया और रात भर जागते रहे। अगली सुबह वे शाप से छूटकर अपने पहले रूप में स्वर्ग लौट गए।
पूरी कथा पढ़ेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जया एकादशी 2027 कब है?
बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 को, माघ शुक्ल पक्ष में।
जया एकादशी 16 फ़रवरी को है या 17 फ़रवरी को?
व्रत बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027, 6:57–9:12 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 16 फ़रवरी 8:20 PM से 17 फ़रवरी 5:33 PM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।
जया एकादशी का पारण कब करें?
नई दिल्ली में गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027, 6:57–9:12 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।
एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?
एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।
स्रोत
- Drik Panchang: Jaya Ekadashi 2027, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
- Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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