आमलकी एकादशी 2027 गुरुवार, 18 मार्च 2027 को है। यह फाल्गुन शुक्ल पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में फाल्गुन) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 4:22 AM से 1:52 AM (19 मार्च) तक है, और व्रत का पारण शुक्रवार, 19 मार्च 2027, 7:14–8:52 AM के बीच करें।
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आमलकी एकादशी फाल्गुन शुक्ल पक्ष में, होली से कुछ दिन पहले आती है। इस दिन आँवले (आमलकी) के वृक्ष के पास भगवान विष्णु की पूजा और रात्रि जागरण होता है; पद्म पुराण आँवले को भगवान विष्णु का प्रिय वृक्ष कहता है और इसकी विधि में परशुराम जी की पूजा बताता है।
शहर के अनुसार पारण का समय
पारण शुक्रवार, 19 मार्च 2027 को, भारतीय मानक समय में।
- नई दिल्ली7:14–8:52 AM
- मुंबई7:14–9:09 AM
- कोलकाता7:14–8:07 AM
- चेन्नई7:14–8:39 AM
- बेंगलुरु7:14–8:50 AM
- हैदराबाद7:14–8:46 AM
- अहमदाबाद7:14–9:10 AM
- पुणे7:14–9:05 AM
- जयपुर7:14–8:57 AM
- लखनऊ7:14–8:37 AM
- वाराणसी7:14–8:29 AM
- पटना7:14–8:20 AM
- भोपाल7:14–8:51 AM
- इंदौर7:14–8:57 AM
- चंडीगढ़7:14–8:54 AM
- देहरादून7:14–8:49 AM
मार्च 2027 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी मार्च 2027
व्रत और पारण के नियम
- व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
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आँवले की उत्पत्ति और बहेलिए की कथा
पद्म पुराण में वसिष्ठ मुनि राजा मांधाता को बताते हैं कि आँवले का वृक्ष परमात्मा के मुख से गिरी एक बूँद से उत्पन्न हुआ, और इसकी जड़, तने, शाखाओं, पत्तों, फूलों और फलों में देवताओं का वास है। लोक में इस दिन एक बहेलिए की कथा भी सुनाई जाती है, जिसने वैदिश नगर में आमलकी एकादशी का जागरण देखते हुए भूखे पेट रात बिताई और अगले जन्म में राजा वसुरथ बना; यह कथा पद्म पुराण में नहीं है।
पूरी कथा पढ़ेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आमलकी एकादशी 2027 कब है?
गुरुवार, 18 मार्च 2027 को, फाल्गुन शुक्ल पक्ष में।
आमलकी एकादशी 18 मार्च को है या 19 मार्च को?
व्रत गुरुवार, 18 मार्च 2027 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण शुक्रवार, 19 मार्च 2027, 7:14–8:52 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 18 मार्च 4:22 AM से 19 मार्च 1:52 AM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।
आमलकी एकादशी का पारण कब करें?
नई दिल्ली में शुक्रवार, 19 मार्च 2027, 7:14–8:52 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।
एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?
एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।
स्रोत
- Drik Panchang: Amalaki Ekadashi 2027, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
- Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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