उत्पन्ना एकादशी 2026 शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को है। यह मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में कार्तिक) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 11:05 PM (3 दिसंबर) से 11:46 PM तक है, और व्रत का पारण शनिवार, 5 दिसंबर 2026, 6:59–9:04 AM के बीच करें।
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उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) कृष्ण पक्ष में आती है। परंपरा में इसे एकादशी व्रत की उत्पत्ति का दिन माना जाता है, इसलिए कई लोग एकादशी व्रत इसी दिन से शुरू करते हैं।
शहर के अनुसार पारण का समय
पारण शनिवार, 5 दिसंबर 2026 को, भारतीय मानक समय में।
- नई दिल्ली6:59–9:04 AM
- मुंबई6:58–9:10 AM
- कोलकाता6:03–8:12 AM
- चेन्नई6:18–8:34 AM
- बेंगलुरु6:28–8:45 AM
- हैदराबाद6:32–8:46 AM
- अहमदाबाद7:06–9:16 AM
- पुणे6:53–9:06 AM
- जयपुर7:01–9:08 AM
- लखनऊ6:41–8:47 AM
- वाराणसी6:29–8:37 AM
- पटना6:21–8:29 AM
- भोपाल6:47–8:57 AM
- इंदौर6:53–9:02 AM
- चंडीगढ़7:06–9:09 AM
- देहरादून7:00–9:03 AM
दिसंबर 2026 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी दिसंबर 2026
व्रत और पारण के नियम
- व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी देवी की उत्पत्ति
परंपरा के अनुसार जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में थे, तब मुर नाम का दैत्य उन पर आक्रमण करने आया। उसी समय विष्णु के शरीर से एक देवी प्रकट हुईं और उन्होंने मुर का वध किया। प्रसन्न होकर विष्णु ने उन्हें “एकादशी” नाम दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्पन्ना एकादशी 2026 कब है?
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को, मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष में।
उत्पन्ना एकादशी 3 दिसंबर को है या 4 दिसंबर को?
व्रत शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण शनिवार, 5 दिसंबर 2026, 6:59–9:04 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 3 दिसंबर 11:05 PM से 4 दिसंबर 11:46 PM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।
उत्पन्ना एकादशी का पारण कब करें?
नई दिल्ली में शनिवार, 5 दिसंबर 2026, 6:59–9:04 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।
एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?
एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।
स्रोत
- Drik Panchang: Utpanna Ekadashi 2026, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
- Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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