108 दिव्य देश वे विष्णु (और लक्ष्मी) मंदिर हैं जिनका मंगलाशासन, अर्थात् स्तुति, बारह आळवार संतों ने तमिल नालायिर दिव्य प्रबंधम् में की है। परंपरा इन्हें छह क्षेत्रों में बाँटती है: चोल नाडु 40, पांड्य नाडु 18, मलै नाडु 13, तोंडै नाडु 22, नडु नाडु 2 और वड नाडु (उत्तर भारत) 11; बाकी दो, तिरुप्पार्कडल (क्षीरसागर) और परमपदम (वैकुंठ), पृथ्वी पर नहीं माने जाते। पृथ्वी के 106 में से 84 तमिलनाडु में हैं, और मुक्तिनाथ (नेपाल) अकेला भारत के बाहर है।
| # | नाम | पेरुमाळ (विष्णु का रूप) | स्थान | राज्य | क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | तिरुवरंगम (श्रीरंगम) | रंगनाथ | श्रीरंगम, तिरुचिरापल्ली | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 2 | तिरुक्कोळि (उरैयूर) | अळगिय मणवाळ पेरुमाळ | उरैयूर, तिरुचिरापल्ली | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 3 | तिरुक्करंबनूर (उत्तमर कोविल) | पुरुषोत्तम पेरुमाळ | उत्तमरकोविल, तिरुचिरापल्ली | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 4 | तिरुवेळ्ळरै | पुंडरीकाक्ष पेरुमाळ | तिरुवेळ्ळरै | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 5 | तिरु अन्बिल | सुंदरराज (वडिवळगिय नंबी) | अन्बिल | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 6 | तिरुप्पेर नगर (कोविलडि) | अप्पक्कुडत्तान | कोविलडि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 7 | तिरुक्कंडियूर | हरशाप-विमोचन पेरुमाळ | कंडियूर, तंजावुर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 8 | तिरुक्कूडलूर | जगत्रक्षक पेरुमाळ | आडुतुरै | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 9 | तिरुक्कविस्थलम (कपिस्थलम) | गजेंद्र-वरद | कपिस्थलम | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 10 | तिरुप्पुळ्ळम्बूतंगुडि | राम पेरुमाळ | पुळ्ळम्बूतंगुडि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 11 | तिरुआदनूर | आंडळक्कुम अय्यन | आदनूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 12 | तिरुक्कुडंदै (कुंभकोणम) | आरावमुदन | कुंभकोणम | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 13 | तिरुविण्णगर (उप्पिलियप्पन कोविल) | उप्पिलियप्पन | तिरुनागेश्वरम | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 14 | तिरुनरैयूर (नाच्चियार कोविल) | श्रीनिवास पेरुमाळ | नाच्चियार कोविल | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 15 | तिरुच्चेरै | सारनाथ पेरुमाळ | तिरुच्चेरै | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 16 | तिरुक्कण्णमंगै | भक्तवत्सल पेरुमाळ | तिरुक्कण्णमंगै | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 17 | तिरुक्कण्णपुरम | सौरिराज पेरुमाळ | तिरुक्कण्णपुरम | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 18 | तिरुक्कण्णंगुडि | लोकनाथ पेरुमाळ | तिरुक्कण्णंगुडि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 19 | तिरुनागै | सुंदरराज पेरुमाळ | नागपट्टिनम | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 20 | तिरुत्तंजै मामणिक्कोविल | नीलमेघ, मणिकुंड्र और वीर नरसिंह (तीन सन्निधियाँ) | तंजावुर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 21 | तिरुनंदिपुर विण्णगरम (नाथन कोविल) | जगन्नाथ पेरुमाळ | नाथन कोविल | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 22 | तिरुवेळ्ळियंगुडि | कोलवल्विल राम | तिरुवेळ्ळियंगुडि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 23 | तिरुवळुंदूर (तेरळुंदूर) | देवादिराज पेरुमाळ | तेरळुंदूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 24 | तिरुच्चिरुपुलियूर | कृपासमुद्र पेरुमाळ | तिरुच्चिरुपुलियूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 25 | तिरुत्तलैच्चंग नाण्मदियम | चंद्रशापहर पेरुमाळ | तलैच्चंगाडु | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 26 | तिरुइंदळूर | परिमळ रंगनाथ | इंदळूर, मयिलाडुतुरै | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 27 | तिरुक्कावळम्बाडि | गोपालकृष्ण | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 28 | तिरुक्काळिच्चीराम विण्णगरम | त्रिविक्रम पेरुमाळ | सीरकाळि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 29 | तिरुअरिमेय विण्णगरम | कुडमाडु कूत्तन | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 30 | तिरुवण्पुरुषोत्तमम | पुरुषोत्तम पेरुमाळ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 31 | तिरुच्चेम्पोन्सेय्कोविल | हेमरंगनाथ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 32 | तिरुमणिमाडक्कोविल | नारायण पेरुमाळ (शाश्वत दीप) | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 33 | तिरुवैकुंठ विण्णगरम | वैकुंठनाथ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 34 | तिरुवालि-तिरुनगरि | केदारपति (नरसिंह) और देवराज (दो मंदिर) | तिरुवालि और तिरुनगरि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 35 | तिरुत्तेवनार्तोगै | देवनायक पेरुमाळ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 36 | तिरुत्तेत्रियम्बलम | लक्ष्मीरंग पेरुमाळ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 37 | तिरुमणिक्कूडम | वरदराज पेरुमाळ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 38 | तिरुवेळ्ळक्कुळम | श्रीनिवास पेरुमाळ | तिरुनांगूर | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 39 | तिरुप्पार्थनपळ्ळि | तामरैयाळ केळ्वन | पार्थनपळ्ळि | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 40 | तिरुच्चित्रकूडम (चिदंबरम) | गोविंदराज पेरुमाळ | चिदंबरम | तमिलनाडु | चोल नाडु |
| 41 | तिरुवहींद्रपुरम | देवनाथ पेरुमाळ | तिरुवंदिपुरम, कडलूर | तमिलनाडु | नडु नाडु |
| 42 | तिरुक्कोवलूर | त्रिविक्रम पेरुमाळ | तिरुक्कोयिलूर | तमिलनाडु | नडु नाडु |
| 43 | तिरुक्कच्चि (अत्तिगिरि) | वरदराज पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 44 | अष्टभुजकरम | अष्टभुज पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 45 | तिरुत्तण्का | दीपप्रकाश (विळक्कोळि) पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 46 | तिरुवेळुक्कै | योग नरसिंह | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 47 | तिरुनीरगम | जगदीश पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 48 | तिरुप्पाडगम | पांडवदूत पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 49 | तिरु निलात्तिंगळ तुंडम | चंद्रचूड पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 50 | तिरुऊरगम | त्रिविक्रम (उलगळंद) पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 51 | तिरुवेक्का | यथोक्तकारी पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 52 | तिरुक्कारगम | करुणाकर पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 53 | तिरुक्कार्वानम | नीलमेघ पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 54 | तिरुक्कळ्वनूर | आदि वराह पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 55 | तिरुप्पवळवण्णम | पवळवण्ण पेरुमाळ | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 56 | तिरुपरमेश्वर विण्णगरम | वैकुंठनाथ (वैकुंठ पेरुमाळ) | कांचीपुरम | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 57 | तिरुप्पुट्कुळि | विजयराघव पेरुमाळ | तिरुप्पुट्कुळि | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 58 | तिरुनिन्रवूर (तिन्नानूर) | भक्तवत्सल पेरुमाळ | तिरुनिन्रवूर | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 59 | तिरुवेव्वुळ (तिरुवळ्ळूर) | वीरराघव पेरुमाळ | तिरुवळ्ळूर | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 60 | तिरुवल्लिक्केणि | पार्थसारथी (वेंकटकृष्ण) | चेन्नई (ट्रिप्लिकेन) | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 61 | तिरुनीर्मलै | नीरवण्ण पेरुमाळ और रंगनाथ | तिरुनीर्मलै | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 62 | तिरुविडवेंदै | नित्यकल्याण पेरुमाळ | तिरुविडंदै | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 63 | तिरुक्कडल्मल्लै | स्थलशयन पेरुमाळ | मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 64 | तिरुक्कडिगै (शोलिंगुर) | योग नरसिंह | शोलिंगुर | तमिलनाडु | तोंडै नाडु |
| 65 | तिरुनावाय | नवमुकुंद | तिरुनावाय | केरल | मलै नाडु |
| 66 | तिरुवित्तुवक्कोडु | अभयप्रद पेरुमाळ | तिरुवित्तुवक्कोडु | केरल | मलै नाडु |
| 67 | तिरुक्काट्करै (तृक्काकरा) | काट्करैयप्पन (वामनमूर्ति) | तृक्काकरा | केरल | मलै नाडु |
| 68 | तिरुमूळिक्कळम | सूक्तिनाथ पेरुमाळ | तिरुमूळिक्कळम | केरल | मलै नाडु |
| 69 | तिरुवल्लवाळ (तिरुवल्ला) | श्रीवल्लभ | तिरुवल्ला | केरल | मलै नाडु |
| 70 | तिरुक्कोडित्तानम | अमृतनारायण | तृक्कोडित्तानम | केरल | मलै नाडु |
| 71 | तिरुच्चेंगुन्रूर | देवादिदेव पेरुमाळ | चेंगन्नूर | केरल | मलै नाडु |
| 72 | तिरुप्पुलियूर | मायप्पिरान | तृप्पुलियूर | केरल | मलै नाडु |
| 73 | तिरुवारन्विळै (आरन्मुळा) | पार्थसारथी (कुरळप्पन) | आरन्मुळा | केरल | मलै नाडु |
| 74 | तिरुवण्वंडूर | पाम्बणैयप्पन | तिरुवण्वंडूर | केरल | मलै नाडु |
| 75 | तिरुवनंतपुरम | अनंतपद्मनाभ | तिरुवनंतपुरम | केरल | मलै नाडु |
| 76 | तिरुवट्टारु | आदिकेशव पेरुमाळ | तिरुवट्टार, कन्याकुमारी | तमिलनाडु | मलै नाडु |
| 77 | तिरुवण्परिसारम | तिरुवाळ्मार्बन | तिरुप्पतिसारम, कन्याकुमारी | तमिलनाडु | मलै नाडु |
| 78 | तिरुक्कुरुंगुडि | वामनक्षेत्र पेरुमाळ (नंबी) | तिरुक्कुरुंगुडि | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 79 | तिरुच्चीरवरमंगै (नांगुनेरी) | तोताद्रिनाथ | नांगुनेरी | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 80 | तिरुवैकुंठम (श्रीवैकुंठम) | वैकुंठनाथ | श्रीवैकुंठम | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 81 | तिरुवरगुणमंगै | विजयासन पेरुमाळ | नत्तम | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 82 | तिरुप्पुळिंगुडि | काय्चिन वेंदन | तिरुप्पुळिंगुडि | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 83 | तिरुत्तोलैविल्लिमंगलम (इरट्टै तिरुपति) | अरविंदलोचन पेरुमाळ (दो मंदिर) | तोलैविल्लिमंगलम | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 84 | तिरुक्कुळंदै (पेरुंगुळम) | श्रीनिवास पेरुमाळ | पेरुंगुळम | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 85 | तिरुक्कोळूर | वैत्तमानिधि पेरुमाळ | तिरुक्कोळूर | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 86 | तिरुप्पेरै (तेन्तिरुप्पेरै) | मकर-नेडुंकुळैक्कादन | तेन्तिरुप्पेरै | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 87 | तिरुक्कुरुगूर (आळ्वार तिरुनगरि) | आदिनाथ पेरुमाळ | आळ्वारतिरुनगरि | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 88 | श्रीविल्लिपुत्तूर | वटपत्रशायी (और आंडाळ) | श्रीविल्लिपुत्तूर | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 89 | तिरुत्तंगल | नारायण पेरुमाळ | तिरुत्तंगल | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 90 | तिरुक्कूडल (मदुरै) | कूडल अळगर | मदुरै | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 91 | तिरुमालिरुंचोलै (अळगर कोविल) | कळ्ळळगर (सुंदरराज) | अळगर कोविल, मदुरै | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 92 | तिरुमोगूर | कालमेघ पेरुमाळ | तिरुमोगूर, मदुरै | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 93 | तिरुक्कोट्टियूर | उरगमेल्लणैयान पेरुमाळ | तिरुक्कोष्टियूर | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 94 | तिरुप्पुल्लाणि | कल्याण जगन्नाथ | तिरुप्पुल्लाणि, रामनाथपुरम | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 95 | तिरुमेय्यम | सत्यगिरिनाथ | तिरुमयम | तमिलनाडु | पांड्य नाडु |
| 96 | तिरुअयोध्या | रामचंद्र | अयोध्या | उत्तर प्रदेश | वड नाडु |
| 97 | नैमिषारण्य | देवराज पेरुमाळ | नैमिषारण्य (नीमसार) | उत्तर प्रदेश | वड नाडु |
| 98 | तिरुप्पिरिदि (ज्योतिर्मठ) | परमपुरुष | ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) | उत्तराखंड | वड नाडु |
| 99 | तिरुक्कंडमेन्नुम कडिनगर (देवप्रयाग) | पुरुषोत्तम पेरुमाळ | देवप्रयाग | उत्तराखंड | वड नाडु |
| 100 | तिरुवदरि (बद्रीनाथ) | बद्रीनारायण | बद्रीनाथ | उत्तराखंड | वड नाडु |
| 101 | तिरुसालग्रामम (मुक्तिनाथ) | श्रीमूर्ति | मुक्तिनाथ, मुस्तांग | नेपाल | वड नाडु |
| 102 | तिरुवडमदुरै (मथुरा) | गोवर्धनगिरिधारी | मथुरा | उत्तर प्रदेश | वड नाडु |
| 103 | तिरुआयर्पाडि (गोकुल) | नवमोहन कृष्ण | गोकुल | उत्तर प्रदेश | वड नाडु |
| 104 | तिरुद्वारकै (द्वारका) | द्वारकाधीश | द्वारका | गुजरात | वड नाडु |
| 105 | तिरुसिंगवेळ्कुन्रम (अहोबिलम) | प्रह्लाद-वरद नरसिंह | अहोबिलम | आंध्र प्रदेश | वड नाडु |
| 106 | तिरुवेंकडम (तिरुमला) | श्रीनिवास (वेंकटेश्वर) | तिरुमला, तिरुपति | आंध्र प्रदेश | वड नाडु |
| 107 | तिरुप्पार्कडल | क्षीराब्धिनाथ | क्षीरसागर | — | दिव्य लोक |
| 108 | तिरुप्परमपदम | परमपदनाथ | वैकुंठ | — | दिव्य लोक |
आळवार और मंगलाशासन
आळवार ("डूबे हुए", अर्थात् भक्ति में डूबे) तमिल भूमि के बारह वैष्णव संत-कवि थे। उनके चार हज़ार पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम् कहलाता है, और जिन 108 मंदिरों के गुण इन पदों में गाए गए, वे दिव्य देश कहलाते हैं; किसी मंदिर के लिए आळवार का पद उसका "मंगलाशासन" कहा जाता है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् (TTD) की सात खंडों की पुस्तक-माला "108 Vaishnavite Divya Desams" (एम. एस. रमेश, 1992-2000) हर दिव्य देश के साथ उसके चुने हुए पद और उनका अर्थ देती है।
परंपरा में इन मंदिरों को "भूलोक वैकुंठ" भी कहा जाता है, और लगभग हर दिव्य देश में विष्णु और लक्ष्मी की अलग सन्निधियाँ हैं। इनमें पहला श्रीरंगम का रंगनाथ मंदिर गिना जाता है, जो श्री वैष्णव परंपरा का प्रमुख केंद्र और रामानुज का कार्यक्षेत्र रहा।
छह क्षेत्र (नाडु)
परंपरा दिव्य देशों को पुराने तमिल प्रदेशों के नाम से गिनती है: चोल नाडु (कावेरी का डेल्टा: तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, कुंभकोणम, नागपट्टिनम और मयिलाडुतुरै के आसपास) 40; नडु नाडु (बीच का प्रदेश, कडलूर और तिरुक्कोयिलूर) 2; तोंडै नाडु (उत्तरी तमिलनाडु: कांचीपुरम, चेन्नई और आसपास) 22; मलै नाडु (आज का केरल और कन्याकुमारी) 13; पांड्य नाडु (दक्षिणी तमिलनाडु: मदुरै, तिरुनेलवेली, तूतुकुडि और आसपास) 18; और वड नाडु, यानी उत्तर का प्रदेश, जिसमें तिरुपति और अहोबिलम भी गिने जाते हैं, 11। इतिहास पत्रिका History Today (2023) में संजय एस. का अध्ययन यही गिनती देता है, और TTD की पुस्तक-माला के खंड भी इन्हीं क्षेत्रों के क्रम से हैं।
कांचीपुरम में अकेले चौदह दिव्य देश हैं, और तिरुनांगूर (मयिलाडुतुरै के पास) के आसपास ग्यारह, जिनके उत्सव-विग्रहों की एक साथ होने वाली गरुड़ सेवा प्रसिद्ध है (TTD, खंड 2: "Thirunangoor Eleven Garuda Sevai")।
स्रोतों में अंतर
- क्रम: दिव्य देशों की क्रम-संख्या सूची-सूची में बदलती है। हमने विकिपीडिया की सूची का क्षेत्रवार क्रम लिया है (चोल, नडु, तोंडै, मलै, पांड्य, वड, फिर दो दिव्य लोक); TTD की पुस्तक-माला में हर क्षेत्र के भीतर क्रम अलग है।
- एक दिव्य देश, कई मंदिर: तिरुत्तंजै मामणिक्कोविल तीन सन्निधियों (नीलमेघ, मणिकुंड्र और वीर नरसिंह) का, तिरुवालि-तिरुनगरि दो मंदिरों का, और तिरुत्तोलैविल्लिमंगलम ताम्रपर्णी की नहर के दोनों किनारों के दो मंदिरों का एक-एक दिव्य देश गिना जाता है (TTD, खंड 3 और 4; विकिपीडिया)।
- राज्य और क्षेत्र: तिरुवट्टारु और तिरुवण्परिसारम आज तमिलनाडु के कन्याकुमारी ज़िले में हैं, पर परंपरा उन्हें मलै नाडु में गिनती है (TTD, खंड 7; विकिपीडिया)। वड नाडु में तिरुपति और अहोबिलम (आंध्र प्रदेश) भी गिने जाते हैं।
- नाम और वर्तनी: तमिल नामों की हिंदी और अंग्रेज़ी वर्तनी स्रोतों में बहुत बदलती है (तिरुक्कोवलूर/तिरुक्कोयिलूर, तिरुवहींद्रपुरम/तिरुवंदिपुरम, तिरुनिन्रवूर/तिन्नानूर)। पेरुमाळ के नाम विकिपीडिया की सूची से हैं; कई मंदिरों में मूल विग्रह और उत्सव-विग्रह के नाम अलग हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
108 दिव्य देश क्या हैं?
वे 108 विष्णु मंदिर जिनकी स्तुति बारह आळवार संतों ने नालायिर दिव्य प्रबंधम् में की है। इनमें 106 पृथ्वी पर हैं और दो, क्षीरसागर और वैकुंठ, पृथ्वी के बाहर माने जाते हैं।
पहला दिव्य देश कौन सा है?
श्रीरंगम (तिरुवरंगम) का रंगनाथ मंदिर, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु।
उत्तर भारत में कौन से दिव्य देश हैं?
वड नाडु के ग्यारह में से नौ: अयोध्या, नैमिषारण्य, मथुरा और गोकुल (उत्तर प्रदेश); बद्रीनाथ, देवप्रयाग और ज्योतिर्मठ (उत्तराखंड); द्वारका (गुजरात); और मुक्तिनाथ (नेपाल)। बाकी दो, तिरुपति और अहोबिलम, आंध्र प्रदेश में हैं।
कौन सा दिव्य देश भारत के बाहर है?
मुक्तिनाथ (तिरुसालग्रामम), नेपाल के मुस्तांग ज़िले में।
सबसे अधिक दिव्य देश किस राज्य में हैं?
तमिलनाडु में, 84; उसके बाद केरल में 11।
स्रोत
- एम. एस. रमेश, 108 Vaishnavite Divya Desams, खंड 1-7, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्, तिरुपति, 1992-2000 (खंड 1 तोंडै नाडु, 2-3 चोल और नडु नाडु, 4 पांड्य नाडु, 5-6 तिरुमला, अहोबिलम, क्षीरसागर और वैकुंठ, 7 मलै और वड नाडु; archive.org)
- संजय एस., "An Analysis of the Sacred Geography of Srivaisnavas using modern GIS with Reference to the 108 Divyadesam Temples", History Today, अंक 24, 2023, द हिस्ट्री एंड कल्चर सोसाइटी, नई दिल्ली (archive.org)
- विकिपीडिया: Divya Desam (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा), जो पी. एम. नीलकृष्णन, "Sri Divya Desams", Ancient Science of Life 11(3), 1992 का हवाला देता है
कुछ गलत लगा? गलती बताएँ