तीर्थ और धाम

108 दिव्य देश: आळवारों के गाए विष्णु-धाम

संक्षेप में

108 दिव्य देश वे विष्णु (और लक्ष्मी) मंदिर हैं जिनका मंगलाशासन, अर्थात् स्तुति, बारह आळवार संतों ने तमिल नालायिर दिव्य प्रबंधम् में की है। परंपरा इन्हें छह क्षेत्रों में बाँटती है: चोल नाडु 40, पांड्य नाडु 18, मलै नाडु 13, तोंडै नाडु 22, नडु नाडु 2 और वड नाडु (उत्तर भारत) 11; बाकी दो, तिरुप्पार्कडल (क्षीरसागर) और परमपदम (वैकुंठ), पृथ्वी पर नहीं माने जाते। पृथ्वी के 106 में से 84 तमिलनाडु में हैं, और मुक्तिनाथ (नेपाल) अकेला भारत के बाहर है।

#नामपेरुमाळ (विष्णु का रूप)स्थानराज्यक्षेत्र
1तिरुवरंगम (श्रीरंगम)रंगनाथश्रीरंगम, तिरुचिरापल्लीतमिलनाडुचोल नाडु
2तिरुक्कोळि (उरैयूर)अळगिय मणवाळ पेरुमाळउरैयूर, तिरुचिरापल्लीतमिलनाडुचोल नाडु
3तिरुक्करंबनूर (उत्तमर कोविल)पुरुषोत्तम पेरुमाळउत्तमरकोविल, तिरुचिरापल्लीतमिलनाडुचोल नाडु
4तिरुवेळ्ळरैपुंडरीकाक्ष पेरुमाळतिरुवेळ्ळरैतमिलनाडुचोल नाडु
5तिरु अन्बिलसुंदरराज (वडिवळगिय नंबी)अन्बिलतमिलनाडुचोल नाडु
6तिरुप्पेर नगर (कोविलडि)अप्पक्कुडत्तानकोविलडितमिलनाडुचोल नाडु
7तिरुक्कंडियूरहरशाप-विमोचन पेरुमाळकंडियूर, तंजावुरतमिलनाडुचोल नाडु
8तिरुक्कूडलूरजगत्रक्षक पेरुमाळआडुतुरैतमिलनाडुचोल नाडु
9तिरुक्कविस्थलम (कपिस्थलम)गजेंद्र-वरदकपिस्थलमतमिलनाडुचोल नाडु
10तिरुप्पुळ्ळम्बूतंगुडिराम पेरुमाळपुळ्ळम्बूतंगुडितमिलनाडुचोल नाडु
11तिरुआदनूरआंडळक्कुम अय्यनआदनूरतमिलनाडुचोल नाडु
12तिरुक्कुडंदै (कुंभकोणम)आरावमुदनकुंभकोणमतमिलनाडुचोल नाडु
13तिरुविण्णगर (उप्पिलियप्पन कोविल)उप्पिलियप्पनतिरुनागेश्वरमतमिलनाडुचोल नाडु
14तिरुनरैयूर (नाच्चियार कोविल)श्रीनिवास पेरुमाळनाच्चियार कोविलतमिलनाडुचोल नाडु
15तिरुच्चेरैसारनाथ पेरुमाळतिरुच्चेरैतमिलनाडुचोल नाडु
16तिरुक्कण्णमंगैभक्तवत्सल पेरुमाळतिरुक्कण्णमंगैतमिलनाडुचोल नाडु
17तिरुक्कण्णपुरमसौरिराज पेरुमाळतिरुक्कण्णपुरमतमिलनाडुचोल नाडु
18तिरुक्कण्णंगुडिलोकनाथ पेरुमाळतिरुक्कण्णंगुडितमिलनाडुचोल नाडु
19तिरुनागैसुंदरराज पेरुमाळनागपट्टिनमतमिलनाडुचोल नाडु
20तिरुत्तंजै मामणिक्कोविलनीलमेघ, मणिकुंड्र और वीर नरसिंह (तीन सन्निधियाँ)तंजावुरतमिलनाडुचोल नाडु
21तिरुनंदिपुर विण्णगरम (नाथन कोविल)जगन्नाथ पेरुमाळनाथन कोविलतमिलनाडुचोल नाडु
22तिरुवेळ्ळियंगुडिकोलवल्विल रामतिरुवेळ्ळियंगुडितमिलनाडुचोल नाडु
23तिरुवळुंदूर (तेरळुंदूर)देवादिराज पेरुमाळतेरळुंदूरतमिलनाडुचोल नाडु
24तिरुच्चिरुपुलियूरकृपासमुद्र पेरुमाळतिरुच्चिरुपुलियूरतमिलनाडुचोल नाडु
25तिरुत्तलैच्चंग नाण्मदियमचंद्रशापहर पेरुमाळतलैच्चंगाडुतमिलनाडुचोल नाडु
26तिरुइंदळूरपरिमळ रंगनाथइंदळूर, मयिलाडुतुरैतमिलनाडुचोल नाडु
27तिरुक्कावळम्बाडिगोपालकृष्णतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
28तिरुक्काळिच्चीराम विण्णगरमत्रिविक्रम पेरुमाळसीरकाळितमिलनाडुचोल नाडु
29तिरुअरिमेय विण्णगरमकुडमाडु कूत्तनतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
30तिरुवण्पुरुषोत्तममपुरुषोत्तम पेरुमाळतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
31तिरुच्चेम्पोन्सेय्कोविलहेमरंगनाथतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
32तिरुमणिमाडक्कोविलनारायण पेरुमाळ (शाश्वत दीप)तिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
33तिरुवैकुंठ विण्णगरमवैकुंठनाथतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
34तिरुवालि-तिरुनगरिकेदारपति (नरसिंह) और देवराज (दो मंदिर)तिरुवालि और तिरुनगरितमिलनाडुचोल नाडु
35तिरुत्तेवनार्तोगैदेवनायक पेरुमाळतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
36तिरुत्तेत्रियम्बलमलक्ष्मीरंग पेरुमाळतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
37तिरुमणिक्कूडमवरदराज पेरुमाळतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
38तिरुवेळ्ळक्कुळमश्रीनिवास पेरुमाळतिरुनांगूरतमिलनाडुचोल नाडु
39तिरुप्पार्थनपळ्ळितामरैयाळ केळ्वनपार्थनपळ्ळितमिलनाडुचोल नाडु
40तिरुच्चित्रकूडम (चिदंबरम)गोविंदराज पेरुमाळचिदंबरमतमिलनाडुचोल नाडु
41तिरुवहींद्रपुरमदेवनाथ पेरुमाळतिरुवंदिपुरम, कडलूरतमिलनाडुनडु नाडु
42तिरुक्कोवलूरत्रिविक्रम पेरुमाळतिरुक्कोयिलूरतमिलनाडुनडु नाडु
43तिरुक्कच्चि (अत्तिगिरि)वरदराज पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
44अष्टभुजकरमअष्टभुज पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
45तिरुत्तण्कादीपप्रकाश (विळक्कोळि) पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
46तिरुवेळुक्कैयोग नरसिंहकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
47तिरुनीरगमजगदीश पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
48तिरुप्पाडगमपांडवदूत पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
49तिरु निलात्तिंगळ तुंडमचंद्रचूड पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
50तिरुऊरगमत्रिविक्रम (उलगळंद) पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
51तिरुवेक्कायथोक्तकारी पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
52तिरुक्कारगमकरुणाकर पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
53तिरुक्कार्वानमनीलमेघ पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
54तिरुक्कळ्वनूरआदि वराह पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
55तिरुप्पवळवण्णमपवळवण्ण पेरुमाळकांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
56तिरुपरमेश्वर विण्णगरमवैकुंठनाथ (वैकुंठ पेरुमाळ)कांचीपुरमतमिलनाडुतोंडै नाडु
57तिरुप्पुट्कुळिविजयराघव पेरुमाळतिरुप्पुट्कुळितमिलनाडुतोंडै नाडु
58तिरुनिन्रवूर (तिन्नानूर)भक्तवत्सल पेरुमाळतिरुनिन्रवूरतमिलनाडुतोंडै नाडु
59तिरुवेव्वुळ (तिरुवळ्ळूर)वीरराघव पेरुमाळतिरुवळ्ळूरतमिलनाडुतोंडै नाडु
60तिरुवल्लिक्केणिपार्थसारथी (वेंकटकृष्ण)चेन्नई (ट्रिप्लिकेन)तमिलनाडुतोंडै नाडु
61तिरुनीर्मलैनीरवण्ण पेरुमाळ और रंगनाथतिरुनीर्मलैतमिलनाडुतोंडै नाडु
62तिरुविडवेंदैनित्यकल्याण पेरुमाळतिरुविडंदैतमिलनाडुतोंडै नाडु
63तिरुक्कडल्मल्लैस्थलशयन पेरुमाळमामल्लपुरम (महाबलीपुरम)तमिलनाडुतोंडै नाडु
64तिरुक्कडिगै (शोलिंगुर)योग नरसिंहशोलिंगुरतमिलनाडुतोंडै नाडु
65तिरुनावायनवमुकुंदतिरुनावायकेरलमलै नाडु
66तिरुवित्तुवक्कोडुअभयप्रद पेरुमाळतिरुवित्तुवक्कोडुकेरलमलै नाडु
67तिरुक्काट्करै (तृक्काकरा)काट्करैयप्पन (वामनमूर्ति)तृक्काकराकेरलमलै नाडु
68तिरुमूळिक्कळमसूक्तिनाथ पेरुमाळतिरुमूळिक्कळमकेरलमलै नाडु
69तिरुवल्लवाळ (तिरुवल्ला)श्रीवल्लभतिरुवल्लाकेरलमलै नाडु
70तिरुक्कोडित्तानमअमृतनारायणतृक्कोडित्तानमकेरलमलै नाडु
71तिरुच्चेंगुन्रूरदेवादिदेव पेरुमाळचेंगन्नूरकेरलमलै नाडु
72तिरुप्पुलियूरमायप्पिरानतृप्पुलियूरकेरलमलै नाडु
73तिरुवारन्विळै (आरन्मुळा)पार्थसारथी (कुरळप्पन)आरन्मुळाकेरलमलै नाडु
74तिरुवण्वंडूरपाम्बणैयप्पनतिरुवण्वंडूरकेरलमलै नाडु
75तिरुवनंतपुरमअनंतपद्मनाभतिरुवनंतपुरमकेरलमलै नाडु
76तिरुवट्टारुआदिकेशव पेरुमाळतिरुवट्टार, कन्याकुमारीतमिलनाडुमलै नाडु
77तिरुवण्परिसारमतिरुवाळ्मार्बनतिरुप्पतिसारम, कन्याकुमारीतमिलनाडुमलै नाडु
78तिरुक्कुरुंगुडिवामनक्षेत्र पेरुमाळ (नंबी)तिरुक्कुरुंगुडितमिलनाडुपांड्य नाडु
79तिरुच्चीरवरमंगै (नांगुनेरी)तोताद्रिनाथनांगुनेरीतमिलनाडुपांड्य नाडु
80तिरुवैकुंठम (श्रीवैकुंठम)वैकुंठनाथश्रीवैकुंठमतमिलनाडुपांड्य नाडु
81तिरुवरगुणमंगैविजयासन पेरुमाळनत्तमतमिलनाडुपांड्य नाडु
82तिरुप्पुळिंगुडिकाय्चिन वेंदनतिरुप्पुळिंगुडितमिलनाडुपांड्य नाडु
83तिरुत्तोलैविल्लिमंगलम (इरट्टै तिरुपति)अरविंदलोचन पेरुमाळ (दो मंदिर)तोलैविल्लिमंगलमतमिलनाडुपांड्य नाडु
84तिरुक्कुळंदै (पेरुंगुळम)श्रीनिवास पेरुमाळपेरुंगुळमतमिलनाडुपांड्य नाडु
85तिरुक्कोळूरवैत्तमानिधि पेरुमाळतिरुक्कोळूरतमिलनाडुपांड्य नाडु
86तिरुप्पेरै (तेन्तिरुप्पेरै)मकर-नेडुंकुळैक्कादनतेन्तिरुप्पेरैतमिलनाडुपांड्य नाडु
87तिरुक्कुरुगूर (आळ्वार तिरुनगरि)आदिनाथ पेरुमाळआळ्वारतिरुनगरितमिलनाडुपांड्य नाडु
88श्रीविल्लिपुत्तूरवटपत्रशायी (और आंडाळ)श्रीविल्लिपुत्तूरतमिलनाडुपांड्य नाडु
89तिरुत्तंगलनारायण पेरुमाळतिरुत्तंगलतमिलनाडुपांड्य नाडु
90तिरुक्कूडल (मदुरै)कूडल अळगरमदुरैतमिलनाडुपांड्य नाडु
91तिरुमालिरुंचोलै (अळगर कोविल)कळ्ळळगर (सुंदरराज)अळगर कोविल, मदुरैतमिलनाडुपांड्य नाडु
92तिरुमोगूरकालमेघ पेरुमाळतिरुमोगूर, मदुरैतमिलनाडुपांड्य नाडु
93तिरुक्कोट्टियूरउरगमेल्लणैयान पेरुमाळतिरुक्कोष्टियूरतमिलनाडुपांड्य नाडु
94तिरुप्पुल्लाणिकल्याण जगन्नाथतिरुप्पुल्लाणि, रामनाथपुरमतमिलनाडुपांड्य नाडु
95तिरुमेय्यमसत्यगिरिनाथतिरुमयमतमिलनाडुपांड्य नाडु
96तिरुअयोध्यारामचंद्रअयोध्याउत्तर प्रदेशवड नाडु
97नैमिषारण्यदेवराज पेरुमाळनैमिषारण्य (नीमसार)उत्तर प्रदेशवड नाडु
98तिरुप्पिरिदि (ज्योतिर्मठ)परमपुरुषज्योतिर्मठ (जोशीमठ)उत्तराखंडवड नाडु
99तिरुक्कंडमेन्नुम कडिनगर (देवप्रयाग)पुरुषोत्तम पेरुमाळदेवप्रयागउत्तराखंडवड नाडु
100तिरुवदरि (बद्रीनाथ)बद्रीनारायणबद्रीनाथउत्तराखंडवड नाडु
101तिरुसालग्रामम (मुक्तिनाथ)श्रीमूर्तिमुक्तिनाथ, मुस्तांगनेपालवड नाडु
102तिरुवडमदुरै (मथुरा)गोवर्धनगिरिधारीमथुराउत्तर प्रदेशवड नाडु
103तिरुआयर्पाडि (गोकुल)नवमोहन कृष्णगोकुलउत्तर प्रदेशवड नाडु
104तिरुद्वारकै (द्वारका)द्वारकाधीशद्वारकागुजरातवड नाडु
105तिरुसिंगवेळ्कुन्रम (अहोबिलम)प्रह्लाद-वरद नरसिंहअहोबिलमआंध्र प्रदेशवड नाडु
106तिरुवेंकडम (तिरुमला)श्रीनिवास (वेंकटेश्वर)तिरुमला, तिरुपतिआंध्र प्रदेशवड नाडु
107तिरुप्पार्कडलक्षीराब्धिनाथक्षीरसागर—दिव्य लोक
108तिरुप्परमपदमपरमपदनाथवैकुंठ—दिव्य लोक

आळवार और मंगलाशासन

आळवार ("डूबे हुए", अर्थात् भक्ति में डूबे) तमिल भूमि के बारह वैष्णव संत-कवि थे। उनके चार हज़ार पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम् कहलाता है, और जिन 108 मंदिरों के गुण इन पदों में गाए गए, वे दिव्य देश कहलाते हैं; किसी मंदिर के लिए आळवार का पद उसका "मंगलाशासन" कहा जाता है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् (TTD) की सात खंडों की पुस्तक-माला "108 Vaishnavite Divya Desams" (एम. एस. रमेश, 1992-2000) हर दिव्य देश के साथ उसके चुने हुए पद और उनका अर्थ देती है।

परंपरा में इन मंदिरों को "भूलोक वैकुंठ" भी कहा जाता है, और लगभग हर दिव्य देश में विष्णु और लक्ष्मी की अलग सन्निधियाँ हैं। इनमें पहला श्रीरंगम का रंगनाथ मंदिर गिना जाता है, जो श्री वैष्णव परंपरा का प्रमुख केंद्र और रामानुज का कार्यक्षेत्र रहा।

छह क्षेत्र (नाडु)

परंपरा दिव्य देशों को पुराने तमिल प्रदेशों के नाम से गिनती है: चोल नाडु (कावेरी का डेल्टा: तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, कुंभकोणम, नागपट्टिनम और मयिलाडुतुरै के आसपास) 40; नडु नाडु (बीच का प्रदेश, कडलूर और तिरुक्कोयिलूर) 2; तोंडै नाडु (उत्तरी तमिलनाडु: कांचीपुरम, चेन्नई और आसपास) 22; मलै नाडु (आज का केरल और कन्याकुमारी) 13; पांड्य नाडु (दक्षिणी तमिलनाडु: मदुरै, तिरुनेलवेली, तूतुकुडि और आसपास) 18; और वड नाडु, यानी उत्तर का प्रदेश, जिसमें तिरुपति और अहोबिलम भी गिने जाते हैं, 11। इतिहास पत्रिका History Today (2023) में संजय एस. का अध्ययन यही गिनती देता है, और TTD की पुस्तक-माला के खंड भी इन्हीं क्षेत्रों के क्रम से हैं।

कांचीपुरम में अकेले चौदह दिव्य देश हैं, और तिरुनांगूर (मयिलाडुतुरै के पास) के आसपास ग्यारह, जिनके उत्सव-विग्रहों की एक साथ होने वाली गरुड़ सेवा प्रसिद्ध है (TTD, खंड 2: "Thirunangoor Eleven Garuda Sevai")।

स्रोतों में अंतर

  • क्रम: दिव्य देशों की क्रम-संख्या सूची-सूची में बदलती है। हमने विकिपीडिया की सूची का क्षेत्रवार क्रम लिया है (चोल, नडु, तोंडै, मलै, पांड्य, वड, फिर दो दिव्य लोक); TTD की पुस्तक-माला में हर क्षेत्र के भीतर क्रम अलग है।
  • एक दिव्य देश, कई मंदिर: तिरुत्तंजै मामणिक्कोविल तीन सन्निधियों (नीलमेघ, मणिकुंड्र और वीर नरसिंह) का, तिरुवालि-तिरुनगरि दो मंदिरों का, और तिरुत्तोलैविल्लिमंगलम ताम्रपर्णी की नहर के दोनों किनारों के दो मंदिरों का एक-एक दिव्य देश गिना जाता है (TTD, खंड 3 और 4; विकिपीडिया)।
  • राज्य और क्षेत्र: तिरुवट्टारु और तिरुवण्परिसारम आज तमिलनाडु के कन्याकुमारी ज़िले में हैं, पर परंपरा उन्हें मलै नाडु में गिनती है (TTD, खंड 7; विकिपीडिया)। वड नाडु में तिरुपति और अहोबिलम (आंध्र प्रदेश) भी गिने जाते हैं।
  • नाम और वर्तनी: तमिल नामों की हिंदी और अंग्रेज़ी वर्तनी स्रोतों में बहुत बदलती है (तिरुक्कोवलूर/तिरुक्कोयिलूर, तिरुवहींद्रपुरम/तिरुवंदिपुरम, तिरुनिन्रवूर/तिन्नानूर)। पेरुमाळ के नाम विकिपीडिया की सूची से हैं; कई मंदिरों में मूल विग्रह और उत्सव-विग्रह के नाम अलग हैं।
संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 3 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

108 दिव्य देश क्या हैं?

वे 108 विष्णु मंदिर जिनकी स्तुति बारह आळवार संतों ने नालायिर दिव्य प्रबंधम् में की है। इनमें 106 पृथ्वी पर हैं और दो, क्षीरसागर और वैकुंठ, पृथ्वी के बाहर माने जाते हैं।

पहला दिव्य देश कौन सा है?

श्रीरंगम (तिरुवरंगम) का रंगनाथ मंदिर, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु।

उत्तर भारत में कौन से दिव्य देश हैं?

वड नाडु के ग्यारह में से नौ: अयोध्या, नैमिषारण्य, मथुरा और गोकुल (उत्तर प्रदेश); बद्रीनाथ, देवप्रयाग और ज्योतिर्मठ (उत्तराखंड); द्वारका (गुजरात); और मुक्तिनाथ (नेपाल)। बाकी दो, तिरुपति और अहोबिलम, आंध्र प्रदेश में हैं।

कौन सा दिव्य देश भारत के बाहर है?

मुक्तिनाथ (तिरुसालग्रामम), नेपाल के मुस्तांग ज़िले में।

सबसे अधिक दिव्य देश किस राज्य में हैं?

तमिलनाडु में, 84; उसके बाद केरल में 11।

स्रोत

  1. एम. एस. रमेश, 108 Vaishnavite Divya Desams, खंड 1-7, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्, तिरुपति, 1992-2000 (खंड 1 तोंडै नाडु, 2-3 चोल और नडु नाडु, 4 पांड्य नाडु, 5-6 तिरुमला, अहोबिलम, क्षीरसागर और वैकुंठ, 7 मलै और वड नाडु; archive.org)
  2. संजय एस., "An Analysis of the Sacred Geography of Srivaisnavas using modern GIS with Reference to the 108 Divyadesam Temples", History Today, अंक 24, 2023, द हिस्ट्री एंड कल्चर सोसाइटी, नई दिल्ली (archive.org)
  3. विकिपीडिया: Divya Desam (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा), जो पी. एम. नीलकृष्णन, "Sri Divya Desams", Ancient Science of Life 11(3), 1992 का हवाला देता है

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