देवता

हनुमान

अन्य नाम:आंजनेयमारुतिपवनपुत्रबजरंगबलीकेसरीनंदन
समीक्षक: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम समीक्षा: 5 स्रोतगलती बताएँ
संक्षेप में

हनुमान रामायण के प्रमुख पात्र और श्रीराम के परम भक्त हैं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार वे केसरी और अंजना के पुत्र हैं और वायु देव उनके दिव्य पिता हैं। वे वानरराज सुग्रीव के मंत्री थे, और लंका जाकर सीता की खोज उन्होंने ही की।

रिश्ते

पितामातादिव्य पितारुद्र अवतारराजाआराध्यखोज और संदेशदहनकेसरीअंजनावायु देवशिवसुग्रीवश्रीरामसीतालंकाहनुमान
  • पिताकेसरीवाल्मीकि रामायण 4.66
  • माताअंजनावाल्मीकि रामायण 4.66
  • दिव्य पितावायु देववाल्मीकि रामायण 4.66
  • रुद्र अवतारशिवशैव मतशिव पुराण, शतरुद्र संहिता
  • राजासुग्रीववाल्मीकि रामायण, किष्किंधा कांड
  • आराध्यश्रीरामवाल्मीकि रामायण
  • खोज और संदेशसीतावाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड
  • दहनलंकावाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड
  • मुख्य कांडसुंदरकांडवाल्मीकि रामायण, कांड 5
  • स्तुतिहनुमान चालीसाहनुमान चालीसा

हनुमान के पिता कौन हैं? तीन उत्तर, तीनों स्रोत के साथ

यह प्रश्न दिखाता है कि एक ही बात पर ग्रंथों और परंपराओं के अलग-अलग उत्तर हो सकते हैं। SanatanBodh सभी मत उनके स्रोत के साथ दिखाता है।

केसरी

वानर प्रमुख केसरी और अंजना हनुमान के माता-पिता हैं।

वाल्मीकि रामायण 4.66

वायु देव

उसी प्रसंग में जाम्बवान बताते हैं कि हनुमान वायु देव के तेज से जन्मे, इसलिए वायु उनके दिव्य पिता हैं।

वाल्मीकि रामायण 4.66

शिव (रुद्र अवतार)

शैव परंपरा हनुमान को शिव के रुद्र अवतार के रूप में मानती है।

शिव पुराण, शतरुद्र संहिता

रामायण में प्रमुख प्रसंग

सुग्रीव के मंत्री

किष्किंधा में श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता हनुमान के माध्यम से हुई।

वाल्मीकि रामायण, किष्किंधा कांड

समुद्र लंघन और सीता की खोज

समुद्र पार कर लंका पहुँचे, अशोक वाटिका में सीता को श्रीराम की मुद्रिका और संदेश दिया।

वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड

लंका दहन

रावण के दरबार से लौटते हुए लंका को जलाया।

वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड

संजीवनी

युद्ध में लक्ष्मण के घायल होने पर औषधि पर्वत ले आए।

वाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमान के पिता कौन हैं?

वाल्मीकि रामायण (4.66) के अनुसार केसरी उनके पिता और अंजना माता हैं, और वायु देव उनके दिव्य पिता हैं। शैव परंपरा उन्हें शिव का रुद्र अवतार मानती है।

हनुमान किसके मंत्री थे?

वानरराज सुग्रीव के।

हनुमान चालीसा किसने लिखी?

परंपरा के अनुसार गोस्वामी तुलसीदास ने।

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण 4.66
  2. वाल्मीकि रामायण, किष्किंधा कांड
  3. वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड
  4. वाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड
  5. शिव पुराण, शतरुद्र संहिता

कुछ गलत लगा? गलती बताएँ