लक्ष्मी धन, समृद्धि, सौभाग्य और सौंदर्य की देवी हैं, और भगवान विष्णु की पत्नी। भागवत पुराण (8.8) के अनुसार वे समुद्र मंथन से हाथ में कमल लिए प्रकट हुईं और उन्होंने विष्णु का वरण किया। कार्तिक अमावस्या (दीपावली) की रात उनकी विशेष पूजा होती है।
रिश्ते
- पतिविष्णुभागवत पुराण 8.8
- पर्वदीपावलीपरंपरा (कार्तिक अमावस्या की लक्ष्मी पूजा)
- स्तुतिश्री सूक्तऋग्वेद, खिल सूक्त
- प्राकट्य कथा (समुद्र मंथन)भागवत पुराणभागवत पुराण 8.8
- अवतार (राम के साथ)सीताविष्णु पुराण 1.9
समुद्र मंथन से प्राकट्य
मंथन
देवताओं और असुरों ने मंदराचल पर्वत को मथानी और वासुकि नाग को रस्सी बनाकर क्षीरसागर को मथा।
भागवत पुराण 8.7लक्ष्मी का प्रकट होना
मंथन से अनेक रत्नों के बाद लक्ष्मी हाथ में कमल लिए प्रकट हुईं। दिशाओं के हाथियों (दिग्गजों) ने स्वर्ण कलशों से उनका अभिषेक किया; यही गजलक्ष्मी का रूप है।
भागवत पुराण 8.8विष्णु का वरण
देवों, ऋषियों और असुरों को देखकर लक्ष्मी ने विष्णु को वरमाला पहनाई, और विष्णु ने उन्हें अपने वक्षस्थल पर स्थान दिया।
भागवत पुराण 8.8अवतार और रूप
सीता और रुक्मिणी
विष्णु जब राम बने तब लक्ष्मी सीता बनीं, और कृष्ण के समय रुक्मिणी।
विष्णु पुराण 1.9भृगु की पुत्री
विष्णु पुराण में लक्ष्मी को पहले ऋषि भृगु और ख्याति की पुत्री कहा गया है; समुद्र मंथन से उनका फिर प्रकट होना बाद की कथा है।
विष्णु पुराण 1.8–1.9अष्टलक्ष्मी
परंपरा में लक्ष्मी के आठ रूप, जैसे आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, विजय और विद्या लक्ष्मी। नामों की सूची परंपरा के अनुसार कुछ बदलती है।
कमल
कमल पर विराजमान और हाथ में कमल; कीचड़ में खिलकर भी निर्मल रहने का प्रतीक माना जाता है।
दीपावली पर लक्ष्मी पूजा
कार्तिक अमावस्या की रात, प्रदोष काल में, लक्ष्मी और गणेश की साथ पूजा की परंपरा है। पूजा का शुभ समय हर शहर में अलग होता है; दीपावली के पन्ने पर अपने शहर का मुहूर्त देखें।
शास्त्रों में लक्ष्मी
हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥राघवत्वेऽभवत्सीता रुक्मिणी कृष्णजन्मनि ।नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लक्ष्मी जी का जन्म कैसे हुआ?
भागवत पुराण (8.8) के अनुसार समुद्र मंथन से, हाथ में कमल लिए। विष्णु पुराण (1.8–1.9) उन्हें पहले भृगु ऋषि की पुत्री भी बताता है।
लक्ष्मी का वाहन क्या है?
लोक परंपरा में उल्लू। गजलक्ष्मी रूप में दो हाथी उनका अभिषेक करते हैं, जिसका आधार भागवत पुराण (8.8) का मंथन प्रसंग है।
लक्ष्मी और विष्णु के अवतार कौन से हैं?
विष्णु पुराण (1.9) के अनुसार राम के साथ सीता और कृष्ण के साथ रुक्मिणी लक्ष्मी के ही रूप हैं।
श्री सूक्त क्या है?
ऋग्वेद के खिल (परिशिष्ट) भाग का सूक्त, जिसमें लक्ष्मी की स्तुति है। लक्ष्मी पूजा में इसका पाठ प्रमुख है।
स्रोत
- भागवत पुराण 8.7–8.8
- विष्णु पुराण 1.8–1.9
- ऋग्वेद, खिल सूक्त (श्री सूक्त)
- महालक्ष्मी अष्टकम्
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