देवता

माँ लक्ष्मी

अन्य नाम:श्रीकमलामहालक्ष्मी
समीक्षक: Aditi Tripathiअंतिम समीक्षा: 4 स्रोतगलती बताएँ
संक्षेप में

लक्ष्मी धन, समृद्धि, सौभाग्य और सौंदर्य की देवी हैं, और भगवान विष्णु की पत्नी। भागवत पुराण (8.8) के अनुसार वे समुद्र मंथन से हाथ में कमल लिए प्रकट हुईं और उन्होंने विष्णु का वरण किया। कार्तिक अमावस्या (दीपावली) की रात उनकी विशेष पूजा होती है।

रिश्ते

पतिपर्वस्तुतिप्राकट्य कथा (समुद्र मंथन)अवतार (राम के साथ)विष्णुदीपावलीश्री सूक्तभागवत पुराणसीतालक्ष्मी

समुद्र मंथन से प्राकट्य

मंथन

देवताओं और असुरों ने मंदराचल पर्वत को मथानी और वासुकि नाग को रस्सी बनाकर क्षीरसागर को मथा।

भागवत पुराण 8.7

लक्ष्मी का प्रकट होना

मंथन से अनेक रत्नों के बाद लक्ष्मी हाथ में कमल लिए प्रकट हुईं। दिशाओं के हाथियों (दिग्गजों) ने स्वर्ण कलशों से उनका अभिषेक किया; यही गजलक्ष्मी का रूप है।

भागवत पुराण 8.8

विष्णु का वरण

देवों, ऋषियों और असुरों को देखकर लक्ष्मी ने विष्णु को वरमाला पहनाई, और विष्णु ने उन्हें अपने वक्षस्थल पर स्थान दिया।

भागवत पुराण 8.8

अवतार और रूप

सीता और रुक्मिणी

विष्णु जब राम बने तब लक्ष्मी सीता बनीं, और कृष्ण के समय रुक्मिणी।

विष्णु पुराण 1.9

भृगु की पुत्री

विष्णु पुराण में लक्ष्मी को पहले ऋषि भृगु और ख्याति की पुत्री कहा गया है; समुद्र मंथन से उनका फिर प्रकट होना बाद की कथा है।

विष्णु पुराण 1.8–1.9

अष्टलक्ष्मी

परंपरा में लक्ष्मी के आठ रूप, जैसे आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, विजय और विद्या लक्ष्मी। नामों की सूची परंपरा के अनुसार कुछ बदलती है।

कमल

कमल पर विराजमान और हाथ में कमल; कीचड़ में खिलकर भी निर्मल रहने का प्रतीक माना जाता है।

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा

कार्तिक अमावस्या की रात, प्रदोष काल में, लक्ष्मी और गणेश की साथ पूजा की परंपरा है। पूजा का शुभ समय हर शहर में अलग होता है; दीपावली के पन्ने पर अपने शहर का मुहूर्त देखें।

शास्त्रों में लक्ष्मी

हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥
हे अग्निदेव, स्वर्ण जैसी आभा वाली, सोने-चाँदी की माला पहनने वाली, चंद्रमा जैसी शीतल और स्वर्णमयी लक्ष्मी को मेरे लिए बुलाओ।श्री सूक्त 1 (ऋग्वेद, खिल सूक्त)
राघवत्वेऽभवत्सीता रुक्मिणी कृष्णजन्मनि ।
(विष्णु के) राघव होने पर (लक्ष्मी) सीता हुईं, और कृष्ण जन्म में रुक्मिणी।विष्णु पुराण 1.9
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।
हे महामाया, श्रीपीठ पर विराजमान, देवताओं से पूजित, तुम्हें नमस्कार।महालक्ष्मी अष्टकम् 1

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मी जी का जन्म कैसे हुआ?

भागवत पुराण (8.8) के अनुसार समुद्र मंथन से, हाथ में कमल लिए। विष्णु पुराण (1.8–1.9) उन्हें पहले भृगु ऋषि की पुत्री भी बताता है।

लक्ष्मी का वाहन क्या है?

लोक परंपरा में उल्लू। गजलक्ष्मी रूप में दो हाथी उनका अभिषेक करते हैं, जिसका आधार भागवत पुराण (8.8) का मंथन प्रसंग है।

लक्ष्मी और विष्णु के अवतार कौन से हैं?

विष्णु पुराण (1.9) के अनुसार राम के साथ सीता और कृष्ण के साथ रुक्मिणी लक्ष्मी के ही रूप हैं।

श्री सूक्त क्या है?

ऋग्वेद के खिल (परिशिष्ट) भाग का सूक्त, जिसमें लक्ष्मी की स्तुति है। लक्ष्मी पूजा में इसका पाठ प्रमुख है।

स्रोत

  1. भागवत पुराण 8.7–8.8
  2. विष्णु पुराण 1.8–1.9
  3. ऋग्वेद, खिल सूक्त (श्री सूक्त)
  4. महालक्ष्मी अष्टकम्

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