
पंचांग: बुधवार, 14 अक्टूबर 2026
तिथि, नक्षत्र, योग, चौघड़िया और राहु काल, शहर के सूर्योदय के अनुसार।
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 6:21 AM और सूर्यास्त 5:53 PM पर है। सूर्योदय के समय आश्विन शुक्ल चतुर्थी तिथि है। राहु काल 12:07 PM से 1:33 PM तक और अभिजित मुहूर्त 11:44 AM से 12:30 PM तक है।
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
आश्विन शुक्ल चतुर्थी
चतुर्थी 1:14 AM तक, फिर पंचमी
- सूर्योदय
- 6:21 AM
- सूर्यास्त
- 5:53 PM
- दिनमान
- 11 घंटे 32 मिनट
- चंद्रोदय
- 9:49 AM
- चंद्रास्त
- 7:57 PM
- वार
- बुधवार
- नक्षत्र
- अनुराधा 4:04 AM तक
- योग
- आयुष्मान 8:40 PM तक
- करण (सूर्योदय पर)
- वणिज
- मास (पूर्णिमांत / अमांत)
- आश्विन / आश्विन
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:42 AM–5:31 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:44 AM–12:30 PM
- विजय मुहूर्त
- 2:02 PM–2:48 PM
अशुभ समय
- राहु काल
- 12:07 PM–1:33 PM
- यमगण्ड
- 7:48 AM–9:14 AM
- गुलिक काल
- 10:41 AM–12:07 PM
दिन का चौघड़िया
- लाभलाभदायक6:21 AM–7:48 AM
- अमृतसर्वश्रेष्ठ7:48 AM–9:14 AM
- कालअशुभ9:14 AM–10:41 AM
- शुभशुभ10:41 AM–12:07 PM
- रोगअशुभ12:07 PM–1:33 PM
- उद्वेगअशुभ1:33 PM–3:00 PM
- चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा3:00 PM–4:26 PM
- लाभलाभदायक4:26 PM–5:53 PM
रात का चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ5:53 PM–7:26 PM
- शुभशुभ7:26 PM–9:00 PM
- अमृतसर्वश्रेष्ठ9:00 PM–10:34 PM
- चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा10:34 PM–12:07 AM (15 अक्टू॰)
- रोगअशुभ12:07–1:41 AM (15 अक्टू॰)
- कालअशुभ1:41–3:15 AM (15 अक्टू॰)
- लाभलाभदायक3:15–4:48 AM (15 अक्टू॰)
- उद्वेगअशुभ4:48–6:22 AM (15 अक्टू॰)
गणना: सूर्य-चंद्र की स्थिति (astronomy-engine) और लाहिड़ी अयनांश से, Drik Panchang से मिलान। समय भारतीय मानक समय में। स्थानीय पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है। गणना कैसे होती है · आज की तिथि और अगले 15 दिन · आज का चौघड़िया नई दिल्ली · आज नई दिल्ली में चाँद कितने बजे निकलेगा · आज का राहु काल नई दिल्ली
आज बुधवार: गणेश जी की आरती, गणेश चालीसा, सुखकर्ता दुखहर्ता
पंचांग को समझें
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया में दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ, लाभ और चर को काम शुरू करने या यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है; उद्वेग, काल और रोग से बचा जाता है।
तिथि क्या होती है?
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि है। एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या।
पंचांग में दिन की तिथि कैसे तय होती है?
सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। इसे उदय तिथि कहते हैं। इसलिए अलग शहरों में तिथि का समय थोड़ा अलग होता है।
पूर्णिमांत और अमांत मास में क्या अंतर है?
पूर्णिमांत में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है (उत्तर भारत), अमांत में अमावस्या पर (दक्षिण और पश्चिम भारत)। शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक है, कृष्ण पक्ष में मास का नाम एक आगे होता है।
राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल कैसे निकलते हैं?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। सप्ताह के हर दिन एक तय भाग राहु काल होता है, जैसे सोमवार को दूसरा और शनिवार को तीसरा, और इसी तरह यमगण्ड और गुलिक काल के भाग तय हैं।
शहर के अनुसार आज का पंचांग
- नई दिल्ली
- वाराणसी
- मुंबई
- कोलकाता
- चेन्नई
- बेंगलुरु
- हैदराबाद
- अहमदाबाद
- जयपुर
- लखनऊ
- पटना
- भोपाल
- उज्जैन
- हरिद्वार
- पुणे
- गुवाहाटी
- नोएडा
- गुरुग्राम
- गाज़ियाबाद
- फरीदाबाद
- चंडीगढ़
- लुधियाना
- अमृतसर
- जम्मू
- देहरादून
- ऋषिकेश
- शिमला
- आगरा
- मथुरा
- प्रयागराज
- कानपुर
- अयोध्या
- गोरखपुर
- मेरठ
- बरेली
- जोधपुर
- उदयपुर
- कोटा
- अजमेर
- इंदौर
- ग्वालियर
- जबलपुर
- रायपुर
- गया
- मुज़फ़्फ़रपुर
- भागलपुर
- दरभंगा
- रांची
- जमशेदपुर
- धनबाद
- भुवनेश्वर
- पुरी
- सिलीगुड़ी
- सूरत
- वडोदरा
- राजकोट
- नागपुर
- नासिक
- पणजी
- विशाखापत्तनम
- तिरुपति
- मैसूरु
- कोच्चि
- तिरुवनंतपुरम
- कोयंबटूर
- मदुरै