दुर्गा अष्टमी 2026 में 19 अक्टूबर, सोमवार को है, और Drik Panchang के अनुसार महानवमी की पूजा भी इसी दिन होगी। 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि 10:53 AM पर समाप्त होकर नवमी लग जाती है; संधि पूजा 10:29–11:17 AM पर है और कन्या पूजन भी इसी दिन। नवमी 20 अक्टूबर को 12:52 PM तक रहती है, उसके बाद नवरात्रि का पारण है, और दशहरा भी 20 अक्टूबर, मंगलवार को है। तिथि के ये समय पूरे भारत में एक ही हैं।
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एक नज़र में
- दुर्गा अष्टमी
- 19 अक्टूबर 2026, सोमवार (माँ महागौरी की पूजा)
- महानवमी की पूजा
- 19 अक्टूबर 2026, सोमवार (बंगाल में 20 अक्टूबर)
- संधि पूजा
- 19 अक्टूबर, 10:29–11:17 AM
- कन्या पूजन
- 19 अक्टूबर, सोमवार; अष्टमी या नवमी, कुल-परंपरा के अनुसार
- सूर्योदय पर नवमी
- 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार (12:52 PM तक)
- नवमी होम
- 20 अक्टूबर, मंगलवार (Drik Panchang का नवरात्रि कैलेंडर)
- नवरात्रि पारण
- 20 अक्टूबर, मंगलवार, नवमी समाप्त होने (12:52 PM) के बाद
- दशहरा (विजयादशमी)
- 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार; बंगाल में विजया दशमी 21 अक्टूबर
अष्टमी और नवमी एक ही दिन क्यों?
इस बार सप्तमी तिथि 17 और 18 अक्टूबर, दोनों दिन सूर्योदय के समय है। अष्टमी 18 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद 8:29 AM पर लगती है और 19 अक्टूबर को 10:53 AM तक रहती है, यानी 19 अक्टूबर के सूर्योदय पर अष्टमी है; Drik Panchang दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर को ही देता है। उसी दिन 10:53 AM पर नवमी लग जाती है। Drik Panchang के महानवमी वाले पन्ने पर नियम दिया है: यदि अष्टमी तिथि के दिन सायंकाल से पहले अष्टमी और नवमी मिल जाएँ, तो अष्टमी पूजा, संधि पूजा और नवमी पूजा एक ही दिन की जाती हैं। 19 अक्टूबर को यह मिलन सुबह ही, सूर्यास्त (नई दिल्ली में 5:48 PM) से लगभग सात घंटे पहले हो जाता है, इसलिए इस वर्ष दोनों पूजाएँ एक ही दिन हैं।
महानवमी का नियम: पूर्वविद्धा और परविद्धा
Drik Panchang के अनुसार बंगाल को छोड़कर अधिकतर राज्यों में महानवमी पूर्वविद्धा नियम से मनाई जाती है: यदि पिछले दिन सूर्यास्त से पहले कम से कम तीन मुहूर्त तक नवमी रहे, तो महानवमी की पूजा और व्रत उसी पिछले दिन होते हैं। बंगाल में परविद्धा नियम चलता है: महानवमी उस दिन, जब सूर्योदय के बाद कम से कम एक मुहूर्त तक नवमी रहे। इसलिए 2026 में Drik Panchang नई दिल्ली के लिए महानवमी 19 अक्टूबर को देता है, जबकि बंगाल की दुर्गा पूजा में महानवमी 20 अक्टूबर और विजया दशमी 21 अक्टूबर को है। हमारी गणना में 19 अक्टूबर को नवमी हमारी सूची के सभी 66 शहरों में सूर्यास्त से लगभग छह घंटे या उससे भी पहले लग जाती है, जो तीन मुहूर्त (लगभग सवा दो घंटे) से कहीं अधिक है; इसलिए यह तारीख पूरे भारत के लिए एक ही है।
कन्या पूजन 2026 कब करें
परंपरा के अनुसार कन्या पूजन अष्टमी या नवमी को, अपनी कुल-परंपरा से किया जाता है। Drik Panchang के कुमारी पूजा (कन्या पूजा) वाले पन्ने पर भी लिखा है कि बहुत से लोग इसे एक ही दिन, अष्टमी पूजा या नवमी पूजा के दिन करते हैं, और 2026 के लिए नई दिल्ली की तारीख 19 अक्टूबर, सोमवार दी गई है। इस बार अष्टमी और नवमी, दोनों की पूजा 19 अक्टूबर को है, इसलिए दोनों परंपराओं वाले परिवारों के लिए यही दिन बनता है। उस दिन 10:53 AM तक अष्टमी है और उसके बाद नवमी। जो परिवार नवमी को सूर्योदय की तिथि से मानते हैं, उनके लिए 20 अक्टूबर की सुबह भी नवमी है (12:52 PM तक); ऐसे में अपने पुरोहित या परिवार के बड़ों से पूछकर दिन तय करें।
Drik Panchang से मिलान
इस पन्ने के समय हमारी पंचांग गणना से हैं (भारतीय मानक समय)। Drik Panchang में यही समय लगभग दो मिनट पहले हैं: अष्टमी 18 अक्टूबर 8:27 AM से 19 अक्टूबर 10:51 AM तक, संधि पूजा 10:27–11:15 AM, और नवमी 20 अक्टूबर को 12:50 PM तक। पंचांगों में इतना अंतर सामान्य है। सभी तारीखें, और नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त, दोनों में एक ही हैं।
पूजा विधि
- चरण 1
सुबह की पूजा
स्नान के बाद कलश और देवी की पूजा करें। नवदुर्गा के क्रम में अष्टमी को माँ महागौरी और नवमी को माँ सिद्धिदात्री की पूजा होती है; इस बार दोनों 19 अक्टूबर को हैं। दुर्गा सप्तशती या अपनी परंपरा का पाठ करें।
- चरण 2
संधि पूजा
19 अक्टूबर को 10:29–11:17 AM, जब अष्टमी समाप्त होकर नवमी लगती है। अपनी परंपरा के अनुसार दीपक जलाकर देवी की पूजा करें; बंगाल की परंपरा में इस समय 108 दीपक और 108 कमल अर्पित किए जाते हैं।
- चरण 3
कन्या पूजन
परंपरा के अनुसार कन्याओं को आदर से घर बुलाकर उनके पैर धोएँ, तिलक लगाएँ, भोजन कराएँ और दक्षिणा या उपहार देकर आशीर्वाद लें। Drik Panchang दो से दस वर्ष की कन्याओं को कुमारी पूजा के लिए उपयुक्त बताता है।
- चरण 4
नवमी होम (हवन)
Drik Panchang नवमी होम को नवमी पूजा के अंत में बताता है, और अपने नवरात्रि कैलेंडर में इसे 20 अक्टूबर को रखता है, जब सूर्योदय पर नवमी है। हवन का दिन अपनी परंपरा और पुरोहित के अनुसार रखें।
- चरण 5
पारण
Drik Panchang निर्णयसिन्धु के आधार पर बताता है कि नवरात्रि का पारण नवमी समाप्त होने और दशमी लगने पर किया जाता है: 20 अक्टूबर को 12:52 PM के बाद। बहुत से परिवार कन्या पूजन के बाद ही व्रत खोल लेते हैं; अपनी परंपरा के अनुसार करें।
श्लोक
सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा अष्टमी 2026 कब है?
19 अक्टूबर, सोमवार को। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 8:29 AM से 19 अक्टूबर 10:53 AM तक है, और 19 अक्टूबर के सूर्योदय पर अष्टमी है।
महानवमी 2026 कब है?
Drik Panchang (नई दिल्ली) के नवरात्रि कैलेंडर में महानवमी की पूजा भी 19 अक्टूबर, सोमवार को है, क्योंकि नवमी उसी दिन 10:53 AM से लग जाती है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय पर नवमी है (12:52 PM तक), और बंगाल में महानवमी इसी दिन मनाई जाती है।
अष्टमी और नवमी एक ही दिन क्यों है?
सप्तमी 17 और 18 अक्टूबर, दोनों दिन सूर्योदय पर है, इसलिए अष्टमी 19 अक्टूबर को आती है, और उसी सुबह 10:53 AM पर समाप्त होकर नवमी लग जाती है। Drik Panchang का नियम है कि अष्टमी के दिन सायंकाल से पहले अष्टमी और नवमी मिल जाएँ, तो अष्टमी पूजा, संधि पूजा और नवमी पूजा एक ही दिन होती हैं।
दुर्गा अष्टमी 19 को है या 20 को?
19 अक्टूबर, सोमवार को। 20 अक्टूबर को सूर्योदय पर अष्टमी नहीं, नवमी है; उस दिन नवरात्रि का पारण और दशहरा हैं।
कन्या पूजन 2026 कब करें?
Drik Panchang के अनुसार 19 अक्टूबर, सोमवार को, क्योंकि इस बार अष्टमी और नवमी, दोनों की पूजा इसी दिन है। परंपरा के अनुसार कोई परिवार अष्टमी को और कोई नवमी को कन्या पूजन करता है; 19 अक्टूबर को 10:53 AM तक अष्टमी और उसके बाद नवमी है। सूर्योदय की नवमी मानने वाले परिवार अपने पुरोहित से पूछ लें।
संधि पूजा का समय क्या है?
19 अक्टूबर को 10:29–11:17 AM, भारतीय मानक समय में पूरे भारत के लिए एक ही: अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट। Drik Panchang में यह 10:27–11:15 AM है; एक-दो मिनट का अंतर सामान्य है।
नवरात्रि का पारण कब है?
20 अक्टूबर, मंगलवार को, नवमी समाप्त होने (12:52 PM) के बाद; Drik Panchang निर्णयसिन्धु के आधार पर यही बताता है। बहुत से परिवार कन्या पूजन के बाद ही व्रत खोल लेते हैं; अपनी परंपरा के अनुसार करें।
दशहरा 2026 कब है?
20 अक्टूबर, मंगलवार को; उस दिन 12:52 PM से दशमी है। बंगाल में विजया दशमी (प्रतिमा विसर्जन) 21 अक्टूबर को है। अपने शहर का विजय मुहूर्त दशहरा के पन्ने पर देखें।
क्या ये समय हर शहर में एक ही हैं?
हाँ। अष्टमी, नवमी और संधि पूजा तिथि के क्षण हैं, जो पूरे भारत में एक साथ बदलते हैं, इसलिए भारतीय मानक समय में ये हर शहर के लिए एक ही हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त शहर के अनुसार बदलते हैं, पर इस वर्ष उनसे कोई तारीख नहीं बदलती।
स्रोत
- Drik Panchang, दुर्गा अष्टमी (महाष्टमी) 2026, नई दिल्ली: drikpanchang.com/navratri/durga-puja/mahashtami-date-time.html
- Drik Panchang, महानवमी 2026 (सायंकाल से पहले अष्टमी-नवमी मिलने पर एक ही दिन पूजा का नियम): drikpanchang.com/navratri/durga-puja/maha-navami-date-time.html
- Drik Panchang, बंगाल महानवमी 2026 (पूर्वविद्धा और परविद्धा नियम): drikpanchang.com/navratri/durga-puja/bengal/maha-navami-date-time.html
- Drik Panchang, संधि पूजा 2026 (नई दिल्ली और मुंबई): drikpanchang.com/navratri/shardiya-navratri-sandhipuja.html
- Drik Panchang, कुमारी पूजा (कन्या पूजा) 2026: drikpanchang.com/navratri/durga-puja/events/kumari-puja-date-time.html
- Drik Panchang, नवरात्रि पारण 2026 (निर्णयसिन्धु के अनुसार नियम): drikpanchang.com/navratri/events/navratri-parana-date-time.html
- Drik Panchang, शारदीय नवरात्रि 2026 और दुर्गा पूजा 2026 के कैलेंडर, 18–20 अक्टूबर का दैनिक पंचांग (नई दिल्ली); सभी पन्ने 4 अक्टूबर 2026 को देखे
- देवी कवच, श्लोक 3–5 (नवदुर्गा का क्रम)
- कन्या पूजन की विधि: लोक परंपरा
- तिथि, संधि पूजा और पारण का समय: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश), नई दिल्ली; Drik Panchang से लगभग 2 मिनट का अंतर
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