आयुध पूजा 2026 में 20 अक्टूबर, मंगलवार को है, कर्नाटक में भी और पूरे दक्षिण भारत में भी। Drik Panchang इसे उस दिन देता है जिस दिन सूर्योदय पर आश्विन शुक्ल नवमी हो: नवमी 19 अक्टूबर को 10:53 AM से 20 अक्टूबर को 12:52 PM तक है, इसलिए बेंगलुरु, चेन्नई और नई दिल्ली, सबके लिए तारीख 20 अक्टूबर है। कर्नाटक सरकार की 2026 की सूची में भी महानवमी और आयुध पूजा 20 अक्टूबर को हैं, जबकि तमिलनाडु सरकार ने आयुध पूजा की छुट्टी 19 अक्टूबर, सोमवार को रखी है। दक्षिण भारत में इसी दिन सरस्वती पूजा होती है, और अगली सुबह, 21 अक्टूबर, बुधवार को विजयादशमी पर बच्चों का विद्यारंभ (Drik Panchang)। अपने शहर का विजय मुहूर्त नीचे देखें।
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शहर-वार समय
नवमी और दशमी के समय हर शहर में एक ही हैं; विजय मुहूर्त और सूर्योदय शहर के अनुसार बदलते हैं। दूसरे शहर के लिए ऊपर के बॉक्स में शहर चुनें।
| शहर | विजय मुहूर्त | 21 अक्टूबर: विद्यारंभ |
|---|---|---|
| बेंगलुरु | 2:02–2:49 PM | सूर्योदय 6:11 AM |
| मैसूरु | 2:06–2:54 PM | सूर्योदय 6:14 AM |
| चेन्नई | 1:52–2:39 PM | सूर्योदय 6:00 AM |
| कोयंबटूर | 2:05–2:53 PM | सूर्योदय 6:12 AM |
| मदुरै | 2:01–2:48 PM | सूर्योदय 6:06 AM |
| कोच्चि | 2:08–2:56 PM | सूर्योदय 6:14 AM |
| तिरुवनंतपुरम | 2:06–2:54 PM | सूर्योदय 6:10 AM |
| हैदराबाद | 1:58–2:44 PM | सूर्योदय 6:11 AM |
| विशाखापत्तनम | 1:39–2:25 PM | सूर्योदय 5:52 AM |
| मुंबई | 2:20–3:06 PM | सूर्योदय 6:35 AM |
| नई दिल्ली | 1:59–2:45 PM | सूर्योदय 6:26 AM |
एक नज़र में
- आयुध पूजा
- 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार (Drik Panchang; कर्नाटक सरकार की सूची)
- तमिलनाडु की छुट्टी
- आयुध पूजा 19 अक्टूबर, सोमवार (राज्य सरकार की सूची)
- तिथि
- आश्विन शुक्ल नवमी: 19 अक्टूबर 10:53 AM से 20 अक्टूबर 12:52 PM तक
- सरस्वती पूजा (दक्षिण)
- 20 अक्टूबर, आयुध पूजा के साथ (Drik Panchang)
- सरस्वती पूजा, नक्षत्र से
- आवाहन 16, पूजा 17, बलिदान 18, विसर्जन 19 अक्टूबर (Drik Panchang)
- विद्यारंभ
- 21 अक्टूबर 2026, बुधवार; सूर्योदय पर दशमी (2:13 PM तक)
- विजयादशमी
- 20 अक्टूबर (Drik Panchang); कर्नाटक और केरल की सरकारी सूची में 21 अक्टूबर
- दूसरे नाम
- अस्त्र पूजा, शस्त्र पूजा, वाहन पूजा; तमिल में आयुत पूजै; केरल में विद्यारंभ को एऴुत्तिनिरुत्तु (Ezhuthiniruthu) भी कहते हैं
आयुध पूजा क्या है
Drik Panchang के अनुसार आयुध पूजा नवरात्रि में नवमी तिथि को, अधिकतर महानवमी को की जाती है, और मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाई जाती है: कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में। इसे अस्त्र पूजा और शस्त्र पूजा भी कहते हैं। पहले यह शस्त्रों की पूजा थी; अब इस दिन हर तरह के औज़ारों और यंत्रों की पूजा होती है। कारीगर अपने औज़ारों की पूजा करते हैं, जैसे देश के दूसरे भागों में विश्वकर्मा पूजा पर होती है, और बहुत से लोग अपने वाहनों की पूजा करते हैं, जिसे वाहन पूजा कहते हैं। दक्षिण भारत के कई कैलेंडर इसी दिन सरस्वती पूजा भी देते हैं: विद्यार्थी किताबें और कलाकार अपने वाद्य देवी के आगे रखते हैं। ये सब परंपरा के कर्म हैं; हर परिवार और मंदिर की रीति अलग हो सकती है।
आयुध पूजा 2026: 19 या 20 अक्टूबर?
अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर को 10:53 AM पर समाप्त होती है और उसके बाद नवमी लगती है, जो 20 अक्टूबर को 12:52 PM तक रहती है। इसलिए 20 अक्टूबर के सूर्योदय पर नवमी है, और Drik Panchang आयुध पूजा इसी दिन देता है: बेंगलुरु, चेन्नई और नई दिल्ली, तीनों के लिए, और अपने तमिल कैलेंडर (चेन्नई) में भी, जहाँ आयुत पूजै और सरस्वती पूजै 20 अक्टूबर को हैं। कर्नाटक सरकार की 2026 की छुट्टियों की सूची में भी महानवमी और आयुध पूजा 20 अक्टूबर को हैं। तमिलनाडु सरकार की सूची में आयुध पूजा 19 अक्टूबर, सोमवार को और विजयादशमी 20 अक्टूबर को है, यानी नवमी लगने वाले दिन; वहाँ के मंदिर और परिवार अपने पंचांग की रीति से दिन रखते हैं। उत्तर भारत की महानवमी पूजा इस बार 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी के साथ ही है (Drik Panchang का नियम, दुर्गा अष्टमी का पन्ना देखें); आयुध पूजा का दिन Drik सूर्योदय की नवमी से देता है।
राज्य अनुसार 2026 के दिन
कर्नाटक
महानवमी और आयुध पूजा 20 अक्टूबर, मंगलवार; विजयादशमी 21 अक्टूबर, बुधवार। मैसूरु दसरा 11 से 21 अक्टूबर, जंबू सवारी 21 अक्टूबर को।
कर्नाटक सरकार की 2026 की छुट्टियाँ (DPAR 16 HHL 2025)तमिलनाडु
आयुध पूजा 19 अक्टूबर, सोमवार; विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार। Drik Panchang का तमिल कैलेंडर आयुत पूजै और सरस्वती पूजै 20 अक्टूबर को और विद्यारंभ 21 अक्टूबर को देता है।
तमिलनाडु सरकार, G.O.(Ms.) No.708केरल
महानवमी 20 अक्टूबर, मंगलवार; विजयादशमी 21 अक्टूबर, बुधवार। Drik Panchang (कोच्चि) विद्यारंभ 21 अक्टूबर को देता है।
केरल सरकार, G.O.(P) No.14/2025/GADआंध्र प्रदेश और तेलंगाना
विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार; तेलंगाना में 21 अक्टूबर की भी छुट्टी। Drik Panchang (हैदराबाद) आयुध पूजा 20 अक्टूबर को देता है।
दोनों राज्यों की 2026 की सूचीसरस्वती पूजा: नक्षत्र के चार दिन
Drik Panchang नवरात्रि की सरस्वती पूजा चार दिनों में देता है, जो तिथि से नहीं, नक्षत्र से तय होते हैं: मूल नक्षत्र में सरस्वती आवाहन (16 अक्टूबर; मूल 16 अक्टूबर 6:48 AM से 17 अक्टूबर 9:48 AM तक), पूर्वाषाढ़ा में मुख्य सरस्वती पूजा (17 अक्टूबर; पूर्वाषाढ़ा 18 अक्टूबर 12:50 PM तक), उत्तराषाढ़ा में सरस्वती बलिदान (18 अक्टूबर; 19 अक्टूबर 3:39 PM तक) और श्रवण में सरस्वती विसर्जन (19 अक्टूबर; श्रवण 3:39 PM से)। Drik के अनुसार अधिकतर धर्मशास्त्र नवरात्रि की सरस्वती पूजा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में बताते हैं, जबकि दक्षिण भारत के कई कैलेंडर इसे आयुध पूजा के दिन, नवमी को देते हैं; इसीलिए Drik 20 अक्टूबर को "दक्षिण सरस्वती पूजा" भी लिखता है। नक्षत्र के क्षण पूरे भारत में एक ही हैं; Drik आवाहन, पूजा और बलिदान का मुहूर्त दिन के अंतिम पाँचवें भाग में देता है (कोच्चि, 17 अक्टूबर: 3:44–6:07 PM)।
केरल: पूजा वैप्पु से विद्यारंभ तक
Kerala Tourism के अनुसार केरल में नवरात्रि के अंतिम तीन दिन, दुर्गाष्टमी, महानवमी और विजयादशमी, देवी सरस्वती को समर्पित हैं। परंपरा से अष्टमी को किताबें घर और मंदिर के पूजा-स्थान में रख दी जाती हैं (पूजा वैप्पु), नवमी को औज़ारों और यंत्रों की आयुध पूजा होती है, और विजयादशमी को सरस्वती पूजा के बाद किताबें वापस लेकर पढ़ना शुरू किया जाता है। इन दिनों बच्चे उन किताबों से नहीं पढ़ते, और कारीगर भी अपने औज़ार पूजा में रखते हैं। Onmanorama के अनुसार किताबें उस शाम रखी जाती हैं जब अष्टमी तिथि हो; 2026 में पूजा वैप्पु का दिन केरल की सरकारी सूची में नहीं है, इसलिए वह अपने मंदिर या मलयालम पंचांग से देखें।
विद्यारंभ (एऴुत्तिनिरुत्तु)
विजयादशमी की सुबह छोटे बच्चों को अक्षर-ज्ञान का आरंभ कराया जाता है; इसे विद्यारंभ कहते हैं, और केरल में एऴुत्तिनिरुत्तु (Ezhuthiniruthu) भी। स्रोतों में बच्चों की आयु दो से पाँच वर्ष के बीच बताई गई है। परंपरा से बच्चा आचार्य या घर के बड़े की गोद में सरस्वती के चित्र के सामने बैठता है, आचार्य उसकी उँगली पकड़कर थाली में फैले चावल पर "ॐ हरि श्री गणपतये नमः" लिखवाते हैं, और फिर सोने की अँगूठी से वही अक्षर बच्चे की जीभ पर लिखते हैं। केरल में कोट्टयम का पनच्चिक्काड सरस्वती मंदिर और तिरूर का तुंचन परंबु इसके लिए प्रसिद्ध हैं, और कर्नाटक में कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर। 2026 में Drik Panchang विद्यारंभ 21 अक्टूबर, बुधवार को देता है, जब सूर्योदय पर दशमी है (दशमी 20 अक्टूबर 12:52 PM से 21 अक्टूबर 2:13 PM तक; कोच्चि में सूर्योदय 6:14 AM)।
मैसूरु दसरा में आयुध पूजा
मैसूरु महल में राजपरिवार महानवमी को आयुध पूजा करता है: राजसी तलवार (पट्टद कत्ति) और दूसरे शस्त्र साफ़ करके पूजे जाते हैं और जुलूस के लिए तैयार किए जाते हैं (Outlook Traveller, 2025)। 2019 में यह पूजा 7 अक्टूबर, महानवमी को महल के आँगन में हुई थी, जिसमें वाडियार वंश के शस्त्रों के साथ महल के घोड़ों और हाथियों की भी पूजा हुई, और फिर शस्त्र सोने की पालकी में भुवनेश्वरी मंदिर ले जाए गए (ETV Bharat)। 2026 में मैसूरु दसरा 11 से 21 अक्टूबर तक है, और जंबू सवारी 21 अक्टूबर को।
Drik Panchang से मिलान
इस पन्ने के समय हमारी पंचांग गणना से हैं (भारतीय मानक समय)। Drik Panchang में नवमी 19 अक्टूबर 10:51 AM से 20 अक्टूबर 12:50 PM तक और दशमी 21 अक्टूबर 2:11 PM तक है, यानी हमसे लगभग दो मिनट पहले; नक्षत्रों में एक-दो मिनट का अंतर है (मूल 6:47 AM से 9:47 AM, पूर्वाषाढ़ा 12:48 PM तक, उत्तराषाढ़ा 3:38 PM तक)। Drik का आयुध पूजा विजय मुहूर्त बेंगलुरु में 2:02–2:49 PM, चेन्नई में 1:51–2:39 PM और नई दिल्ली में 1:59–2:45 PM है; हमारी गणना 2:02–2:49, 1:52–2:39 और 1:59–2:45 PM देती है। सभी तारीखें दोनों में एक ही हैं।
पूजा विधि
- चरण 1
सफ़ाई और सजावट
परंपरा के अनुसार आयुध पूजा से पहले औज़ार, यंत्र, किताबें, वाद्य और वाहन साफ़ करके सजाए जाते हैं। Drik Panchang के अनुसार वाहनों को सिंदूर, मालाओं, आम के पत्तों और केले के पौधों से सजाया जाता है।
- चरण 2
पूजा के लिए रखना
किताबें, कलम, वाद्य और औज़ार देवी सरस्वती या दुर्गा के चित्र के आगे जलते दीपक के पास रखे जाते हैं। केरल में Kerala Tourism सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती के चित्रों के साथ औज़ारों की पूजा बताता है।
- चरण 3
आयुध और वाहन पूजा
नवमी को रखी हुई चीज़ों पर कुमकुम, चंदन और फूल चढ़ाकर पूजा करें, अपनी परंपरा का पाठ या मंत्र बोलें। Drik Panchang के अनुसार कई जगह वाहन के आगे सफ़ेद कद्दू (पेठा) फोड़ने की रीति है; 2019 में मैसूरु महल की आयुध पूजा में भी कद्दू काटने का कर्म हुआ था (ETV Bharat)।
- चरण 4
पूजा तक रखे रहना
परंपरा से पूजा में रखी किताबें और औज़ार विजयादशमी की पूजा तक वहीं रखे रहते हैं; केरल में इन दिनों बच्चे उन किताबों से नहीं पढ़ते।
- चरण 5
विजयादशमी: वापस लेना और विद्यारंभ
विजयादशमी की सुबह सरस्वती पूजा के बाद किताबें और औज़ार वापस लिए जाते हैं (केरल में पूजा एडुप्पु), और उसी सुबह बच्चों का विद्यारंभ होता है। 2026 में Drik Panchang के अनुसार यह 21 अक्टूबर, बुधवार है; तमिलनाडु और जिन जगहों पर विजयादशमी 20 अक्टूबर को है, वहाँ अपने मंदिर की रीति देखें।
श्लोक
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आयुध पूजा 2026 कब है?
20 अक्टूबर, मंगलवार को। Drik Panchang बेंगलुरु, चेन्नई और नई दिल्ली, सबके लिए आयुध पूजा 20 अक्टूबर को देता है, क्योंकि उस दिन सूर्योदय पर नवमी है (12:52 PM तक)। कर्नाटक की सरकारी सूची में भी यही दिन है; तमिलनाडु सरकार की छुट्टी 19 अक्टूबर, सोमवार को है।
आयुध पूजा 19 अक्टूबर को है या 20 को?
Drik Panchang के अनुसार 20 अक्टूबर, मंगलवार को। नवमी 19 अक्टूबर को 10:53 AM पर लगती है, यानी उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है, और 20 अक्टूबर के सूर्योदय पर नवमी है। तमिलनाडु सरकार ने आयुध पूजा की छुट्टी 19 अक्टूबर को रखी है, जिस दिन नवमी लगती है; वहाँ अपने मंदिर या पंचांग का दिन मानें।
कर्नाटक में आयुध पूजा और विजयादशमी 2026 कब है?
कर्नाटक सरकार की 2026 की सूची में महानवमी और आयुध पूजा 20 अक्टूबर, मंगलवार को और विजयादशमी 21 अक्टूबर, बुधवार को है। मैसूरु दसरा की जंबू सवारी भी 21 अक्टूबर को है। Drik Panchang दशहरा (विजयादशमी) 20 अक्टूबर को देता है, जब अपराह्न में दशमी है; 21 अक्टूबर को सूर्योदय पर दशमी है (2:13 PM तक)।
तमिलनाडु में आयुध पूजा (आयुत पूजै) 2026 कब है?
तमिलनाडु सरकार की 2026 की छुट्टियों की सूची में आयुध पूजा 19 अक्टूबर, सोमवार को और विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को है (G.O.(Ms.) No.708)। Drik Panchang का तमिल कैलेंडर (चेन्नई) आयुत पूजै और सरस्वती पूजै 20 अक्टूबर को देता है। अपने मंदिर या पंचांग की रीति से दिन तय करें।
सरस्वती पूजा 2026 कब है?
Drik Panchang नवरात्रि की सरस्वती पूजा नक्षत्र से देता है: आवाहन 16 अक्टूबर (मूल), मुख्य पूजा 17 अक्टूबर (पूर्वाषाढ़ा), बलिदान 18 अक्टूबर (उत्तराषाढ़ा) और विसर्जन 19 अक्टूबर (श्रवण)। दक्षिण भारत की सरस्वती पूजा आयुध पूजा के साथ नवमी को, 20 अक्टूबर को है।
विद्यारंभ 2026 कब है?
Drik Panchang (कोच्चि) के अनुसार 21 अक्टूबर, बुधवार को, जब सूर्योदय पर दशमी है; दशमी उस दिन 2:13 PM तक है। केरल सरकार की सूची में विजयादशमी भी 21 अक्टूबर को है। परंपरा से विद्यारंभ सुबह होता है; मंदिरों में समय वहाँ की घोषणा से देखें।
विद्यारंभ में बच्चा क्या लिखता है?
परंपरा से आचार्य या घर के बड़े बच्चे की उँगली पकड़कर थाली में फैले चावल पर "ॐ हरि श्री गणपतये नमः" लिखवाते हैं, और फिर सोने की अँगूठी से वही अक्षर बच्चे की जीभ पर लिखते हैं। यह केरल की रीति है, जिसे Kerala Tourism और दूसरे स्रोत बताते हैं।
आयुध पूजा का मुहूर्त क्या है?
Drik Panchang आयुध पूजा के पन्ने पर 20 अक्टूबर का विजय मुहूर्त देता है: नई दिल्ली में 1:59–2:45 PM, बेंगलुरु में 2:02–2:49 PM और चेन्नई में 1:52–2:39 PM (हमारी गणना)। इस समय तक दशमी लग चुकी होती है; नवमी 20 अक्टूबर को 12:52 PM तक है। पूजा का समय अपने परिवार, मंदिर या संस्था की परंपरा के अनुसार रखें।
क्या आयुध पूजा और महानवमी एक ही दिन हैं?
दक्षिण भारत में हाँ: कर्नाटक की सूची में महानवमी और आयुध पूजा दोनों 20 अक्टूबर को हैं, और केरल की सूची में महानवमी 20 अक्टूबर को। उत्तर भारत में Drik Panchang महानवमी की पूजा 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी के साथ देता है, क्योंकि उस दिन सूर्यास्त से पहले नवमी लग जाती है; बंगाल की महानवमी 20 अक्टूबर को है।
पूजा वैप्पु (पूजा में किताबें रखना) कब होता है?
केरल में परंपरा से दुर्गाष्टमी को किताबें पूजा में रखी जाती हैं (Onmanorama के अनुसार उस शाम, जब अष्टमी तिथि हो) और विजयादशमी की सुबह वापस ली जाती हैं। 2026 में इसका दिन केरल की सरकारी सूची में नहीं है; अपने मंदिर या मलयालम पंचांग से देखें।
स्रोत
- Drik Panchang, आयुध पूजा 2026 (बेंगलुरु, चेन्नई, नई दिल्ली, हैदराबाद, कोच्चि, मैसूरु):drikpanchang.com/navratri/durga-puja/ayudha-puja-date-time.html
- Drik Panchang, विद्यारंभ 2026 (कोच्चि): drikpanchang.com/navratri/saraswati-puja/vidyarambham-date-time.html
- Drik Panchang, सरस्वती आवाहन, सरस्वती पूजा, सरस्वती बलिदान और सरस्वती विसर्जन 2026 (कोच्चि): drikpanchang.com/navratri/saraswati-puja/
- Drik Panchang, आश्विन मास के त्योहार 2026 (बेंगलुरु) और तमिल कैलेंडर, अक्टूबर 2026 (चेन्नई); सभी पन्ने 10 अक्टूबर 2026 को देखे
- तमिलनाडु सरकार, G.O.(Ms.) No.708, 11 नवंबर 2025 (2026 की छुट्टियाँ)
- कर्नाटक सरकार की 2026 की छुट्टियाँ (DPAR 16 HHL 2025), जैसी Sakshi Post और greytHR ने छापी
- केरल सरकार की 2026 की छुट्टियाँ, G.O.(P) No.14/2025/GAD, जैसी Onmanorama, Goodreturns और greytHR ने छापी
- Kerala Tourism, Navarathri Festival (keralatourism.org): अंतिम तीन दिन, किताबें और औज़ार, विद्यारंभ
- Organiser, 2 अक्टूबर 2025: विद्यारंभ, "हरि श्री गणपतये नमः", पूजा वैप्पु; HinduPad: एऴुत्तिनिरुत्तु, अक्षराभ्यासम्
- Onmanorama, 1 अक्टूबर 2024: पूजा वैप्पु (किताबें, औज़ार और वाहन)
- मैसूरु महल की आयुध पूजा: Outlook Traveller (30 सितंबर 2025) और ETV Bharat (7 अक्टूबर 2019)
- सरस्वती-वंदना: sanskritdocuments.org (श्लोक संग्रह 2) और shlokam.org
- आयुध पूजा, वाहन पूजा और विद्यारंभ की रीति: लोक परंपरा
- तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश); Drik Panchang (बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, नई दिल्ली, 2026) से मिलान
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