विज्ञापन
गायत्री माता की आरती: जयति जय गायत्री माता PDF डाउनलोड करें
विज्ञापन
अर्थ, स्रोत और दूसरी आरती-चालीसा: sanatanbodh.in/stotra/gayatri-aarti/
“जयति जय गायत्री माता” वेदमाता गायत्री की आरती है। यह अखिल विश्व गायत्री परिवार की पूजा-पुस्तकों में छपती है और उसकी यज्ञ-पद्धति का हिस्सा है। इसमें गायत्री को आदिशक्ति, सविता की शक्ति और चारों वेदों से जुड़ी देवी कहा गया है। यह किसी विशेष वार से बँधी नहीं है; गायत्री जप, हवन और गायत्री जयंती पर गाई जाती है।
यहाँ अखिल विश्व गायत्री परिवार की पुस्तकों ‘गायत्री चालीसा’ और ‘कर्मकांड प्रदीप’ में छपा पाठ दिया गया है। कुछ संस्करणों में शब्द थोड़े अलग मिलते हैं, जैसे ‘जगत धातृ’, ‘भवहारिणी’, ‘अघहारी’, ‘प्रणविनी’, ‘दुःख दरिद्र’, ‘सत् मार्ग’ और पद 10 में ‘तुष्टि, पुष्टि माता’। कुछ स्रोतों में टेक के साथ ‘सत मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता’ पंक्ति भी जोड़ी जाती है। आरती में किसी कवि का नाम नहीं आता। गाते समय टेक हर पद के बाद दोहराई जाती है। गायत्री माता की एक और आरती ‘आरती श्री गायत्रीजी की, ज्ञानदीप और श्रद्धा की बाती’ भी गाई जाती है।
आरती के बाद प्रायः यह श्लोक बोला जाता है: कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
हर सुबह तिथि, राहु काल और आने वाले व्रत-त्योहार, WhatsApp पर एक छोटे संदेश में।चैनल फ़ॉलो करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस आरती में कितने पद हैं?
टेक के अलावा दस पद हैं। गाते समय टेक ‘जयति जय गायत्री माता’ हर पद के बाद दोहराई जाती है।
यह आरती कब गाई जाती है?
गायत्री मंत्र के जप, हवन या यज्ञ के बाद, गायत्री जयंती पर, और गायत्री परिवार के संस्कारों और सत्संगों में। यह किसी विशेष वार से बँधी नहीं है।
गायत्री माता और गायत्री मंत्र का क्या संबंध है?
गायत्री मंत्र ऋग्वेद (3.62.10) का मंत्र है, जो गायत्री छंद में है और जिसके देवता सविता (सूर्य) हैं। इसी मंत्र को देवी रूप में गायत्री माता या वेदमाता के नाम से पूजा जाता है। आरती भी उन्हें ‘सविता की शाश्वती शक्ति’ कहती है।
गायत्री जयंती कब होती है?
इसकी तिथि पर परंपराएँ अलग हैं: कहीं ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी, कहीं ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (गंगा दशहरा) और कहीं श्रावण पूर्णिमा को गायत्री जयंती मनाई जाती है।
स्रोत
- अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रकाशन: ‘गायत्री चालीसा’ और ‘कर्मकांड प्रदीप’
- गायत्री मंत्र: ऋग्वेद 3.62.10
कुछ गलत लगा? गलती बताएँ
पाठ का मिलान: awgp.org, awgp.org, awgp.org, drikpanchang.com
