नवरात्रि 2026 का दूसरा दिन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 (द्वितीया) है, और इस दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। इस दिन का रंग (एक आधुनिक रिवाज) सफ़ेद है।
हर सुबह तिथि, राहु काल और आने वाले व्रत-त्योहार, WhatsApp पर एक छोटे संदेश में।चैनल फ़ॉलो करें

माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान श्लोक
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥स्वरूप
- यहाँ “ब्रह्म” का अर्थ तप है: ब्रह्मचारिणी यानी तप का आचरण करने वाली।
- दाहिने हाथ में जप-माला, बाएँ हाथ में कमंडल; कोई वाहन नहीं, नंगे पाँव।
पूजा कैसे करें
- स्नान के बाद कलश और देवी की पूजा: जल, रोली, अक्षत, फूल और दीपक।
- माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान श्लोक पढ़कर उनका ध्यान करें।
- दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या अपनी परंपरा का पाठ।
- अंत में दुर्गा जी की आरती; भोग अपनी परंपरा के अनुसार।
यह नवरात्रि में रोज़ की पूजा का सामान्य क्रम है; विधि अपने पुरोहित या परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकती है।
माँ ब्रह्मचारिणी का भोग
शक्कर या मिश्री
प्रचलित परंपरा के अनुसार नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी को यह भोग लगाया जाता है। कुछ सूचियों में पंचामृत भी। अपने परिवार की रीति अलग हो तो वही मानें।
देवी भागवत पुराण (स्कंध 8, अध्याय 24) देवी के नैवेद्य तिथि के अनुसार बताता है, नौ रूपों के नाम से नहीं। इस दिन की तिथि के लिए उसमें है: द्वितीया को शक्कर (शर्करा)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवरात्रि के दूसरे दिन किस देवी की पूजा होती है?
माँ ब्रह्मचारिणी की। देवी कवच में दिए नवदुर्गा के क्रम में वे दूसरे स्थान पर हैं।
2026 में यह दिन कब है?
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026।
माँ ब्रह्मचारिणी को कौन सा भोग लगाते हैं?
प्रचलित परंपरा के अनुसार शक्कर या मिश्री। कुछ सूचियों में पंचामृत भी। अपने परिवार की रीति अलग हो तो वही मानें।
इस दिन का रंग कौन सा है?
सफ़ेद। दिन के अनुसार रंग पहनना शास्त्र का नियम नहीं, एक आधुनिक रिवाज है।
स्रोत
- ध्यान श्लोक: परंपरा से प्रचलित; गीता प्रेस “नवदुर्गा” और कल्याण “शक्ति अंक” (पृ. 642) से मिलान
- नवदुर्गा का क्रम: देवी कवच (दुर्गा सप्तशती से पहले पढ़ा जाने वाला), श्लोक 3–5
- स्वरूप: गीता प्रेस “नवदुर्गा”, Drik Panchang (नवदुर्गा)
- तारीख, तिथि और रंग: Drik Panchang, शारदीय नवरात्रि 2026 (नई दिल्ली); SanatanBodh पंचांग गणना
- भोग: प्रचलित परंपरा, वेबदुनिया, अमर उजाला, पंजाब केसरी, ईटीवी भारत और फ़्री प्रेस जर्नल की सूचियों से मिलान; तिथि का नैवेद्य: देवी भागवत पुराण, स्कंध 8, अध्याय 24
कुछ गलत लगा? गलती बताएँ
