नवरात्रि 2026 का सातवाँ दिन शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 (सप्तमी) है, और इस दिन माँ कालरात्रि की पूजा होती है। इस दिन का रंग (एक आधुनिक रिवाज) स्लेटी (ग्रे) है।
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इस बार सप्तमी तिथि 18 अक्टूबर के सूर्योदय पर भी है। Drik Panchang 18 अक्टूबर को किसी अलग देवी का नाम नहीं देता; अष्टमी उस दिन सुबह से शुरू होती है और माँ महागौरी की पूजा 19 अक्टूबर को है।

माँ कालरात्रि का ध्यान श्लोक
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥पाठभेद: अंतिम पंक्ति में गीता प्रेस की “नवदुर्गा” पुस्तिका “वर्धनमूर्धध्वजा” छापती है और कल्याण शक्ति अंक “वर्धन्मूर्धध्वजा”।
स्वरूप
- वर्ण घने अंधकार जैसा काला; वाहन गधा।
- रूप भयंकर है, पर वे शुभ फल देने वाली मानी जाती हैं, इसलिए उन्हें शुभंकरी भी कहते हैं।
पूजा कैसे करें
- स्नान के बाद कलश और देवी की पूजा: जल, रोली, अक्षत, फूल और दीपक।
- माँ कालरात्रि का ध्यान श्लोक पढ़कर उनका ध्यान करें।
- दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या अपनी परंपरा का पाठ।
- अंत में दुर्गा जी की आरती; भोग अपनी परंपरा के अनुसार।
यह नवरात्रि में रोज़ की पूजा का सामान्य क्रम है; विधि अपने पुरोहित या परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकती है।
माँ कालरात्रि का भोग
गुड़
प्रचलित परंपरा के अनुसार नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि को यह भोग लगाया जाता है। गुड़, या गुड़ से बनी कोई मिठाई। अपने परिवार की रीति अलग हो तो वही मानें।
देवी भागवत पुराण (स्कंध 8, अध्याय 24) देवी के नैवेद्य तिथि के अनुसार बताता है, नौ रूपों के नाम से नहीं। इस दिन की तिथि के लिए उसमें है: सप्तमी को गुड़।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवरात्रि के सातवें दिन किस देवी की पूजा होती है?
माँ कालरात्रि की। देवी कवच में दिए नवदुर्गा के क्रम में वे सातवें स्थान पर हैं।
2026 में यह दिन कब है?
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026।
माँ कालरात्रि को कौन सा भोग लगाते हैं?
प्रचलित परंपरा के अनुसार गुड़। गुड़, या गुड़ से बनी कोई मिठाई। अपने परिवार की रीति अलग हो तो वही मानें।
इस दिन का रंग कौन सा है?
स्लेटी (ग्रे)। दिन के अनुसार रंग पहनना शास्त्र का नियम नहीं, एक आधुनिक रिवाज है।
स्रोत
- ध्यान श्लोक: परंपरा से प्रचलित; गीता प्रेस “नवदुर्गा” और कल्याण “शक्ति अंक” (पृ. 642) से मिलान
- नवदुर्गा का क्रम: देवी कवच (दुर्गा सप्तशती से पहले पढ़ा जाने वाला), श्लोक 3–5
- स्वरूप: गीता प्रेस “नवदुर्गा”, Drik Panchang (नवदुर्गा)
- तारीख, तिथि और रंग: Drik Panchang, शारदीय नवरात्रि 2026 (नई दिल्ली); SanatanBodh पंचांग गणना
- भोग: प्रचलित परंपरा, वेबदुनिया, अमर उजाला, पंजाब केसरी, ईटीवी भारत और फ़्री प्रेस जर्नल की सूचियों से मिलान; तिथि का नैवेद्य: देवी भागवत पुराण, स्कंध 8, अध्याय 24
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