नवरात्रि · आठवाँ दिन

दुर्गा अष्टमी: माँ महागौरी

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

अष्टमी, दोपहर से पहले नवमी · रंग: मोरपंखी हरा

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 5 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ
श्वेत बैल पर विराजमान श्वेत वस्त्रों वाली माँ महागौरी की प्रतिमा, हाथों में त्रिशूल और डमरू
चित्र: AI से बनाया गया
संक्षेप में

दुर्गा अष्टमी 2026 सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को है, और इसी दिन माँ महागौरी की पूजा और कन्या पूजन होता है। नई दिल्ली में अष्टमी तिथि 8:29 AM (18 अक्टूबर) से 10:53 AM तक है, और संधि पूजा का समय 10:29–11:17 AM है। Drik Panchang इसी दिन महानवमी की पूजा भी बताता है।

दुर्गा अष्टमी और महानवमी 2026: दोनों 19 अक्टूबर को क्यों, कन्या पूजन और पारण कब

नवरात्रि 2026, सोमवार, 19 अक्टूबर 2026: रंग मोरपंखी हरा, माँ महागौरी
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माँ महागौरी का ध्यान श्लोक

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
जो श्वेत बैल पर सवार हैं, श्वेत वस्त्र पहनती हैं और पवित्र हैं, महादेव को आनंद देने वाली वे महागौरी शुभ प्रदान करें।परंपरा से प्रचलित ध्यान श्लोक

संधि पूजा का समय (19 अक्टूबर 2026)

10:29–11:17 AM

संधि पूजा अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट में होती है। तिथि एक ही क्षण पर बदलती है, इसलिए भारतीय मानक समय में यह समय पूरे भारत में एक ही है। Drik Panchang (10:27 AM–11:15 AM) से एक-दो मिनट का अंतर सामान्य है।

कन्या पूजन Drik Panchang अष्टमी को बताता है; कई परिवार नवमी को करते हैं। अपनी कुल परंपरा के अनुसार करें।

स्वरूप

  • अत्यंत गौर वर्ण; श्वेत बैल पर सवार, श्वेत वस्त्र।
  • चार भुजाएँ: त्रिशूल, डमरू, अभय मुद्रा और वर मुद्रा।

पूजा कैसे करें

  1. स्नान के बाद कलश और देवी की पूजा: जल, रोली, अक्षत, फूल और दीपक।
  2. माँ महागौरी का ध्यान श्लोक पढ़कर उनका ध्यान करें।
  3. दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या अपनी परंपरा का पाठ।
  4. अंत में दुर्गा जी की आरती; भोग अपनी परंपरा के अनुसार।

यह नवरात्रि में रोज़ की पूजा का सामान्य क्रम है; विधि अपने पुरोहित या परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकती है।

माँ महागौरी का भोग

नारियल

प्रचलित परंपरा के अनुसार नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी को यह भोग लगाया जाता है। नारियल, या नारियल की मिठाई। अपने परिवार की रीति अलग हो तो वही मानें।

देवी भागवत पुराण (स्कंध 8, अध्याय 24) देवी के नैवेद्य तिथि के अनुसार बताता है, नौ रूपों के नाम से नहीं। इस दिन की तिथि के लिए उसमें है: अष्टमी को नारियल।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवरात्रि के आठवें दिन किस देवी की पूजा होती है?

माँ महागौरी की। देवी कवच में दिए नवदुर्गा के क्रम में वे आठवें स्थान पर हैं।

2026 में यह दिन कब है?

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026।

माँ महागौरी को कौन सा भोग लगाते हैं?

प्रचलित परंपरा के अनुसार नारियल। नारियल, या नारियल की मिठाई। अपने परिवार की रीति अलग हो तो वही मानें।

इस दिन का रंग कौन सा है?

मोरपंखी हरा। दिन के अनुसार रंग पहनना शास्त्र का नियम नहीं, एक आधुनिक रिवाज है।

संधि पूजा कब है?

19 अक्टूबर 2026, 10:29–11:17 AM (पूरे भारत में, भारतीय मानक समय): अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट।

स्रोत

  1. ध्यान श्लोक: परंपरा से प्रचलित; गीता प्रेस “नवदुर्गा” और कल्याण “शक्ति अंक” (पृ. 642) से मिलान
  2. नवदुर्गा का क्रम: देवी कवच (दुर्गा सप्तशती से पहले पढ़ा जाने वाला), श्लोक 3–5
  3. स्वरूप: गीता प्रेस “नवदुर्गा”, Drik Panchang (नवदुर्गा)
  4. तारीख, तिथि और रंग: Drik Panchang, शारदीय नवरात्रि 2026 (नई दिल्ली); SanatanBodh पंचांग गणना
  5. भोग: प्रचलित परंपरा, वेबदुनिया, अमर उजाला, पंजाब केसरी, ईटीवी भारत और फ़्री प्रेस जर्नल की सूचियों से मिलान; तिथि का नैवेद्य: देवी भागवत पुराण, स्कंध 8, अध्याय 24

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