शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर 2027 से शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 तक है। व्रत में अन्न, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं लिए जाते; प्रचलित फलाहार में फल, दूध-दही, मेवे, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, समा के चावल और आलू सेंधा नमक के साथ खाए जाते हैं। धर्मसिन्धु पूरे नौ दिन न हो सकें तो सात, पाँच, तीन या एक दिन का व्रत, और एक समय भोजन का विकल्प देता है। पारण नवमी या दशमी को, कुल की रीति से होता है।
शास्त्र किसी ग्रंथ में पढ़ा गया नियम, ग्रंथ और स्थान के साथ। परंपरा लोक प्रथा, जैसा स्रोत बताते हैं; अपने परिवार की रीति से मिलाएँ।
व्रत के नियम
सबके लिए, सामर्थ्य के अनुसार शास्त्र
‘व्रत-परिचय’ के अनुसार स्त्री हो या पुरुष, सब नवरात्र कर सकते हैं; स्वयं न कर सकें तो पति-पत्नी, बड़ा बेटा, भाई या ब्राह्मण से पूजा करवाई जा सकती है। धर्मसिन्धु भी स्वयं पूजा न कर पाने पर दूसरे से करवाने की बात कहता है।
स्रोत: गीता प्रेस, व्रत-परिचय, पृ. 62–64 (नवरात्र); धर्मसिन्धु (काशीनाथ उपाध्याय), खेमराज श्रीकृष्णदास, बम्बई 1907: परिच्छेद 1 (एकादशी, पृ. 15–17), परिच्छेद 2 (नवरात्र, पृ. 78–81)
नौ दिन न हो सकें तो सात, पाँच, तीन या एक शास्त्र
धर्मसिन्धु के अनुसार पूरे नौ दिन संभव न हों तो तृतीया से सात दिन, पंचमी से पाँच, सप्तमी से तीन, अष्टमी से दो, या केवल अष्टमी या केवल नवमी का एक दिन रखा जा सकता है, अपने कुल की रीति के अनुसार। ‘व्रत-परिचय’ भी सात, पाँच, तीन या एक दिन का विकल्प देती है।
स्रोत: धर्मसिन्धु (काशीनाथ उपाध्याय), खेमराज श्रीकृष्णदास, बम्बई 1907: परिच्छेद 1 (एकादशी, पृ. 15–17), परिच्छेद 2 (नवरात्र, पृ. 78–81); धर्मसिन्धु, वसिष्ठदत्त मिश्र की हिंदी व्याख्या सहित, चौखम्बा संस्कृत सीरीज़, वाराणसी; गीता प्रेस, व्रत-परिचय, पृ. 62–64 (नवरात्र)
व्रत के रूप: उपवास, एकभक्त, नक्त, अयाचित शास्त्र
व्रत में जो बन सके वही करें: पूरा उपवास, दिन में एक बार भोजन (एकभक्त), केवल रात में एक बार (नक्त), या बिना माँगे जो मिले वह (अयाचित)। धर्मसिन्धु और ‘व्रत-परिचय’ दोनों ये विकल्प देते हैं, और Drik Panchang भी विशेष परिस्थिति में नक्त या एकभुक्त व्रत की बात कहता है।
स्रोत: धर्मसिन्धु (काशीनाथ उपाध्याय), खेमराज श्रीकृष्णदास, बम्बई 1907: परिच्छेद 1 (एकादशी, पृ. 15–17), परिच्छेद 2 (नवरात्र, पृ. 78–81); धर्मसिन्धु, वसिष्ठदत्त मिश्र की हिंदी व्याख्या सहित, चौखम्बा संस्कृत सीरीज़, वाराणसी; गीता प्रेस, व्रत-परिचय, पृ. 62–64 (नवरात्र); Drik Panchang: नवरात्रि के प्रश्न (आहार)
नवरात्र के कर्म शास्त्र
धर्मसिन्धु नवरात्र में घटस्थापना, कुलदेवता की पूजा, दुर्गा सप्तशती आदि का पाठ, अखंड दीप, सुहागिनों और कुमारियों को भोजन और कुमारी पूजन, और अंत में होम बताता है; साथ में यह भी कि हर कुल में ये सब नहीं होते, अपनी रीति से जितने हों।
स्रोत: धर्मसिन्धु (काशीनाथ उपाध्याय), खेमराज श्रीकृष्णदास, बम्बई 1907: परिच्छेद 1 (एकादशी, पृ. 15–17), परिच्छेद 2 (नवरात्र, पृ. 78–81); धर्मसिन्धु, वसिष्ठदत्त मिश्र की हिंदी व्याख्या सहित, चौखम्बा संस्कृत सीरीज़, वाराणसी
स्वास्थ्य पहले
गर्भावस्था, बीमारी, बढ़ती उम्र या नियमित दवा हो तो कठिन या निर्जल व्रत अपने डॉक्टर और परिवार के बड़ों से पूछकर ही रखें। व्रत भाव से होता है; सामर्थ्य के अनुसार हल्का नियम लेना भी व्रत ही है।
क्या खाएँ (फलाहार)
ग्रंथ व्रत के रूप बताते हैं, खाने की सूची नहीं देते। नीचे की चीज़ें प्रचलित रीति हैं; अपने परिवार की परंपरा से मिलाएँ।
फल, दूध-दही और मेवे परंपरा
मौसमी फल और रस, दूध, दही, छाछ, पनीर और मेवे (बादाम, अखरोट, काजू) फलाहार में लिए जाते हैं।
स्रोत: Drik Panchang: नवरात्रि के प्रश्न (आहार); वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, समा परंपरा
अन्न की जगह कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी-पूरी, साबूदाने की खिचड़ी, और समा (मोरधन) के चावल या आटा। Drik Panchang साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, मोरधन का आटा और मेवे गिनाता है; कुट्टू वेबदुनिया की सूचियों में है।
स्रोत: Drik Panchang: नवरात्रि के प्रश्न (आहार); वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
सब्ज़ियों में परंपरा
आलू, शकरकंद, अरबी, लौकी, कद्दू, टमाटर और खीरा प्रायः फलाहार में चलते हैं।
स्रोत: वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
सेंधा नमक परंपरा
व्रत के भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक डाला जाता है।
स्रोत: वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
क्या न खाएँ
अन्न परंपरा
व्रत रखने वाले अन्न से बचते हैं: गेहूँ, चावल, दालें, मक्का, सूजी और उनके आटे।
स्रोत: Drik Panchang: नवरात्रि के प्रश्न (आहार); वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; Wikipedia (अंग्रेज़ी): Navaratri, “Cuisine”
प्याज़, लहसुन, मांस और नशा परंपरा
प्याज़, लहसुन, मांस, अंडा और शराब नहीं लिए जाते। Drik Panchang व्रत न रखने वालों को भी इन दिनों प्याज़, लहसुन और सहजन के बिना शुद्ध शाकाहारी भोजन की सलाह देता है।
स्रोत: Drik Panchang: नवरात्रि के प्रश्न (आहार); वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; Wikipedia (अंग्रेज़ी): Navaratri, “Cuisine”
साधारण नमक परंपरा
व्रत के भोजन में सादा नमक नहीं, सेंधा नमक।
स्रोत: वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024; वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
पारण: व्रत कैसे खोलें
नवमी या दशमी को, कुल की रीति से शास्त्र
धर्मसिन्धु के अनुसार विसर्जन दशमी को होता है और उसी दिन विसर्जन के बाद पारण; दूसरे मत में पारण नवमी को ही। जहाँ नवमी को पारण की रीति है (धर्मसिन्धु दक्षिण के लोगों का नाम लेता है) वहाँ नवमी को, और जहाँ दशमी की रीति है वहाँ दशमी को। Drik Panchang भी यही दो मत देता है: नवमी समाप्त होने से पहले, या दशमी को।
स्रोत: धर्मसिन्धु (काशीनाथ उपाध्याय), खेमराज श्रीकृष्णदास, बम्बई 1907: परिच्छेद 1 (एकादशी, पृ. 15–17), परिच्छेद 2 (नवरात्र, पृ. 78–81); धर्मसिन्धु, वसिष्ठदत्त मिश्र की हिंदी व्याख्या सहित, चौखम्बा संस्कृत सीरीज़, वाराणसी; Drik Panchang: शारदीय नवरात्रि पारण 2026, नई दिल्ली
कन्या पूजन के बाद परंपरा
उत्तर भारत के बहुत से परिवारों में, खासकर स्त्रियाँ, अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन के बाद व्रत खोल लेती हैं; जिस साल अष्टमी और नवमी की पूजा एक ही दिन हो, उस दिन कन्या पूजन के बाद। कुछ घरों में सप्तमी को ही व्रत खुलता है।
स्रोत: Drik Panchang: शारदीय नवरात्रि पारण 2026, नई दिल्ली; वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवरात्रि व्रत में क्या खाएँ?
प्रचलित फलाहार में फल, दूध-दही, मेवे, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी, साबूदाना, समा के चावल, आलू और शकरकंद, सेंधा नमक के साथ। अन्न, प्याज़-लहसुन और मांस नहीं।
नवरात्रि व्रत में नमक खा सकते हैं?
प्रचलित रीति में साधारण नमक नहीं, सेंधा नमक लिया जाता है।
पूरे नौ दिन व्रत न रख सकें तो?
धर्मसिन्धु और गीता प्रेस की ‘व्रत-परिचय’ के अनुसार सात, पाँच, तीन या एक दिन (अष्टमी या नवमी) का व्रत भी रखा जा सकता है, और व्रत एक समय भोजन या रात के एक भोजन के रूप में भी।
कन्या पूजन के बाद व्रत खोल सकते हैं?
हाँ, उत्तर भारत के बहुत से परिवारों में अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन के बाद ही व्रत खोला जाता है। ग्रंथों में पारण नवमी या दशमी को बताया गया है; अपने परिवार की रीति के अनुसार करें।
स्रोत
- धर्मसिन्धु (काशीनाथ उपाध्याय), खेमराज श्रीकृष्णदास, बम्बई 1907: परिच्छेद 1 (एकादशी, पृ. 15–17), परिच्छेद 2 (नवरात्र, पृ. 78–81)
- धर्मसिन्धु, वसिष्ठदत्त मिश्र की हिंदी व्याख्या सहित, चौखम्बा संस्कृत सीरीज़, वाराणसी
- गीता प्रेस, व्रत-परिचय, पृ. 62–64 (नवरात्र)
- Drik Panchang: नवरात्रि के प्रश्न (आहार)
- Drik Panchang: शारदीय नवरात्रि पारण 2026, नई दिल्ली
- वेबदुनिया, नवरात्रि में क्या खाएँ और क्या नहीं, 23 सितंबर 2024
- वेबदुनिया, शारदीय नवरात्रि में कब खोलें उपवास, 23 सितंबर 2025
- Wikipedia (अंग्रेज़ी): Navaratri, “Cuisine”
- तारीखें और समय: SanatanBodh पंचांग गणना, Drik Panchang से मिलान (नई दिल्ली)
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