व्रत और पर्व

विवाह पंचमी 2026 कब है: 14 दिसंबर

सोमवार, 14 दिसंबर 2026

मार्गशीर्ष (अगहन) शुक्ल पंचमी

54 दिन बाद
लकड़ी के रेहल पर खुली हस्तलिखित रामायण की पोथी, एक पन्ने पर वन में कुटिया और धनुष-बाण का चित्र, पास में जलता दीया और गेंदे के फूल
चित्र: AI से बनाया गया

तिथि और सूर्योदय

पंचमी तिथिमार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी
4:49 PM (13 दिस॰) से 7:17 PM तक
सूर्योदय
7:05 AM

तिथि एक ही क्षण पर बदलती है, इसलिए पंचमी के समय पूरे भारत में एक ही हैं; सूर्योदय शहर के अनुसार। Drik Panchang इस दिन का कोई अलग पूजा मुहूर्त नहीं देता; मंदिरों में विवाह उत्सव उनके अपने समय पर होता है।

सोमवार, 14 दिसंबर 2026 के लिए, भारतीय मानक समय में, चुने हुए शहर के सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रह-स्थिति से। अलग-अलग पंचांगों में 1–2 मिनट का अंतर सामान्य है। गणना कैसे होती है

संक्षेप में

विवाह पंचमी 2026 में 14 दिसंबर, सोमवार को है (Drik Panchang)। पंचमी तिथि 13 दिसंबर को शाम 4:49 बजे से 14 दिसंबर को शाम 7:17 बजे तक है (Drik: 4:47 PM से 7:15 PM), इसलिए 14 दिसंबर के सूर्योदय पर पंचमी है। परंपरा के अनुसार मार्गशीर्ष (अगहन) शुक्ल पंचमी को जनकपुर में श्रीराम और सीता का विवाह हुआ था; इस दिन श्रीराम-सीता की पूजा होती है, विवाह का प्रसंग पढ़ा जाता है, और जनकपुर, मिथिला और अयोध्या के मंदिरों में विवाह उत्सव होता है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 7 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

एक नज़र में

तारीख
14 दिसंबर 2026, सोमवार
तिथि
मार्गशीर्ष (अगहन) शुक्ल पंचमी
पंचमी तिथि
13 दिसंबर शाम 4:49 से 14 दिसंबर शाम 7:17 बजे तक (Drik Panchang: 4:47 PM से 7:15 PM)
उत्सव
श्रीराम और सीता का विवाह
स्थान
जनकपुर (मिथिला), राजा जनक की नगरी
ग्रंथ
वाल्मीकि रामायण, बालकांड, सर्ग 66–73; रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 206–361
चारों भाइयों का विवाह
राम–सीता, लक्ष्मण–उर्मिला, भरत–मांडवी, शत्रुघ्न–श्रुतकीर्ति
मुख्य उत्सव
जनकपुर धाम (नेपाल), मिथिला, अयोध्या

विवाह पंचमी 2026: 14 दिसंबर

Drik Panchang 2026 में विवाह पंचमी सोमवार, 14 दिसंबर को देता है। नई दिल्ली के लिए Drik में पंचमी तिथि 13 दिसंबर को 4:47 PM से 14 दिसंबर को 7:15 PM तक है (हमारी गणना में 4:49 PM से 7:17 PM, लगभग 2 मिनट बाद), इसलिए 14 दिसंबर के सूर्योदय (Drik: 7:06 AM) पर पंचमी है। Drik Panchang इस दिन का कोई अलग पूजा मुहूर्त नहीं देता; पूजा सुबह स्नान के बाद होती है, और मंदिरों में विवाह उत्सव उनके अपने समय पर।

यह दिन विवाह पंचमी क्यों है

परंपरा के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को ही जनकपुर में श्रीराम और सीता का विवाह हुआ था (Drik Panchang; नेपाल पर्यटन बोर्ड)। ग्रंथों में तिथि नहीं दी गई: वाल्मीकि रामायण विवाह के लिए उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र बताती है (बालकांड 71.24, 72.13), और रामचरितमानस महीना बताता है, हेमंत ऋतु का अगहन (बालकांड, दोहा 312), और समय गोधूलि। पंचमी की तिथि परंपरा से आई है।

विवाह की कथा, संक्षेप में

विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के बाद राजा जनक की मिथिला ले गए। जनक ने बताया कि सीता उन्हें यज्ञ-भूमि जोतते समय हल की रेखा (सीता) से मिली थीं, और उन्होंने प्रण किया था कि जो शिव का धनुष चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। राम ने धनुष उठाकर चढ़ाया, और प्रत्यंचा खींचते ही धनुष टूट गया। दूत अयोध्या भेजे गए, राजा दशरथ बारात लेकर आए, और एक ही मंडप में चारों भाइयों का विवाह हुआ: राम का सीता से, लक्ष्मण का उर्मिला से, भरत का मांडवी से और शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति से। पूरी कथा, वाल्मीकि और तुलसीदास दोनों के अनुसार, कथा के पन्ने पर है।

स्वयंवर या वीर्य-शुल्क

वाल्मीकि रामायण में सीता “वीर्य-शुल्का” हैं, यानी उनका विवाह पराक्रम की शर्त पर है, और उस दिन राजाओं की कोई सभा नहीं: राजा पहले हार चुके थे। रामचरितमानस इसे “सीय स्वयंबर” कहता है, जहाँ राजाओं की सभा में धनुष टूटता है और सीता राम को जयमाला पहनाती हैं।

वाल्मीकि रामायण, बालकांड 66–67; रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 240–264

परशुराम

मानस में परशुराम धनुष टूटते ही जनकपुर की सभा में आते हैं; वाल्मीकि रामायण में वे विवाह के बाद अयोध्या लौटती बारात को रास्ते में मिलते हैं।

रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 268–285; वाल्मीकि रामायण, बालकांड 74–76

पुष्प वाटिका

जनक की फुलवारी में राम और सीता के पहली बार एक-दूसरे को देखने और सीता की गौरी पूजा का प्रसंग केवल रामचरितमानस में है।

रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 226–237

इस दिन क्या करते हैं: परंपरा

नीचे की रीतियाँ परंपरा और आयोजनों की हैं; क्षेत्र के अनुसार ये बदलती हैं।

पूजा और पाठ

सुबह स्नान करके संकल्प, और श्रीराम-सीता की मूर्ति या चित्र की धूप, दीप, फूल, फल, नैवेद्य और पंचामृत से पूजा; वाल्मीकि रामायण या रामचरितमानस से सीता स्वयंवर और विवाह का प्रसंग पढ़ा जाता है, और शाम को विवाह की झाँकी, भजन-कीर्तन और मंगल गीत होते हैं।

Drik Panchang

कथा विवाह पर ही पूरी

कई जगह इस दिन की कथा या मानस पाठ विवाह के प्रसंग पर ही पूरा कर दिया जाता है।

वेबदुनिया; DNA हिंदी (2022)

जनकपुर धाम (नेपाल)

जानकी मंदिर और उसका विवाह मंडप उत्सव का केंद्र है; लगभग एक सप्ताह तक शोभा यात्राओं के साथ राम-सीता विवाह का उत्सव होता है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड (ntb.gov.np); Drik Panchang

अयोध्या से बारात

हर वर्ष अयोध्या से राम की बारात जनकपुर जाती है।

द राइज़िंग नेपाल (28 नवंबर 2022); अमर उजाला (26 नवंबर 2024)

पूजा विधि

  1. चरण 1

    स्नान और संकल्प

    सुबह स्नान करके पूजा का संकल्प लें; कई लोग व्रत भी रखते हैं (Drik Panchang)।

  2. चरण 2

    राम-सीता की स्थापना

    पूजा-स्थान पर श्रीराम और सीता की मूर्ति या चित्र साथ रखें।

  3. चरण 3

    पूजा

    धूप, दीप, फूल, फल, नैवेद्य और पंचामृत अर्पित करें।

  4. चरण 4

    विवाह प्रसंग का पाठ

    वाल्मीकि रामायण (बालकांड) या रामचरितमानस (बालकांड) से सीता स्वयंवर और विवाह का प्रसंग पढ़ें या सुनें।

  5. चरण 5

    आरती और मंगल गीत

    “श्रीरामचंद्र कृपालु भजु मन” जैसी स्तुति और आरती करें; शाम को परिवार और मंदिरों में मंगल गीत गाए जाते हैं।

श्लोक

हिम रितु अगहनु मासु सुहावा
हेमंत ऋतु थी और अगहन (मार्गशीर्ष) का सुहावना महीना था: रामचरितमानस इसी समय राम-सीता के विवाह का लग्न बताता है।रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 312 की चौपाई (गीता प्रेस पाठ)

परिवार

स्रोत: वाल्मीकि रामायण, बालकांड, सर्ग 66, श्लोक 13–14; बालकांड, सर्ग 71, श्लोक 20–22; रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 324 की चौपाई 1–2; वाल्मीकि रामायण; वाल्मीकि रामायण, अयोध्याकांड, सर्ग 117–118; वाल्मीकि रामायण, उत्तरकांड, सर्ग 66

देवता, पात्र और ऋषि 5

  • हनुमान · संदेशवाहकवाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड
  • रावण · हरणकर्तावाल्मीकि रामायण, अरण्य कांड
  • लक्ष्मी · मूल स्वरूपविष्णु पुराण 1.9
  • वाल्मीकि · आश्रय देने वाले मुनिवाल्मीकि रामायण, उत्तरकांड, सर्ग 49
  • संपाति · जिनका पता बताने वालेवाल्मीकि रामायण, किष्किंधाकांड, सर्ग 58

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विवाह पंचमी 2026 कब है?

14 दिसंबर, सोमवार को, मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी के दिन (Drik Panchang)। पंचमी तिथि 13 दिसंबर को शाम 4:49 बजे से 14 दिसंबर को शाम 7:17 बजे तक है।

राम-सीता का विवाह किस दिन हुआ था?

परंपरा के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को। ग्रंथ तिथि नहीं बताते: वाल्मीकि रामायण उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (बालकांड 71.24) और रामचरितमानस अगहन का महीना (बालकांड, दोहा 312) बताते हैं।

क्या विवाह पंचमी पर शादी करते हैं?

इस पर अलग-अलग मान्यताएँ हैं। ETV भारत (दरभंगा, 2020) और DNA हिंदी (2022) के अनुसार मिथिला में कई परिवार इस दिन बेटियों का विवाह नहीं करते, क्योंकि विवाह के बाद सीता जी का जीवन कष्टों में बीता; यह लोक मान्यता है, शास्त्र का नियम नहीं। नेपाल पर्यटन बोर्ड इस दिन को विवाह के लिए शुभ बताता है। हमारी दिसंबर 2026 की विवाह मुहूर्त सूची (नई दिल्ली) में 14 दिसंबर विवाह मुहूर्त का दिन नहीं है; अपने पुरोहित से पूछें।

राम-सीता के विवाह के समय और किसके विवाह हुए?

उसी मंडप में चारों भाइयों के: राम का सीता से, लक्ष्मण का उर्मिला से (दोनों जनक की बेटियाँ), और भरत का मांडवी से और शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति से (जनक के भाई की बेटियाँ: वाल्मीकि में कुशध्वज, मानस में कुसकेतु)।

विवाह पंचमी पर क्या पढ़ें?

परंपरा से वाल्मीकि रामायण या रामचरितमानस के बालकांड से सीता स्वयंवर और विवाह का प्रसंग (Drik Panchang)। मानस बालकांड के अंत (दोहा 361) में कहता है कि जो सीता-राम का विवाह प्रेम से गाते-सुनते हैं, उन्हें सदा आनंद मिलता है।

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण, बालकांड, सर्ग 31, 49–50, 66–77 (संस्कृत पाठ: valmikiramayan.net और संस्कृत विकिस्रोत)
  2. रामचरितमानस, बालकांड, दोहा 206–361 (गीता प्रेस पाठ; mnsgranth.com और swargarohan.org से मिलान)
  3. Drik Panchang: विवाह पंचमी 2026 (नई दिल्ली; तिथि, महत्व और पूजा) और 14 दिसंबर 2026 का पंचांग
  4. नेपाल पर्यटन बोर्ड: Vivah Panchami (ntb.gov.np); विकिपीडिया: Vivaha Panchami
  5. द राइज़िंग नेपाल (28 नवंबर 2022) और अमर उजाला (26 नवंबर 2024): जनकपुर का उत्सव और अयोध्या से बारात
  6. ETV भारत, दरभंगा (2020), DNA हिंदी (2022) और वेबदुनिया: मिथिला की मान्यताएँ
  7. तिथि, सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश); Drik Panchang (नई दिल्ली, 2026; 20 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) से मिलान

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