पंचांग: शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

तिथि, नक्षत्र, योग, चौघड़िया और राहु काल, शहर के सूर्योदय के अनुसार।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 6:15 AM और सूर्यास्त 6:06 PM पर है। सूर्योदय के समय आश्विन कृष्ण षष्ठी तिथि है। राहु काल 10:41 AM से 12:10 PM तक और अभिजित मुहूर्त 11:47 AM से 12:34 PM तक है।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली

आश्विन कृष्ण षष्ठी

षष्ठी 10:16 AM तक, फिर सप्तमी

सूर्योदय
6:15 AM
सूर्यास्त
6:06 PM
दिनमान
11 घंटे 52 मिनट
चंद्रोदय
10:26 PM
चंद्रास्त
12:03 PM
वार
शुक्रवार
नक्षत्र
मृगशिरा 2:56 AM तक
योग
व्यतीपात 6:19 PM तक
करण (सूर्योदय पर)
वणिज
मास (पूर्णिमांत / अमांत)
आश्विन / भाद्रपद
सूर्य राशि
कन्या
चंद्र राशि
वृषभ

शुभ समय

अभिजित मुहूर्त
11:47 AM–12:34 PM
विजय मुहूर्त
2:09 PM–2:56 PM

अशुभ समय

राहु काल
10:41 AM–12:10 PM
यमगण्ड
3:08 PM–4:37 PM
गुलिक काल
7:43 AM–9:12 AM

दिन का चौघड़िया

  1. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा6:15 AM–7:43 AM
  2. लाभलाभदायक7:43 AM–9:12 AM
  3. अमृतसर्वश्रेष्ठ9:12 AM–10:41 AM
  4. कालअशुभ10:41 AM–12:10 PM
  5. शुभशुभ12:10 PM–1:39 PM
  6. रोगअशुभ1:39 PM–3:08 PM
  7. उद्वेगअशुभ3:08 PM–4:37 PM
  8. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा4:37 PM–6:06 PM

रात का चौघड़िया

  1. रोगअशुभ6:06 PM–7:37 PM
  2. कालअशुभ7:37 PM–9:08 PM
  3. लाभलाभदायक9:08 PM–10:40 PM
  4. उद्वेगअशुभ10:40 PM–12:11 AM (3 अक्टू॰)
  5. शुभशुभ12:11–1:42 AM (3 अक्टू॰)
  6. अमृतसर्वश्रेष्ठ1:42–3:13 AM (3 अक्टू॰)
  7. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा3:13–4:44 AM (3 अक्टू॰)
  8. रोगअशुभ4:44–6:15 AM (3 अक्टू॰)

गणना: सूर्य-चंद्र की स्थिति (astronomy-engine) और लाहिड़ी अयनांश से, Drik Panchang से मिलान। समय भारतीय मानक समय में। स्थानीय पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है। गणना कैसे होती है · आज की तिथि और अगले 15 दिन · आज का चौघड़िया नई दिल्ली · आज नई दिल्ली में चाँद कितने बजे निकलेगा · आज का राहु काल नई दिल्ली

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पंचांग को समझें

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया में दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ, लाभ और चर को काम शुरू करने या यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है; उद्वेग, काल और रोग से बचा जाता है।

तिथि क्या होती है?

चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि है। एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या।

पंचांग में दिन की तिथि कैसे तय होती है?

सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। इसे उदय तिथि कहते हैं। इसलिए अलग शहरों में तिथि का समय थोड़ा अलग होता है।

पूर्णिमांत और अमांत मास में क्या अंतर है?

पूर्णिमांत में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है (उत्तर भारत), अमांत में अमावस्या पर (दक्षिण और पश्चिम भारत)। शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक है, कृष्ण पक्ष में मास का नाम एक आगे होता है।

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल कैसे निकलते हैं?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। सप्ताह के हर दिन एक तय भाग राहु काल होता है, जैसे सोमवार को दूसरा और शनिवार को तीसरा, और इसी तरह यमगण्ड और गुलिक काल के भाग तय हैं।

शहर के अनुसार आज का पंचांग