पंचांग: रविवार, 18 अक्टूबर 2026

तिथि, नक्षत्र, योग, चौघड़िया और राहु काल, शहर के सूर्योदय के अनुसार।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 6:24 AM और सूर्यास्त 5:49 PM पर है। सूर्योदय के समय आश्विन शुक्ल सप्तमी तिथि है। राहु काल 4:23 PM से 5:49 PM तक और अभिजित मुहूर्त 11:43 AM से 12:29 PM तक है।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली

आश्विन शुक्ल सप्तमी

सप्तमी 8:29 AM तक, फिर अष्टमी

सूर्योदय
6:24 AM
सूर्यास्त
5:49 PM
दिनमान
11 घंटे 25 मिनट
चंद्रोदय
1:10 PM
चंद्रास्त
11:27 PM
वार
रविवार
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 12:50 PM तक
योग
सुकर्मा 11:57 PM तक
करण (सूर्योदय पर)
वणिज
मास (पूर्णिमांत / अमांत)
आश्विन / आश्विन
सूर्य राशि
तुला
चंद्र राशि
धनु

शुभ समय

अभिजित मुहूर्त
11:43 AM–12:29 PM
विजय मुहूर्त
2:00 PM–2:46 PM

अशुभ समय

राहु काल
4:23 PM–5:49 PM
यमगण्ड
12:06 PM–1:32 PM
गुलिक काल
2:57 PM–4:23 PM

दिन का चौघड़िया

  1. उद्वेगअशुभ6:24 AM–7:49 AM
  2. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा7:49 AM–9:15 AM
  3. लाभलाभदायक9:15 AM–10:41 AM
  4. अमृतसर्वश्रेष्ठ10:41 AM–12:06 PM
  5. कालअशुभ12:06 PM–1:32 PM
  6. शुभशुभ1:32 PM–2:57 PM
  7. रोगअशुभ2:57 PM–4:23 PM
  8. उद्वेगअशुभ4:23 PM–5:49 PM

रात का चौघड़िया

  1. शुभशुभ5:49 PM–7:23 PM
  2. अमृतसर्वश्रेष्ठ7:23 PM–8:58 PM
  3. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा8:58 PM–10:32 PM
  4. रोगअशुभ10:32 PM–12:06 AM (19 अक्टू॰)
  5. कालअशुभ12:06–1:41 AM (19 अक्टू॰)
  6. लाभलाभदायक1:41–3:15 AM (19 अक्टू॰)
  7. उद्वेगअशुभ3:15–4:50 AM (19 अक्टू॰)
  8. शुभशुभ4:50–6:24 AM (19 अक्टू॰)

गणना: सूर्य-चंद्र की स्थिति (astronomy-engine) और लाहिड़ी अयनांश से, Drik Panchang से मिलान। समय भारतीय मानक समय में। स्थानीय पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है। गणना कैसे होती है · आज की तिथि और अगले 15 दिन · आज का चौघड़िया नई दिल्ली · आज नई दिल्ली में चाँद कितने बजे निकलेगा · आज का राहु काल नई दिल्ली

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पंचांग को समझें

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया में दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ, लाभ और चर को काम शुरू करने या यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है; उद्वेग, काल और रोग से बचा जाता है।

तिथि क्या होती है?

चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि है। एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या।

पंचांग में दिन की तिथि कैसे तय होती है?

सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। इसे उदय तिथि कहते हैं। इसलिए अलग शहरों में तिथि का समय थोड़ा अलग होता है।

पूर्णिमांत और अमांत मास में क्या अंतर है?

पूर्णिमांत में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है (उत्तर भारत), अमांत में अमावस्या पर (दक्षिण और पश्चिम भारत)। शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक है, कृष्ण पक्ष में मास का नाम एक आगे होता है।

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल कैसे निकलते हैं?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। सप्ताह के हर दिन एक तय भाग राहु काल होता है, जैसे सोमवार को दूसरा और शनिवार को तीसरा, और इसी तरह यमगण्ड और गुलिक काल के भाग तय हैं।

शहर के अनुसार आज का पंचांग