नामावलीदुर्गा

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली: 108 नाम

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 9 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ
मंदिर में संध्या आरती: पुजारी के हाथ में पाँच बत्ती वाला पीतल का दीपक, पीछे सजी प्रतिमाएँ और हाथ जोड़े भक्त
चित्र: AI से बनाया गया
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  1. 1

    ॐ सत्यै नमः।

    दक्ष की पुत्री और शिव की पत्नी सती को नमस्कार।

  2. 2

    ॐ साध्व्यै नमः।

    सदाचार वाली, पवित्र स्वभाव की साध्वी को नमस्कार।

  3. 3

    ॐ भवप्रीतायै नमः।

    भव (भगवान शिव) से प्रेम करने वाली को नमस्कार।

  4. 4

    ॐ भवान्यै नमः।

    भव (शिव) की पत्नी भवानी को नमस्कार।

  5. 5

    ॐ भवमोचन्यै नमः।

    संसार के बंधन से छुड़ाने वाली को नमस्कार।

  6. 6

    ॐ आर्यायै नमः।

    श्रेष्ठ और आदरणीय देवी आर्या को नमस्कार।

  7. 7

    ॐ दुर्गायै नमः।

    कठिनाई से जानी और पाई जाने वाली देवी दुर्गा को नमस्कार।

  8. 8

    ॐ जयायै नमः।

    विजय रूपा जया को नमस्कार।

  9. 9

    ॐ आद्यायै नमः।

    सबसे पहली, आदि शक्ति को नमस्कार।

  10. 10

    ॐ त्रिनेत्रायै नमः।

    तीन नेत्रों वाली देवी को नमस्कार।

  11. 11

    ॐ शूलधारिण्यै नमः।

    शूल (त्रिशूल) धारण करने वाली को नमस्कार।

  12. 12

    ॐ पिनाकधारिण्यै नमः।

    शिव का धनुष पिनाक धारण करने वाली को नमस्कार।

  13. 13

    ॐ चित्रायै नमः।

    अद्भुत और अनेक रूपों-रंगों वाली को नमस्कार।

  14. 14

    ॐ चण्डघण्टायै नमः।

    प्रचण्ड नाद करने वाले घण्टे वाली को नमस्कार।

  15. 15

    ॐ महातपसे नमः।

    महान तपस्या करने वाली को नमस्कार।

  16. 16

    ॐ मनसे नमः।

    मन के रूप में स्थित देवी को नमस्कार।

  17. 17

    ॐ बुद्ध्यै नमः।

    बुद्धि, अर्थात समझने और निर्णय करने की शक्ति रूपा को नमस्कार।

  18. 18

    ॐ अहङ्कारायै नमः।

    अहंकार, अर्थात “मैं” की भावना के रूप में स्थित देवी को नमस्कार।

  19. 19

    ॐ चित्तरूपायै नमः।

    चित्त (सोचने और याद रखने वाले अंतःकरण) रूपा को नमस्कार।

  20. 20

    ॐ चितायै नमः।

    चिता (शब्दार्थ: दाह-संस्कार की शय्या) रूपा देवी को नमस्कार।

  21. 21

    ॐ चित्यै नमः।

    चिति, अर्थात शुद्ध चेतना रूपा को नमस्कार।

  22. 22

    ॐ सर्वमन्त्रमय्यै नमः।

    सब मंत्रों में व्याप्त सर्वमन्त्रमयी को नमस्कार।

  23. 23

    ॐ सत्तायै नमः।

    सत्ता, अर्थात अस्तित्व रूपा को नमस्कार।

  24. 24

    ॐ सत्यानन्दस्वरूपिण्यै नमः।

    सत्य और आनंद ही जिनका स्वरूप है, उन देवी को नमस्कार।

  25. 25

    ॐ अनन्तायै नमः।

    जिनका कोई अंत नहीं, उन अनन्ता को नमस्कार।

  26. 26

    ॐ भाविन्यै नमः।

    सृष्टि को जन्म देने वाली भाविनी को नमस्कार।

  27. 27

    ॐ भाव्यायै नमः।

    ध्यान और भक्ति के योग्य देवी भाव्या को नमस्कार।

  28. 28

    ॐ भव्यायै नमः।

    मंगलमय और भव्य रूप वाली को नमस्कार।

  29. 29

    ॐ अभव्यायै नमः।

    जिनकी भव्यता की कोई बराबरी नहीं, उन अभव्या को नमस्कार।

  30. 30

    ॐ सदागत्यै नमः।

    सदा गतिशील, और सबकी सदा की शरण सदागति को नमस्कार।

  31. 31

    ॐ शाम्भव्यै नमः।

    शम्भु (शिव) की शक्ति शाम्भवी को नमस्कार।

  32. 32

    ॐ देवमात्रे नमः।

    देवताओं की माता को नमस्कार।

  33. 33

    ॐ चिन्तायै नमः।

    चिन्ता, अर्थात चिन्तन और विचार रूपा को नमस्कार।

  34. 34

    ॐ रत्नप्रियायै नमः।

    जिन्हें रत्न प्रिय हैं, उन रत्नप्रिया को नमस्कार।

  35. 35

    ॐ सर्वविद्यायै नमः।

    सब विद्याओं का स्वरूप, सर्वविद्या को नमस्कार।

  36. 36

    ॐ दक्षकन्यायै नमः।

    प्रजापति दक्ष की कन्या को नमस्कार।

  37. 37

    ॐ दक्षयज्ञविनाशिन्यै नमः।

    दक्ष के यज्ञ का विनाश करने वाली को नमस्कार।

  38. 38

    ॐ अपर्णायै नमः।

    तपस्या में पत्ते (पर्ण) तक न खाने वाली पार्वती, अपर्णा को नमस्कार।

  39. 39

    ॐ अनेकवर्णायै नमः।

    अनेक रंगों (वर्णों) वाली को नमस्कार।

  40. 40

    ॐ पाटलायै नमः।

    पाटल, अर्थात गुलाबी-लाल रंग वाली को नमस्कार।

  41. 41

    ॐ पाटलावत्यै नमः।

    पाटल (लाल रंग या पाटल के फूल) से शोभित पाटलावती को नमस्कार।

  42. 42

    ॐ पट्टाम्बरपरीधानायै नमः।

    रेशमी वस्त्र पहनने वाली को नमस्कार।

  43. 43

    ॐ कलमञ्जीररञ्जिन्यै नमः।

    मधुर ध्वनि वाले नूपुरों से सजी, मन को भाने वाली देवी को नमस्कार।

  44. 44

    ॐ अमेयविक्रमायै नमः।

    जिनका पराक्रम मापा न जा सके, उन देवी को नमस्कार।

  45. 45

    ॐ क्रूरायै नमः।

    उग्र और कठोर रूप वाली को नमस्कार।

  46. 46

    ॐ सुन्दर्यै नमः।

    सुंदर रूप वाली को नमस्कार।

  47. 47

    ॐ सुरसुन्दर्यै नमः।

    देवताओं में भी सबसे सुंदर को नमस्कार।

  48. 48

    ॐ वनदुर्गायै नमः।

    वन की देवी के रूप में पूजी जाने वाली वनदुर्गा को नमस्कार।

  49. 49

    ॐ मातङ्ग्यै नमः।

    मातङ्गी (परंपरा में दस महाविद्याओं में से एक) को नमस्कार।

  50. 50

    ॐ मतङ्गमुनिपूजितायै नमः।

    मतङ्ग मुनि द्वारा पूजी गई देवी को नमस्कार।

  51. 51

    ॐ ब्राह्म्यै नमः।

    ब्रह्मा की शक्ति ब्राह्मी को नमस्कार।

  52. 52

    ॐ माहेश्वर्यै नमः।

    महेश्वर (शिव) की शक्ति माहेश्वरी को नमस्कार।

  53. 53

    ॐ ऐन्द्र्यै नमः।

    इन्द्र की शक्ति ऐन्द्री को नमस्कार।

  54. 54

    ॐ कौमार्यै नमः।

    कुमार (कार्तिकेय) की शक्ति कौमारी को नमस्कार।

  55. 55

    ॐ वैष्णव्यै नमः।

    विष्णु की शक्ति वैष्णवी को नमस्कार।

  56. 56

    ॐ चामुण्डायै नमः।

    चण्ड और मुण्ड का वध करने वाली चामुण्डा को नमस्कार।

  57. 57

    ॐ वाराह्यै नमः।

    वराह (विष्णु के वराह रूप) की शक्ति वाराही को नमस्कार।

  58. 58

    ॐ लक्ष्म्यै नमः।

    समृद्धि और शोभा की देवी लक्ष्मी को नमस्कार।

  59. 59

    ॐ पुरुषाकृत्यै नमः।

    पुरुष की आकृति (रूप) भी धारण करने वाली को नमस्कार।

  60. 60

    ॐ विमलायै नमः।

    दोषरहित और पवित्र विमला को नमस्कार।

  61. 61

    ॐ उत्कर्षिण्यै नमः।

    उन्नति और उत्कर्ष की ओर ले जाने वाली को नमस्कार।

  62. 62

    ॐ ज्ञानायै नमः।

    ज्ञान स्वरूपा को नमस्कार।

  63. 63

    ॐ क्रियायै नमः।

    क्रिया, अर्थात कर्म की शक्ति रूपा को नमस्कार।

  64. 64

    ॐ नित्यायै नमः।

    सदा रहने वाली, शाश्वत देवी को नमस्कार।

  65. 65

    ॐ बुद्धिदायै नमः।

    बुद्धि देने वाली को नमस्कार।

  66. 66

    ॐ बहुलायै नमः।

    अनेक रूपों में फैली, बहुला को नमस्कार।

  67. 67

    ॐ बहुलप्रेमायै नमः।

    अपार प्रेम वाली को नमस्कार।

  68. 68

    ॐ सर्ववाहनवाहनायै नमः।

    सभी वाहनों को अपना वाहन बनाने वाली को नमस्कार।

  69. 69

    ॐ निशुम्भशुम्भहनन्यै नमः।

    शुम्भ और निशुम्भ दैत्यों का वध करने वाली को नमस्कार।

  70. 70

    ॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः।

    महिषासुर का मर्दन (वध) करने वाली को नमस्कार।

  71. 71

    ॐ मधुकैटभहन्त्र्यै नमः।

    मधु और कैटभ दैत्यों का नाश करने वाली को नमस्कार।

  72. 72

    ॐ चण्डमुण्डविनाशिन्यै नमः।

    चण्ड और मुण्ड का विनाश करने वाली को नमस्कार।

  73. 73

    ॐ सर्वासुरविनाशायै नमः।

    सब असुरों का विनाश करने वाली को नमस्कार।

  74. 74

    ॐ सर्वदानवघातिन्यै नमः।

    सब दानवों का संहार करने वाली को नमस्कार।

  75. 75

    ॐ सर्वशास्त्रमय्यै नमः।

    सभी शास्त्रों में व्याप्त, सर्वशास्त्रमयी को नमस्कार।

  76. 76

    ॐ सत्यायै नमः।

    सत्य स्वरूपा सत्या को नमस्कार।

  77. 77

    ॐ सर्वास्त्रधारिण्यै नमः।

    सभी अस्त्र धारण करने वाली को नमस्कार।

  78. 78

    ॐ अनेकशस्त्रहस्तायै नमः।

    हाथों में अनेक शस्त्र लिए देवी को नमस्कार।

  79. 79

    ॐ अनेकास्त्रधारिण्यै नमः।

    अनेक अस्त्र धारण करने वाली को नमस्कार।

  80. 80

    ॐ कुमार्यै नमः।

    कुमारी, अर्थात कन्या रूपा को नमस्कार।

  81. 81

    ॐ एककन्यायै नमः।

    अद्वितीय, एकमात्र कन्या को नमस्कार।

  82. 82

    ॐ कैशोर्यै नमः।

    किशोर अवस्था वाली देवी को नमस्कार।

  83. 83

    ॐ युवत्यै नमः।

    युवती रूपा देवी को नमस्कार।

  84. 84

    ॐ यत्यै नमः।

    यति, अर्थात संयमी तपस्विनी रूपा को नमस्कार।

  85. 85

    ॐ अप्रौढायै नमः।

    जो अभी प्रौढ़ आयु की नहीं हैं, उन अप्रौढा को नमस्कार।

  86. 86

    ॐ प्रौढायै नमः।

    प्रौढ़, अर्थात परिपक्व आयु वाली देवी को नमस्कार।

  87. 87

    ॐ वृद्धमात्रे नमः।

    वृद्ध माता रूपा देवी को नमस्कार।

  88. 88

    ॐ बलप्रदायै नमः।

    बल देने वाली को नमस्कार।

  89. 89

    ॐ महोदर्यै नमः।

    विशाल उदर वाली देवी को नमस्कार।

  90. 90

    ॐ मुक्तकेश्यै नमः।

    खुले केशों वाली को नमस्कार।

  91. 91

    ॐ घोररूपायै नमः।

    भयंकर रूप वाली को नमस्कार।

  92. 92

    ॐ महाबलायै नमः।

    महान बल वाली को नमस्कार।

  93. 93

    ॐ अग्निज्वालायै नमः।

    अग्नि की ज्वाला जैसी तेजस्वी देवी को नमस्कार।

  94. 94

    ॐ रौद्रमुख्यै नमः।

    उग्र (रौद्र) मुख वाली को नमस्कार।

  95. 95

    ॐ कालरात्र्यै नमः।

    प्रलय की अंधेरी रात्रि रूपा कालरात्रि को नमस्कार।

  96. 96

    ॐ तपस्विन्यै नमः।

    तपस्या में लीन तपस्विनी को नमस्कार।

  97. 97

    ॐ नारायण्यै नमः।

    नारायण की शक्ति नारायणी को नमस्कार।

  98. 98

    ॐ भद्रकाल्यै नमः।

    कल्याण करने वाली काली, भद्रकाली को नमस्कार।

  99. 99

    ॐ विष्णुमायायै नमः।

    विष्णु की माया-शक्ति रूपा को नमस्कार।

  100. 100

    ॐ जलोदर्यै नमः।

    जलोदरी (शब्दार्थ: जल से युक्त उदर वाली) को नमस्कार।

  101. 101

    ॐ शिवदूत्यै नमः।

    शिव को अपना दूत बनाकर शुम्भ-निशुम्भ के पास भेजने वाली को नमस्कार।

  102. 102

    ॐ कराल्यै नमः।

    विकराल, डरावने रूप वाली को नमस्कार।

  103. 103

    ॐ अनन्तायै नमः।

    सीमा और अंत से रहित अनन्ता को नमस्कार।

  104. 104

    ॐ परमेश्वर्यै नमः।

    सर्वोच्च ईश्वरी, परमेश्वरी को नमस्कार।

  105. 105

    ॐ कात्यायन्यै नमः।

    परंपरा के अनुसार ऋषि कात्यायन की पुत्री, कात्यायनी को नमस्कार।

  106. 106

    ॐ सावित्र्यै नमः।

    सविता (सूर्य) की शक्ति सावित्री को नमस्कार।

  107. 107

    ॐ प्रत्यक्षायै नमः।

    प्रत्यक्ष, अर्थात आँखों के सामने प्रकट देवी को नमस्कार।

  108. 108

    ॐ ब्रह्मवादिन्यै नमः।

    ब्रह्म (परम सत्य) के ज्ञान की बात कहने वाली को नमस्कार।

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली: 108 नाम PDF डाउनलोड करें

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अर्थ, स्रोत और दूसरी आरती-चालीसा: sanatanbodh.in/stotra/durga-108-naam/

संक्षेप में

इस नामावली में देवी दुर्गा के 108 नाम हैं, हर नाम “ॐ … नमः” के रूप में। यह सूची उस श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र से है जिसे गीता प्रेस दुर्गासप्तशती में छापती है। इसमें शिव पार्वती को ये नाम सुनाते हैं, और स्तोत्र की पुष्पिका इसे विश्वसार तन्त्र का बताती है। परंपरा में हर नाम पर कुमकुम, लाल फूल या अक्षत चढ़ाते हैं, और नवरात्रि, दुर्गाष्टमी तथा मंगलवार-शुक्रवार को इसका पाठ प्रचलित है।

यह गीता प्रेस की दुर्गासप्तशती में छपे श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र (“सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी…”) का नामावली रूप है; स्तोत्र की पुष्पिका के अनुसार यह विश्वसार तन्त्र से है। नाम और उनकी गिनती गीता प्रेस के हिंदी अनुवाद की क्रम-संख्या के अनुसार हैं: श्लोकों के “च”, “तथा”, “सदा” नाम नहीं हैं, और “भव्याभव्या”, “अपर्णानेकवर्णा”, “विमलोत्कर्षिणी” में दो-दो नाम हैं। “अनन्ता” नाम 25 और 103 पर दो बार आता है, जैसे श्लोकों में। नाम 15 और 16 श्लोक के “महातपाः” और “मनः” से “महातपसे” और “मनसे” बनते हैं; एक ऑनलाइन नामावली में यहाँ “महातपायै” और “मनरूपायै” है। बृहत् तन्त्रसार में यही स्तोत्र कुछ अलग पाठ के साथ है, जैसे नाम 14 चन्द्रघण्टा, 23 सत्या, 47 कुलसुन्दरी, 65 वाक्प्रदा। दुर्गा के 108 नामों की दूसरी सूचियाँ भी छपती हैं: दक्षिण भारत के संग्रहों में अधिक मिलने वाली एक सूची “ॐ दुर्गायै नमः, ॐ शिवायै नमः, ॐ महालक्ष्म्यै नमः, ॐ महागौर्यै नमः, ॐ चण्डिकायै नमः” से शुरू होती है, और एक अन्य “ॐ श्रियै नमः, ॐ उमायै नमः, ॐ भारत्यै नमः” से।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा जी के ये 108 नाम किस ग्रंथ से हैं?

ये नाम श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र से हैं, जिसे गीता प्रेस अपनी दुर्गासप्तशती में छापती है। स्तोत्र में शिव पार्वती को ये नाम सुनाते हैं, और उसकी पुष्पिका (“इति श्रीविश्वसारतन्त्रे …”) के अनुसार यह विश्वसार तन्त्र का अंश है।

नामावली और स्तोत्र में क्या अंतर है?

स्तोत्र में यही 108 नाम श्लोकों में पिरोए गए हैं, साथ में आरंभ और फल बताने वाले श्लोक हैं। नामावली में हर नाम अलग से “ॐ … नमः” के साथ बोला जाता है, ताकि हर नाम पर कुछ अर्पित किया जा सके।

नामावली से अर्चना कैसे की जाती है?

परंपरा में हर नाम बोलकर देवी को थोड़ा कुमकुम, एक लाल फूल या अक्षत अर्पित करते हैं। स्तोत्र का एक श्लोक कहता है कि कुमारी का पूजन करके और देवी का ध्यान करके इन 108 नामों का पाठ करें।

दूसरी किताबों में दुर्गा के 108 नाम अलग क्यों मिलते हैं?

दुर्गा के 108 नामों की कई अलग सूचियाँ हैं; “ॐ दुर्गायै नमः, ॐ शिवायै नमः …” से शुरू होने वाली सूची इससे अलग नामावली है। इसी स्तोत्र के पाठ में भी कुछ शब्दों का अंतर मिलता है, जैसे बृहत् तन्त्रसार वाले पाठ में।

यह पाठ कब किया जाता है?

परंपरा में नवरात्रि, दुर्गाष्टमी और मंगलवार व शुक्रवार को इसका पाठ अधिक होता है। स्तोत्र के अंतिम श्लोक इसके नित्य पाठ की प्रशंसा करते हैं; यह ग्रंथ का अपना कथन है।

स्रोत

  1. गीता प्रेस, गोरखपुर: श्रीदुर्गासप्तशती सचित्र, हिंदी अनुवाद सहित (अनुवादक पाण्डेय पं. रामनारायणदत्त शास्त्री), श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्र और अनुवाद में नामों की क्रम-संख्या (archive.org पर स्कैन)
  2. गीता प्रेस, गोरखपुर: श्रीदुर्गासप्तशती (मूल, पाठविधि सहित), स्तोत्र का मूल पाठ और पुष्पिका (archive.org पर स्कैन)
  3. श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्, sanskritdocuments.org (Girish Beeharry द्वारा प्रूफ़ पढ़ा गया पाठ)
  4. श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावलिः (इसी स्तोत्र का नामावली रूप), sanskritdocuments.org
  5. दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली, vedadhara.com
  6. बृहत् तन्त्रसार, परिच्छेद 16, संस्कृत विकिस्रोत (इसी स्तोत्र का भिन्न पाठ और पुष्पिका)
  7. श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्, drikpanchang.com (मिलान के लिए)
  8. श्री दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्, bhaktibharat.com (मिलान के लिए)
  9. दुर्गा के 108 नामों की दूसरी सूचियाँ (“ॐ दुर्गायै नमः …” और “ॐ श्रियै नमः …”), sanskritdocuments.org और drikpanchang.com

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पाठ का मिलान: archive.org, archive.org, sanskritdocuments.org, sanskritdocuments.org, vedadhara.com, sa.wikisource.org, drikpanchang.com, bhaktibharat.com, sanskritdocuments.org, drikpanchang.com