व्रत और पर्व

सबरीमाला मंडल काल 2026 कब है: 16 नवंबर

सोमवार, 16 नवंबर 2026

मलयालम माह वृश्चिकम् 1 (17 नवंबर) से 41 दिन; मकरविलक्कु मकर संक्रांति पर

26 दिन बाद
कोड से बना चित्र: रात में पश्चिमी घाट की जंगल भरी पहाड़ियाँ, ऊँची पहाड़ी पर ढलवाँ छत वाला मंदिर, उस तक जाती अठारह सुनहरी सीढ़ियाँ, पगडंडी पर दीपों की कतार और दूर की पहाड़ी पर जलता दीप

सबरीमाला: संक्रांति के समय

पूरे भारत में एक ही समय
वृश्चिक संक्रांतिसूर्यास्त (कोच्चि 6:00 PM) के बाद; वृश्चिकम् 1: 17 नवंबर
7:50 PM
मकर संक्रांतिमकरविलक्कु मकर संक्रांति पर
9:16 PM (14 जन॰)

संक्रांति का क्षण पूरे भारत में एक ही होता है। मंदिर के कपाट, मंडल पूजा और मकरविलक्कु के दिन और समय Travancore Devaswom Board घोषित करता है।

सोमवार, 16 नवंबर 2026 के लिए, भारतीय मानक समय में, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से। अलग-अलग पंचांगों में 1–2 मिनट का अंतर सामान्य है। गणना कैसे होती है

संक्षेप में

सबरीमाला श्री धर्मशास्ता (अय्यप्पा) मंदिर के कपाट मंडल-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा के लिए 16 नवंबर, सोमवार को खुलेंगे, और 41 दिन का मंडल काल अगले दिन, 17 नवंबर, मंगलवार को वृश्चिकम् 1 से शुरू होगा। वृश्चिक संक्रांति 16 नवंबर की शाम 7:50 बजे है, केरल में सूर्यास्त के बाद, इसलिए मलयालम महीना वृश्चिकम् 17 नवंबर से गिना जाता है। 41 दिन की गिनती से मंडल पूजा 27 दिसंबर, रविवार को पड़ती है, और मकरविलक्कु मकर संक्रांति पर होता है, जो 14 जनवरी 2027, गुरुवार की रात 9:16 बजे है। मंडल पूजा, मकरविलक्कु और कपाट बंद होने की पक्की तारीख और समय Travancore Devaswom Board (TDB) घोषित करता है; 18 अक्टूबर 2026 तक यह सूची नहीं आई थी, इसलिए यात्रा से पहले sabarimala.kerala.gov.in देखें। दर्शन के लिए वर्चुअल-क्यू बुकिंग ज़रूरी है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 15 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

एक नज़र में

कपाट खुलेंगे
16 नवंबर 2026, सोमवार (Onmanorama, 17 अक्टूबर 2026)
मंडल काल आरंभ
वृश्चिकम् 1: 17 नवंबर 2026, मंगलवार
वृश्चिक संक्रांति
16 नवंबर, शाम 7:50 बजे (Drik Panchang: 7:48 PM)
मंडल पूजा
41 दिन की गिनती से 27 दिसंबर, रविवार; TDB की घोषणा बाकी
मकरविलक्कु
मकर संक्रांति पर: संक्रांति 14 जनवरी 2027, रात 9:16 बजे (Drik: 9:14 PM); दिन TDB घोषित करेगा
हर महीने
मलयालम महीने के पहले पाँच दिन, और विषु व ओणम पर (Kerala Tourism)
बुकिंग
वर्चुअल-क्यू ऑनलाइन बुकिंग सभी तीर्थयात्रियों के लिए ज़रूरी (TDB): sabarimalaonline.org
आराध्य
धर्मशास्ता (अय्यप्पा)
स्थान
पत्तनंतिट्टा ज़िला, केरल; पंपा से सन्निधानम् लगभग 5 किमी पैदल
मलयालम वर्ष
1202 (कोल्लम संवत्), TDB के अनुसार 2026-27 का मंडल-मकरविलक्कु उत्सव

सबरीमाला 2026-27: कौन सी तारीख कितनी पक्की

मंदिर खुलने की तारीख घोषित है; बाकी तारीखें मलयालम कैलेंडर से निकलती हैं, पर उनकी अंतिम घोषणा TDB करता है। 18 अक्टूबर 2026 तक TDB की वेबसाइट पर 2026-27 का कैलेंडर नहीं था, और sabarimala.kerala.gov.in उस दिन खुल नहीं रही थी। नीचे हर तारीख के साथ लिखा है कि वह कहाँ से है।

कपाट खुलेंगे: 16 नवंबर, सोमवार

मुख्यमंत्री की पंपा में 17 अक्टूबर की समीक्षा बैठक की रिपोर्ट के अनुसार धर्मशास्ता मंदिर 41 दिन के मंडल काल के लिए 16 नवंबर को खुलेगा। हर बार कपाट मलयालम महीने के पहले दिन से पहले की शाम खुलते हैं: तुलाम् महीने की पूजा के लिए 17 अक्टूबर की शाम 5 बजे, जबकि तुलाम् 1 18 अक्टूबर को था।

Onmanorama, 17 अक्टूबर 2026; ETV Bharat (मलयालम), 17 अक्टूबर 2026

मंडल काल: 17 नवंबर से

वृश्चिकम् 1, यानी 17 नवंबर, मंगलवार से 41 दिन का मंडल काल। नए मेलशांति (मुख्य पुजारी) भी वृश्चिकम् 1 से कार्यभार लेते हैं।

Hindu Tamil Thisai, 14 अक्टूबर 2026; Prokerala; ETV Bharat

मंडल पूजा: 27 दिसंबर (गिनती से)

17 नवंबर से गिनें तो 41वाँ दिन 27 दिसंबर, रविवार है, और Prokerala का कैलेंडर भी मंडल पूजा 27 दिसंबर को देता है। पिछले वर्षों में भी TDB के कैलेंडर में मंडल पूजा इसी तरह 41वें दिन थी: 27 दिसंबर 2022, 27 दिसंबर 2023 और 26 दिसंबर 2024। 2026 की तारीख TDB की घोषणा से पक्की करें।

TDB, Sabarimala Temple Calendar (2022-23 से 2024-25); Prokerala

बीच में कपाट बंद

मंडल पूजा की रात कपाट बंद होते हैं और मकरविलक्कु उत्सव के लिए फिर खुलते हैं। TDB के पिछले कैलेंडरों में यह 30 दिसंबर को हुआ (2022, 2023, 2024)। 2026 का दिन TDB घोषित करेगा।

TDB, Sabarimala Temple Calendar

मकरविलक्कु: मकर संक्रांति पर

मकरविलक्कु मकर संक्रांति के दिन होता है। 2027 में सूर्य 14 जनवरी, गुरुवार की रात 9:16 बजे मकर राशि में आता है। 2023 में भी संक्रांति 14 जनवरी की रात (8:57 PM) थी, और TDB के कैलेंडर में मकरविलक्कु उसी दिन, 14 जनवरी 2023 को था; उस रीति से 2027 में 14 जनवरी बनता है, पर Drik Panchang का मलयालम कैलेंडर (जनवरी 2027) मकरविलक्कु 15 जनवरी को देता है। इसलिए दिन 14 या 15 जनवरी है; पक्का दिन और समय TDB की घोषणा से देखें।

Kerala Tourism; TDB कैलेंडर 2022-23; Drik Panchang

कपाट बंद होना

मकरविलक्कु के कुछ दिन बाद मौसम पूरा होता है। TDB के पिछले कैलेंडरों में मकरविलक्कु उत्सव 20 जनवरी को पूरा हुआ (2023 और 2024)। 2027 का दिन अभी घोषित नहीं है।

TDB, Sabarimala Temple Calendar

मलयालम कैलेंडर से तारीख कैसे निकलती है

केरल का मलयालम (कोल्लम) कैलेंडर सौर है: हर महीना उस संक्रांति से शुरू होता है जब सूर्य अगली राशि में जाता है। वृश्चिकम् वृश्चिक संक्रांति से, धनु धनु संक्रांति से और मकरम् मकर संक्रांति से। जब संक्रांति दिन ढलने के बाद हो, तो महीने का पहला दिन अगला दिन गिना जाता है। 2026 में वृश्चिक संक्रांति 16 नवंबर की शाम 7:50 बजे है, जबकि कोच्चि में सूर्यास्त लगभग 6:00 बजे; इसलिए वृश्चिकम् 1 17 नवंबर है, और कपाट उससे पहले की शाम, 16 नवंबर को खुलते हैं। तुलाम् में भी यही हुआ: तुला संक्रांति 17 अक्टूबर की शाम 7:59 बजे थी, तुलाम् 1 18 अक्टूबर को, और कपाट 17 अक्टूबर की शाम खुले। संक्रांति का क्षण पूरे भारत में एक ही होता है।

मंडल व्रतम्: 41 दिन की परंपरा

सबरीमाला की यात्रा से पहले 41 दिन का व्रत रखने की परंपरा है, जिसे मंडल व्रतम् कहते हैं। Kerala Tourism और Manorama के अनुसार ये नियम प्रचलित हैं: व्रत "मालयिडल" से शुरू होता है, जिसमें मंदिर के पुजारी या गुरुस्वामी (जिन्होंने 18 यात्राएँ की हों) से तुलसी या रुद्राक्ष की माला पहनी जाती है, और यात्रा पूरी होने पर ही उतारी जाती है; एक रंग के सादे कपड़े, अधिकतर काले, नीले या केसरिया (Manorama के अनुसार तमिलनाडु के लोग अधिकतर नीला, कर्नाटक और आंध्र के काला, और केरल के केसरिया पहनते हैं); ब्रह्मचर्य; ताज़ा पका शाकाहारी भोजन; बाल और नाखून न कटवाना; और क्रोध पर संयम। व्रत रखने वाले को "स्वामी" कहकर पुकारा जाता है। ये परंपरा के नियम हैं, और हर गुरुस्वामी और परिवार की रीति में अंतर हो सकता है; अपने गुरुस्वामी से पूछें।

इरुमुडी और अठारह सीढ़ियाँ

इरुमुडी केट्टु दो खानों वाली गठरी है, जिसे यात्री सिर पर रखकर चलता है। Kerala Tourism के अनुसार आगे के खाने (मुन्मुडि) में मंदिर के लिए पूजा की सामग्री होती है और पीछे के खाने (पिन्मुडि) में यात्री का अपना सामान। पूजा-सामग्री में मुख्य है घी से भरा नारियल: नारियल का पानी निकालकर उसमें घी भरा जाता है, जिसका घी मंदिर में अभिषेक (नेय्याभिषेकम्) के लिए होता है। इरुमुडी यात्रा से पहले की शाम गुरुस्वामी के मार्गदर्शन में बाँधी जाती है (केट्टुनिरा)। मंदिर तक की अठारह पवित्र सीढ़ियों (पतिनेट्टाम्पडि) पर वही चढ़ते हैं जिन्होंने व्रत रखा हो और जिनके सिर पर इरुमुडी हो; Kerala Tourism सीढ़ियों की संख्या के कई परंपरागत अर्थ देता है, जैसे पाँच इंद्रियाँ, भावनाएँ, तीन गुण, और ज्ञान व अज्ञान।

पंपा से सन्निधानम् तक

ज़्यादातर यात्री सड़क से पंपा तक आते हैं। Kerala Tourism के अनुसार यात्री पंपा नदी में स्नान करके नीलिमला की चढ़ाई शुरू करते हैं। Onmanorama के अनुसार पंपा से सन्निधानम् (मंदिर) तक का पैदल रास्ता लगभग 5 किमी का है और नीलिमला, अप्पाचिमेडु, शबरीपीठम् और शरम्कुत्ति से होकर जाता है; नीलिमला और अप्पाचिमेडु की चढ़ाई सबसे कठिन है। परंपरा के अनुसार शबरीपीठम् वह स्थान है जहाँ शबरी ने तप किया था। इसके बराबर स्वामी अय्यप्पन रोड भी है, और दोनों रास्ते शरम्कुत्ति के पास मिलते हैं। कुछ यात्री एरुमेली से जंगल के पुराने लंबे रास्ते (पेरिय पादै) से भी जाते हैं। रास्ते और सुविधाओं के नियम हर साल बदल सकते हैं; ताज़ा जानकारी TDB और ज़िला प्रशासन से लें।

वर्चुअल-क्यू बुकिंग

TDB की वेबसाइट के अनुसार सबरीमाला आने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए वर्चुअल-क्यू (Virtual-Q) की ऑनलाइन बुकिंग ज़रूरी है। बुकिंग TDB की आधिकारिक साइट sabarimalaonline.org पर होती है, जहाँ दिन और समय का स्लॉट चुना जाता है। स्पॉट बुकिंग और रोज़ की सीमा हर मौसम में TDB और हाई कोर्ट के निर्देशों से तय होती है, इसलिए यात्रा से पहले वहीं देखें।

मकरविलक्कु, मकर ज्योति और तिरुवाभरणम्

Kerala Tourism के अनुसार मकरविलक्कु मकर संक्रांति के दिन होता है और मंडल-मकरविलक्कु मौसम का मुख्य दिन है: शाम को पोन्नम्बलमेडु पहाड़ी पर दीप दिखता है, जिसे भक्त सन्निधानम्, नीलिमला और शरम्कुत्ति से देखते हैं और जिसे देखना शुभ माना जाता है। अय्यप्पा के पवित्र आभूषण (तिरुवाभरणम्) मकरविलक्कु से तीन दिन पहले पंडालम के वलियकोयिक्कल मंदिर से जुलूस में चलते हैं और मकरविलक्कु के दिन सन्निधानम् पहुँचते हैं। 2011 में केरल हाई कोर्ट ने मंदिर प्रशासन से मकर ज्योति और मकरविलक्कु का अंतर स्पष्ट करने को कहा था; तब मंदिर के मुख्य तंत्री कंडरारु महेश्वरारु ने कहा कि मकर ज्योति एक तारा है और मकरविलक्कु पहाड़ी पर दीप जलाने की रीति है, और The News Minute के अनुसार TDB और पंडालम राजपरिवार ने भी कहा कि पहाड़ी का दीप मनुष्य जलाते हैं। भक्त इस दीप को परंपरा के अनुसार श्रद्धा से देखते हैं।

प्रवेश के नियम पर अदालत का मामला

परंपरा से सबरीमाला में 10 से 50 वर्ष की महिलाएँ दर्शन को नहीं जातीं। 28 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों की पीठ ने 4:1 के बहुमत से हर आयु की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी (Indian Young Lawyers Association बनाम केरल राज्य)। 14 नवंबर 2019 को पुनर्विचार याचिकाओं पर फ़ैसला देने के बजाय पीठ ने 3:2 से उन्हें, धर्म और समानता से जुड़े दूसरे मामलों के साथ, सात जजों की बड़ी पीठ को भेज दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई में नौ जजों की पीठ ने 7 अप्रैल से 14 मई 2026 तक सुनवाई की और फ़ैसला सुरक्षित रखा (LiveLaw, 14 मई 2026)। यह पन्ना इस प्रश्न पर कोई राय नहीं देता; ताज़ा स्थिति सुप्रीम कोर्ट और TDB की सूचना से देखें।

Drik Panchang से मिलान

इस पन्ने के संक्रांति-क्षण हमारी पंचांग गणना से हैं (भारतीय मानक समय, लाहिड़ी अयनांश)। Drik Panchang की 2026 की संक्रांति सूची में तुला संक्रांति 17 अक्टूबर 7:57 PM, वृश्चिक संक्रांति 16 नवंबर 7:48 PM और धनु संक्रांति 16 दिसंबर 10:29 AM है, और उसके मकर संक्रांति 2027 के पन्ने पर संक्रांति का क्षण 14 जनवरी 9:14 PM है। हमारी गणना 7:59 PM, 7:50 PM, 10:31 AM और 9:16 PM देती है, यानी 1–2 मिनट बाद; सभी तारीखें दोनों में एक ही हैं। Drik मकर संक्रांति का पुण्य काल अगली सुबह, 15 जनवरी को देता है, क्योंकि संक्रांति सूर्यास्त के बाद है; उत्तर भारत का मकर संक्रांति का स्नान-दान उसी दिन है, पर सबरीमाला का मकरविलक्कु संक्रांति के दिन की शाम की परंपरा से चलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला मंदिर 2026 में कब खुलेगा?

मंडल-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा के लिए 16 नवंबर, सोमवार को (Onmanorama, 17 अक्टूबर 2026)। 41 दिन का मंडल काल अगले दिन, 17 नवंबर, मंगलवार को वृश्चिकम् 1 से शुरू होगा। समय की घोषणा TDB करता है; तुलाम् महीने की पूजा के लिए कपाट शाम 5 बजे खुले थे।

मंडल पूजा 2026 कब है?

17 नवंबर से 41 दिन गिनने पर 27 दिसंबर, रविवार। Prokerala का कैलेंडर भी यही दिन देता है, और TDB के पिछले कैलेंडरों में मंडल पूजा इसी तरह 41वें दिन थी (27 दिसंबर 2022, 27 दिसंबर 2023, 26 दिसंबर 2024)। 18 अक्टूबर 2026 तक TDB ने 2026 का कैलेंडर नहीं छापा था; पक्की तारीख और समय sabarimala.kerala.gov.in पर देखें।

मकरविलक्कु (मकर ज्योति) 2027 कब है?

मकरविलक्कु मकर संक्रांति के दिन होता है, और 2027 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, गुरुवार की रात 9:16 बजे है (Drik Panchang: 9:14 PM)। 2023 में भी संक्रांति 14 जनवरी की रात थी और TDB ने मकरविलक्कु 14 जनवरी को ही रखा था, इस हिसाब से 14 जनवरी बनता है; पर Drik Panchang का मलयालम कैलेंडर मकरविलक्कु 15 जनवरी 2027 को देता है। दोनों में अंतर है, इसलिए पक्का दिन TDB की घोषणा से देखें।

मकर संक्रांति 14 जनवरी को है या 15 को?

सूर्य 14 जनवरी 2027 की रात 9:16 बजे मकर राशि में आता है। रात की संक्रांति होने से Drik Panchang उत्तर भारत के लिए पुण्य काल (स्नान-दान) अगली सुबह, 15 जनवरी को देता है। सबरीमाला का मकरविलक्कु संक्रांति के दिन की परंपरा से चलता है, जैसे 2023 में 14 जनवरी को हुआ था।

मंडल पूजा के बाद सबरीमाला कब बंद रहता है?

मंडल पूजा की रात कपाट बंद होते हैं और मकरविलक्कु उत्सव के लिए कुछ दिन बाद फिर खुलते हैं। TDB के पिछले कैलेंडरों में कपाट 30 दिसंबर को फिर खुले (2022, 2023, 2024) और मकरविलक्कु उत्सव 20 जनवरी को पूरा हुआ (2023, 2024)। 2026-27 की तारीखें TDB घोषित करेगा।

सबरीमाला हर महीने कब खुलता है?

Kerala Tourism के अनुसार मंदिर हर मलयालम महीने के पहले पाँच दिन खुलता है, और विषु और ओणम पर भी। कपाट महीने के पहले दिन से पहले की शाम खुलते हैं: तुलाम् 2026 में 17 अक्टूबर की शाम, और पूजा 22 अक्टूबर तक (Manorama)।

सबरीमाला का 41 दिन का व्रत कैसे रखा जाता है?

परंपरा से व्रत तुलसी या रुद्राक्ष की माला पहनने (मालयिडल) से शुरू होता है। प्रचलित नियम: काले, नीले या केसरिया सादे कपड़े, ब्रह्मचर्य, शाकाहारी भोजन, बाल और नाखून न कटवाना, और क्रोध पर संयम (Kerala Tourism, Manorama)। रीति में अंतर हो सकता है; अपने गुरुस्वामी से पूछें।

इरुमुडी क्या है?

दो खानों वाली गठरी जिसे यात्री सिर पर ले जाता है: आगे के खाने में मंदिर की पूजा-सामग्री, जिसमें घी से भरा नारियल मुख्य है, और पीछे के खाने में अपना सामान। अठारह सीढ़ियाँ वही चढ़ते हैं जिनके पास इरुमुडी हो (Kerala Tourism)।

क्या सबरीमाला दर्शन के लिए बुकिंग ज़रूरी है?

हाँ। TDB के अनुसार सभी तीर्थयात्रियों के लिए वर्चुअल-क्यू की ऑनलाइन बुकिंग ज़रूरी है; यह TDB की साइट sabarimalaonline.org पर होती है। स्पॉट बुकिंग के नियम हर मौसम में बदल सकते हैं।

मकर ज्योति और मकरविलक्कु में क्या अंतर है?

2011 में केरल हाई कोर्ट के पूछने पर मंदिर के मुख्य तंत्री कंडरारु महेश्वरारु ने कहा कि मकर ज्योति एक तारा है और मकरविलक्कु पोन्नम्बलमेडु पहाड़ी पर दीप जलाने की रीति है (Arab News, 21 जनवरी 2011); The News Minute के अनुसार TDB और पंडालम राजपरिवार ने भी कहा कि दीप मनुष्य जलाते हैं। भक्त इसे परंपरा के अनुसार श्रद्धा से देखते हैं।

क्या सबरीमाला में हर आयु की महिलाएँ जा सकती हैं?

परंपरा से 10 से 50 वर्ष की महिलाएँ नहीं जातीं। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 को 4:1 से हर आयु की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी; 2019 में पुनर्विचार याचिकाएँ 3:2 से बड़ी पीठ को भेजी गईं, और नौ जजों की पीठ ने 14 मई 2026 को सुनवाई पूरी करके फ़ैसला सुरक्षित रखा। ताज़ा स्थिति सुप्रीम कोर्ट और TDB की सूचना से देखें।

स्रोत

  1. Onmanorama, 17 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री की सबरीमाला समीक्षा; "मंदिर 16 नवंबर को 41 दिन के मंडल काल के लिए खुलेगा"
  2. Hindu Tamil Thisai, 14 अक्टूबर 2026 (superprep.io पर सारांश): मंडल पूजा का मौसम 17 नवंबर 2026 से; मेलशांति चयन 18 अक्टूबर
  3. ETV Bharat (मलयालम), 17 अक्टूबर 2026: तुलाम् पूजा के लिए कपाट शाम 5 बजे, तुलाम् 1 18 अक्टूबर को; मेलशांति वृश्चिकम् 1 से
  4. Manorama (पत्तनंतिट्टा), 16 अक्टूबर 2026: तुलाम् पूजा 22 अक्टूबर तक
  5. Travancore Devaswom Board: Sabarimala Temple Calendar (2022-23, 2023-24, 2024-25), travancoredevaswomboard.org; Virtual-Q अनिवार्य होने की सूचना और 1202 (2026-27) मंडल-मकरविलक्कु उत्सव की भर्ती सूचना, 18 अक्टूबर 2026 को देखी
  6. Sabarimala Online (TDB की आधिकारिक साइट): sabarimalaonline.org
  7. Prokerala, Sabarimala Mandala Kalam 2026: 17 नवंबर से, मंडल पूजा 27 दिसंबर
  8. Drik Panchang: संक्रांति सूची 2026 (तुला, वृश्चिक, धनु) और मकर संक्रांति 2023 व 2027 के पन्ने, 18 अक्टूबर 2026 को देखे
  9. Kerala Tourism (keralatourism.org/sabarimala): मंडल काल, मासिक पूजा, व्रत की रीतियाँ, इरुमुडी, पतिनेट्टाम्पडि, नेय्याभिषेकम् (special poojas), पंपा, मकरविलक्कु और तिरुवाभरणम्
  10. Manorama, सबरीमाला व्रत के नियम (2016)
  11. Onmanorama: पंपा से सन्निधानम् के पड़ाव (16 नवंबर 2018) और यात्रा का रास्ता (29 नवंबर 2022)
  12. Arab News, 21 जनवरी 2011 (केरल हाई कोर्ट; तंत्री कंडरारु महेश्वरारु) और The News Minute, 14 जनवरी 2016 (मकरविलक्कु)
  13. सुप्रीम कोर्ट का मामला: Organiser, 14 नवंबर 2019 और The Tribune, 5 दिसंबर 2019 (2018 का 4:1 का फ़ैसला, 2019 में बड़ी पीठ को भेजना); Supreme Court Observer (2019 का आदेश; 2026 की सुनवाई के दिन); LiveLaw, 14 मई 2026 (नौ जजों की पीठ ने फ़ैसला सुरक्षित रखा)
  14. व्रत, इरुमुडी और यात्रा की रीति: लोक परंपरा
  15. संक्रांति के क्षण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश); Drik Panchang की संक्रांति सूची 2026 और मकर संक्रांति 2027 से मिलान (18 अक्टूबर 2026)

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