उगादि 2027 में 7 अप्रैल, बुधवार को है। इस दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सूर्योदय पर है: प्रतिपदा 7 अप्रैल की सुबह 5:22 बजे शुरू होकर 8 अप्रैल की सुबह 4:30 बजे तक रहती है (Drik Panchang: 5:20 और 4:28), इसलिए आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में नया वर्ष 7 अप्रैल को शुरू होता है। यह शक संवत 1949 है, और 60 संवत्सरों के चक्र में इसका नाम प्लवंग (ప్లవంగ) है, जो पराभव के बाद 41वाँ संवत्सर है। Drik Panchang का हैदराबाद का तेलुगु कैलेंडर भी उगादि 7 अप्रैल 2027 को देता है। इसी दिन महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और उत्तर भारत में चैत्र नवरात्रि शुरू होती है।
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शहर-वार समय
प्रतिपदा हर शहर में एक ही क्षण पर है; सूर्योदय और सूर्यास्त शहर के अनुसार बदलते हैं। दूसरे शहर के लिए ऊपर के बॉक्स में शहर चुनें।
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| हैदराबाद | 6:06 AM | 6:30 PM |
| बेंगलुरु | 6:12 AM | 6:32 PM |
| विशाखापत्तनम | 5:47 AM | 6:12 PM |
| तिरुपति | 6:05 AM | 6:25 PM |
| मैसूरु | 6:16 AM | 6:35 PM |
एक नज़र में
- तारीख
- 7 अप्रैल 2027, बुधवार
- तिथि
- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 7 अप्रैल 5:22 AM से 8 अप्रैल 4:30 AM (Drik: 5:20 से 4:28)
- संवत्सर
- प्लवंग (ప్లవంగ), 60 में 41वाँ; पिछला पराभव, अगला कीलक
- शक संवत
- 1949 (शक + 78 = ईस्वी वर्ष जिसमें वह शुरू होता है)
- कहाँ
- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक
- नाम
- उगादि (तेलुगु), युगादि (कन्नड़ और संस्कृत)
- मुख्य व्यंजन
- उगादि पच्चडि; कर्नाटक में बेवु-बेल्ल (नीम-गुड़)
- परंपरा
- आम के पत्तों का तोरण, तेल-स्नान, पंचांग श्रवण
- उसी दिन
- गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र), चैत्र नवरात्रि और विक्रम संवत 2084 (उत्तर भारत)
उगादि 2027 की तारीख कैसे तय हुई
तेलुगु और कन्नड़ कैलेंडर अमांत चांद्र-सौर कैलेंडर हैं: महीना अमावस्या के अगले दिन से शुरू होता है, और वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से। जिस दिन सूर्योदय के समय प्रतिपदा हो, वही नववर्ष का दिन है। 2027 में चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल की सुबह 5:22 बजे (Drik: 5:20) समाप्त होती है, यानी हैदराबाद (सूर्योदय 6:06), बेंगलुरु (6:12) और विशाखापत्तनम (5:47) में भी सूर्योदय से पहले, और प्रतिपदा अगली सुबह 4:30 बजे तक रहती है। इसलिए पूरे दक्षिण में उगादि 7 अप्रैल को एक ही दिन है; 8 अप्रैल के सूर्योदय पर द्वितीया होगी। तिथि का क्षण पूरे भारत में एक ही होता है, केवल सूर्योदय शहर के साथ बदलता है।
प्लवंग संवत्सर और शक 1949
दक्षिण और महाराष्ट्र के पंचांग हर वर्ष को 60 नामों के चक्र (प्रभव से अक्षय तक) में से एक नाम देते हैं। Drik Panchang की तेलुगु संवत्सर सूची में पराभव 40वाँ और प्लवंग 41वाँ है; Drik के तेलुगु कैलेंडर में 1 अप्रैल 2027 तक शक 1948 पराभव और 1 मई 2027 से शक 1949 प्लवंग लिखा है। हमारी गणना भी यही देती है: शक 1949 वह वर्ष है जो 2027 में शुरू होता है (1949 + 78 = 2027)। अगला संवत्सर कीलक (शक 1950) है, जिसकी उगादि 27 मार्च 2028 को है। नाम तेलुगु लिपि में ప్లవంగ है। यह पन्ना संवत्सर के नाम के साथ कोई वर्षफल नहीं देता।
उगादि पच्चडि: छह स्वाद
उगादि का पहला व्यंजन पच्चडि है, जिसमें छह स्वाद मिलाए जाते हैं। The News Minute के अनुसार यह कच्चे आम, इमली, नीम के फूल, गुड़, नमक, हरी मिर्च और पानी से बनता है, और उत्सव के दिन सुबह सबसे पहले, खाली पेट खाया जाता है। हर स्वाद का अर्थ परंपरा से जोड़ा जाता है, पर स्रोतों में अर्थ अलग-अलग मिलते हैं; नीचे दोनों रूप दिए हैं।
मीठा: गुड़
सुख और आनंद। दोनों स्रोत यही अर्थ देते हैं।
The News Minute; विकिपीडिया “Ugadi”कड़वा: नीम के फूल
दुख और कठिनाई। उगादि के समय नीम पर फूल आते हैं, इसलिए पत्तों की जगह फूल लिए जाते हैं।
The News Minute; विकिपीडियाखट्टा: इमली
The News Minute के अनुसार अरुचि (घृणा); विकिपीडिया के अनुसार जीवन की चुनौतियाँ।
The News Minute; विकिपीडियाकसैला: कच्चा आम
आश्चर्य, या आने वाली बातों की प्रतीक्षा।
The News Minute; विकिपीडियातीखा: हरी मिर्च या काली मिर्च
The News Minute के अनुसार क्रोध; विकिपीडिया के अनुसार क्रोध या उत्साह। कई घरों में हरी मिर्च की जगह काली मिर्च डाली जाती है।
The News Minute; विकिपीडियानमकीन: नमक
The News Minute के अनुसार भय; विकिपीडिया के अनुसार संतुलन।
The News Minute; विकिपीडियाकर्नाटक: युगादि और बेवु-बेल्ल
कर्नाटक में यही दिन युगादि कहलाता है। विकिपीडिया के अनुसार वहाँ उगादि पच्चडि की जगह बेवु-बेल्ल (कन्नड़ में बेवु = नीम, बेल्ल = गुड़) बाँटा जाता है: नीम और गुड़ का मिश्रण, जो जीवन के कड़वे और मीठे अनुभवों को साथ स्वीकार करने का प्रतीक माना जाता है। कर्नाटक में त्योहार का पकवान होळिगे या ओब्बट्टु है, और आंध्र-तेलंगाना में बोब्बट्लु (भक्ष्यालु, पोळेलु): चने की दाल और गुड़ भरी मीठी रोटी (विकिपीडिया)। कर्नाटक का यह नववर्ष चांद्र (चांद्रमान) युगादि है; राज्य के सभी समुदाय एक ही नववर्ष नहीं मनाते, इसलिए अपने परिवार की रीति देखें।
पंचांग श्रवण: नए वर्ष का पंचांग सुनना
उगादि की शाम मंदिरों, सभाओं और घरों में नए वर्ष का पंचांग पढ़कर सुनाया जाता है, जिसे पंचांग श्रवण (पंचांग पठनम) कहते हैं। विकिपीडिया के अनुसार इसमें पुरोहित या घर के बड़े वर्ष की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण, ग्रहण और वर्षा-खेती की बातें पढ़ते हैं। यह परंपरा की रीति है; पंचांग में लिखे वर्षफल और भविष्यवाणियाँ शास्त्र से तय नहीं होतीं और यह पन्ना उन्हें नहीं दोहराता। नए वर्ष की तिथियाँ और त्योहार हमारे तेलुगु कैलेंडर में महीने-वार दिए हैं।
घर की रीतियाँ
आम के पत्तों का तोरण
दरवाज़ों पर आम के पत्तों का तोरण बाँधा जाता है; आम के पत्ते और नारियल शुभ माने जाते हैं।
विकिपीडिया “Ugadi”तेल-स्नान
दिन की शुरुआत शरीर पर सुगंधित तेल मलकर स्नान से होती है, फिर पूजा।
विकिपीडिया “Ugadi”नए वर्ष का पहला भोजन
पच्चडि या बेवु-बेल्ल के बाद उत्सव का भोजन, जिसमें बोब्बट्लु या ओब्बट्टु प्रमुख है।
विकिपीडिया; The News Minuteब्रह्मा की सृष्टि का दिन
विकिपीडिया (पी. वी. काणे के हवाले से) के अनुसार ब्रह्म पुराण चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्मा द्वारा सृष्टि आरंभ करने का दिन बताता है; इसलिए यह “युगादि”, युग का आरंभ, कहलाता है।
विकिपीडिया “Ugadi” (Kane, History of Dharmasastra)Drik Panchang से मिलान
Drik Panchang नई दिल्ली के लिए प्रतिपदा 7 अप्रैल 5:20 AM से 8 अप्रैल 4:28 AM देता है (30 सितंबर 2026 को पढ़ा), और Prokerala (उज्जैन) 5:21 AM से 4:29 AM। हमारी गणना 5:22 AM से 4:30 AM देती है, यानी Drik से लगभग 2 मिनट बाद, जो हमारी तिथि-गणना का जाना-पहचाना अंतर है। Drik के हैदराबाद के तेलुगु कैलेंडर में उगादि 7 अप्रैल को है, और 1 मई 2027 के पन्ने पर वर्ष “1949 प्लवंग” लिखा है (18 अक्टूबर 2026 को पढ़ा)। Prokerala भी उगादि 7 अप्रैल, बुधवार देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उगादि 2027 कब है?
7 अप्रैल, बुधवार को। इस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है (7 अप्रैल 5:22 AM से 8 अप्रैल 4:30 AM; Drik Panchang: 5:20 से 4:28)। Drik के हैदराबाद के तेलुगु कैलेंडर और Prokerala में भी उगादि 7 अप्रैल 2027 को है।
उगादि 2027 में कौन सा संवत्सर शुरू होगा?
प्लवंग (ప్లవంగ), 60 संवत्सरों में 41वाँ। यह शक 1949 है। इससे पहले का वर्ष पराभव (शक 1948) था, जिसकी उगादि 19 मार्च 2026 को थी; अगला कीलक (शक 1950) होगा, 27 मार्च 2028 से।
उगादि और गुड़ी पड़वा एक ही दिन क्यों हैं?
दोनों चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को, अमांत चांद्र-सौर कैलेंडर के नए वर्ष पर मनाए जाते हैं, और दोनों में शक संवत चलता है। 2027 में दोनों 7 अप्रैल को हैं। उत्तर भारत में इसी दिन चैत्र नवरात्रि और विक्रम संवत 2084 (नव संवत्सर) शुरू होते हैं।
उगादि पच्चडि में क्या डालते हैं?
कच्चा आम, इमली, नीम के फूल, गुड़, नमक और हरी मिर्च, पानी में (The News Minute)। छह स्वाद जीवन के अलग-अलग अनुभवों के प्रतीक माने जाते हैं: गुड़ सुख, नीम दुख। बाकी स्वादों के अर्थ स्रोतों में अलग-अलग मिलते हैं।
बेवु-बेल्ल क्या है?
कर्नाटक में युगादि पर बाँटा जाने वाला नीम (बेवु) और गुड़ (बेल्ल) का मिश्रण। विकिपीडिया इसे कर्नाटक का उगादि पच्चडि जैसा मुख्य व्यंजन बताता है।
पंचांग श्रवण क्या होता है?
उगादि पर नए वर्ष का पंचांग पढ़कर सुनाने की रीति। पुरोहित या घर के बड़े वर्ष की तिथियाँ, ग्रहण और खेती-वर्षा की बातें पढ़ते हैं (विकिपीडिया)। यह परंपरा है; यह पन्ना वर्षफल या भविष्यवाणी नहीं देता।
क्या उगादि हर शहर में एक ही दिन है?
हाँ, 2027 में। अमावस्या 7 अप्रैल की सुबह 5:22 बजे खत्म होती है, जो हैदराबाद, बेंगलुरु, तिरुपति, मैसूरु और विशाखापत्तनम, सबके सूर्योदय से पहले है। इसलिए सभी जगह 7 अप्रैल के सूर्योदय पर प्रतिपदा है।
युगादि का अर्थ क्या है?
युग + आदि, यानी युग का आरंभ; संवत्सरादि, वर्ष का आरंभ (विकिपीडिया, मोनियर-विलियम्स के हवाले से)। परंपरा के अनुसार ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि शुरू की थी, जैसा ब्रह्म पुराण के हवाले से बताया जाता है।
स्रोत
- Drik Panchang: तेलुगु मासिक पंचांग, हैदराबाद, मार्च 2026 से अप्रैल 2028 (उगादि 7 अप्रैल 2027; 1 मई 2027 का पन्ना “1949 प्लवंग”), और “Telugu Samvatsara Names”; 18 अक्टूबर 2026 को पढ़े (docs/checks/lunar-calendars-2026-27.md)
- Drik Panchang: हिंदू कैलेंडर 2027, नई दिल्ली (नव संवत्सर, गुड़ी पड़वा, उगादि 7 अप्रैल; प्रतिपदा 5:20 AM से 4:28 AM), 30 सितंबर 2026 को पढ़ा
- Prokerala, Ugadi 2027: 7 अप्रैल, बुधवार; प्रतिपदा 5:21 AM (7 अप्रैल) से 4:29 AM (8 अप्रैल), उज्जैन
- The News Minute: “The flavours of Ugadi Pachadi, the festival drink of Andhra and Telangana” (सामग्री, छह स्वाद और उनके अर्थ, सुबह खाली पेट)
- विकिपीडिया: “Ugadi” (नाम और अर्थ, पच्चडि के छह स्वाद, बेवु-बेल्ल, पंचांग श्रवण, तोरण, तेल-स्नान, होळिगे/बोब्बट्लु; ब्रह्म पुराण के बारे में P. V. Kane, History of Dharmasastra, खंड 5 के हवाले से)
- R. Sewell और S. B. Dikshit, The Indian Calendar (1896): अमांत महीने और शक संवत
- पच्चडि, तोरण और पंचांग श्रवण की रीतियाँ: लोक परंपरा
- तिथि और सूर्योदय: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश); Drik Panchang (नई दिल्ली, 2027 की तिथि; हैदराबाद का तेलुगु और मुंबई का मराठी कैलेंडर, 18 अक्टूबर 2026 को पढ़े) से मिलान
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