विषु 2027 में 15 अप्रैल, गुरुवार को है। सूर्य 14 अप्रैल 2027, बुधवार की दोपहर 3:33 बजे (Drik Panchang; हमारी गणना 3:34) मेष राशि में आता है। केरल के मलयालम कैलेंडर में जो संक्रांति दिन के पहले तीन-पाँचवें भाग के बाद हो, उसका महीना अगले दिन से गिना जाता है; तिरुवनंतपुरम में 14 अप्रैल को यह सीमा दोपहर 1:37 बजे है, इसलिए मेडम 1 और विषु 15 अप्रैल को हैं। Drik Panchang का तिरुवनंतपुरम का मलयालम कैलेंडर और Prokerala भी विषु 15 अप्रैल 2027 को देते हैं। विषुक्कणि, यानी शुभ वस्तुओं का पहला दर्शन, 15 अप्रैल की भोर में होता है; तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय 6:13 बजे है।
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शहर-वार समय
मेष संक्रांति हर शहर में एक ही क्षण पर है; विषुक्कणि की भोर का सूर्योदय शहर के अनुसार बदलता है। दूसरे शहर के लिए ऊपर के बॉक्स में शहर चुनें।
| शहर | विषुक्कणि |
|---|---|
| तिरुवनंतपुरम | 6:13 AM |
| कोच्चि | 6:15 AM |
| बेंगलुरु | 6:07 AM |
| चेन्नई | 5:57 AM |
| नई दिल्ली | 5:56 AM |
एक नज़र में
- तारीख
- 15 अप्रैल 2027, गुरुवार
- मलयालम तारीख
- मेडम 1, कोल्लवर्षम 1202
- मेष संक्रांति
- 14 अप्रैल, 3:34 PM (Drik Panchang: 3:33 PM)
- विषुक्कणि
- 15 अप्रैल की भोर; तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय 6:13 AM
- कहाँ
- केरल और माहे; देश-विदेश के मलयाली
- मुख्य रीति
- विषुक्कणि, विषुक्कैनीट्टम, विषु सद्या, पटाखे (परंपरा)
- फूल
- कणिक्कोन्ना (अमलतास, Cassia fistula)
- उसी समय
- पुत्तांडु (तमिल, 14 अप्रैल), बैसाखी (14 अप्रैल), पोइला बैशाख (बंगाल, 15 अप्रैल)
- उसी दिन
- राम नवमी (15 अप्रैल 2027)
विषु 15 अप्रैल को क्यों, 14 को क्यों नहीं
मलयालम कैलेंडर सौर है: हर महीना उस संक्रांति से शुरू होता है जब सूर्य अगली राशि में जाता है, और मेडम (मेष) का महीना मेष संक्रांति से। Drik Panchang के तिरुवनंतपुरम के कैलेंडर से मिलान में हमने पाया कि केरल का नियम यह है: संक्रांति सूर्योदय से दिन के तीन-पाँचवें भाग तक हो तो महीना उसी दिन से, बाद में हो तो अगले दिन से; 2026-27 के सभी 25 महीनों के आरंभ इसी नियम से Drik से मिलते हैं। 2027 में मेष संक्रांति 14 अप्रैल की दोपहर 3:33 बजे (Drik) है, जबकि तिरुवनंतपुरम में उस दिन की सीमा 1:37 बजे है, इसलिए मेडम 1 15 अप्रैल है। विषुक्कणि संक्रांति के बाद की पहली भोर में देखी जाती है, और वह भी 15 अप्रैल की है। 2026 में संक्रांति 14 अप्रैल की सुबह 9:39 बजे, सूर्योदय के बाद थी; तब भी केरल सरकार की छुट्टी-सूची में विषु 15 अप्रैल को था (Onmanorama)। दोनों वर्षों में विषु संक्रांति के बाद आने वाले पहले सूर्योदय के दिन है।
विषुक्कणि: नए वर्ष का पहला दर्शन
विषुक्कणि का अर्थ है “जो सबसे पहले देखा जाए”। Kerala Tourism के अनुसार यह शुभ वस्तुओं की सजावट है, जिसमें चावल, फल, सब्ज़ियाँ, सुनहरा खीरा (कणिवेळ्ळरी), पान के पत्ते, फूल, सिक्के और दर्पण श्रीकृष्ण की छवि के सामने रखे जाते हैं, और माना जाता है कि सुबह सबसे पहले इसे देखने से पूरा वर्ष शुभ रहता है। विकिपीडिया के अनुसार घर के बड़े, प्रायः स्त्रियाँ, इसे पहली रात पीतल के उरुली में सजाते हैं: चावल, सुनहरा नींबू और खीरा, नारियल, कटहल, पान-सुपारी, दर्पण (आरनमुळा कण्णाडि), कणिक्कोन्ना के फूल और निलविलक्कु दीप। भोर में दीप जलाकर घर के बड़े बाकी सबको, कई घरों में आँखें बंद करवाकर, कणि के सामने लाते हैं। यह परंपरा की रीति है और हर घर में वस्तुएँ थोड़ी अलग होती हैं।
उरुली और चावल
पीतल या काँसे का चौड़ा पात्र, जिसमें चावल या धान भरा जाता है।
विकिपीडिया “Vishu”सुनहरा खीरा
कणिवेळ्ळरी, सुनहरे रंग का पका खीरा, कणि का मुख्य फल।
Kerala Tourism; विकिपीडियाकणिक्कोन्ना
अमलतास (Cassia fistula) के पीले फूल, जो विषु के समय खिलते हैं।
विकिपीडियादर्पण और दीप
दर्पण, और जलता निलविलक्कु; भोर में पहले दीप जलाया जाता है।
Kerala Tourism; विकिपीडियासिक्के, पान, फल
सिक्के या नोट, पान-सुपारी, नारियल, आम, कटहल आदि।
Kerala Tourism; विकिपीडियाकैनीट्टम, सद्या और पटाखे
Kerala Tourism के अनुसार घर के बड़े छोटों को विषुक्कैनीट्टम, यानी पैसे का उपहार देते हैं, और दिन में पटाखे चलाए जाते हैं और विषु सद्या (भोज) होता है। विकिपीडिया के अनुसार कैनीट्टम की राशि अक्सर 1 पर खत्म होती है (जैसे 11, 21, 51, 101), जिसे नई शुरुआत से जोड़ा जाता है, और भोज में विषु कंजी, विषु कट्टा, तोरन, वेप्पम्पू रसम (नीम के फूल का रसम) और मांपऴ पुळिश्शेरी (पके आम की कढ़ी) जैसे व्यंजन बनते हैं, जिनमें मीठा, खट्टा और कड़वा तीनों स्वाद होते हैं।
एक संक्रांति, अलग-अलग नववर्ष
मेष संक्रांति कई क्षेत्रों का सौर नववर्ष है, पर हर कैलेंडर का दिन तय करने का नियम अलग है, इसलिए 2027 में ये दो अलग दिनों में पड़ते हैं। तमिल कैलेंडर में संक्रांति सूर्यास्त से पहले हो तो महीना उसी दिन से: पुत्तांडु (चित्तिरै 1) 14 अप्रैल को है। पंजाब की बैसाखी भी 14 अप्रैल को है। केरल में सीमा दिन का तीन-पाँचवाँ भाग है, इसलिए विषु 15 अप्रैल को; बंगाल में महीना संक्रांति के अगले दिन से गिना जाता है, इसलिए पोइला बैशाख (बंगाब्द 1434) भी 15 अप्रैल को है। ये सभी तारीखें Drik Panchang के चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और कोलकाता के कैलेंडरों से मिलाई गई हैं। मलयालम वर्ष की संख्या (कोल्लवर्षम) विषु पर नहीं, चिंगम 1 पर बदलती है: 2027 में 18 अगस्त को, जब 1203 शुरू होगा।
सबरीमाला और मंदिर
Kerala Tourism के अनुसार सबरीमाला का मंदिर हर मलयालम महीने के पहले पाँच दिन के अलावा विषु पर भी दर्शन के लिए खुलता है। केरल के मंदिरों में विषु की भोर में कणि-दर्शन होता है; हर मंदिर का समय उसका देवस्वम बोर्ड घोषित करता है।
Drik Panchang से मिलान
Drik Panchang की 2027 की संक्रांति सूची में मेष संक्रांति 14 अप्रैल 3:33 PM है (30 सितंबर 2026 को पढ़ी), और उसके विषु के पन्ने पर भी यही क्षण है (लैंकेस्टर, अमेरिका के समय में 3:03 AM, जो भारतीय समय में 3:33 PM है)। हमारी गणना 3:33:38 PM देती है, पन्ने पर 3:34 PM। Prokerala (उज्जैन) संक्रांति 3:23 PM देता है, पर विषु का दिन वह भी 15 अप्रैल, गुरुवार बताता है। Drik के तिरुवनंतपुरम के मलयालम कैलेंडर में 15 अप्रैल को मेडम 1 और विषु है (18 अक्टूबर 2026 को पढ़ा)। केरल सरकार की 2027 की छुट्टियों की सूची 18 अक्टूबर 2026 तक नहीं मिली; 2026 की सूची 29 अक्टूबर 2025 को आई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विषु 2027 कब है?
15 अप्रैल, गुरुवार को, मलयालम माह मेडम 1 को। मेष संक्रांति 14 अप्रैल की दोपहर 3:33 बजे (Drik) है, केरल के महीने की सीमा के बाद, इसलिए विषु 15 अप्रैल को है। Drik का मलयालम कैलेंडर और Prokerala भी यही दिन देते हैं।
विषुक्कणि किस समय देखें?
15 अप्रैल की भोर में, सूर्योदय से पहले दीप जलाकर। तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय 6:13 और कोच्चि में 6:15 बजे है (हमारी गणना)। परंपरा से कणि ही वर्ष की पहली दृष्टि होती है।
विषुक्कणि में क्या रखते हैं?
उरुली में चावल, सुनहरा खीरा, नारियल, आम-कटहल जैसे फल, पान-सुपारी, सिक्के, दर्पण, कणिक्कोन्ना के पीले फूल, निलविलक्कु और श्रीकृष्ण की छवि (Kerala Tourism, विकिपीडिया)। वस्तुएँ हर घर में थोड़ी अलग होती हैं।
क्या विषु मलयालम नववर्ष है?
विषु केरल का सौर नववर्ष है, मेडम (मेष) महीने का पहला दिन (Kerala Tourism)। पर मलयालम वर्ष की संख्या (कोल्लवर्षम) चिंगम 1 पर बदलती है, जो 2027 में 18 अगस्त को है। विषु 2027 कोल्लवर्षम 1202 के मेडम महीने में है।
विषु और पुत्तांडु एक ही दिन क्यों नहीं हैं?
दोनों मेष संक्रांति से जुड़े हैं, पर तमिल कैलेंडर में संक्रांति सूर्यास्त से पहले हो तो उसी दिन महीना शुरू होता है (पुत्तांडु 14 अप्रैल), जबकि केरल में सीमा दिन का तीन-पाँचवाँ भाग है (विषु 15 अप्रैल)। Drik के चेन्नई और तिरुवनंतपुरम के कैलेंडर यही देते हैं।
विषुक्कैनीट्टम क्या है?
घर के बड़ों का छोटों और आश्रितों को पैसे का उपहार; राशि अक्सर 1 पर खत्म होती है, जैसे 11 या 101 (Kerala Tourism, विकिपीडिया)।
क्या विषु पर सबरीमाला खुलता है?
हाँ, Kerala Tourism के अनुसार मंदिर विषु पर भी खुलता है। तारीख और समय Travancore Devaswom Board घोषित करता है।
स्रोत
- Drik Panchang: मलयालम मासिक कैलेंडर, तिरुवनंतपुरम, जनवरी 2026 से जनवरी 2028 (15 अप्रैल 2027: मेडम 1, विषु), 18 अक्टूबर 2026 को पढ़ा (docs/checks/solar-calendars-2026-27.md)
- Drik Panchang: संक्रांति सूची 2027 (मेष संक्रांति 14 अप्रैल 3:33 PM), 30 सितंबर 2026 को पढ़ी; Drik का “Vishu Kani” पन्ना 2027 (खोज-परिणाम में, लैंकेस्टर के समय में)
- Drik Panchang: तमिल कैलेंडर चेन्नई (पुत्तांडु 14 अप्रैल 2027) और बंगाली पंजिका कोलकाता (बैशाख 1, 15 अप्रैल 2027), 18 अक्टूबर 2026 को पढ़े
- Prokerala, Vishu 2027: 15 अप्रैल, गुरुवार; संक्रांति 3:23 PM (उज्जैन)
- Kerala Tourism (keralatourism.org/vishu): सौर नववर्ष, श्रीकृष्ण की छवि के सामने विषुक्कणि की वस्तुएँ, कैनीट्टम, पटाखे, विषु सद्या; keralatourism.org/sabarimala: विषु पर मंदिर खुलना
- विकिपीडिया: “Vishu” (मेडम 1, विषुक्कणि की तैयारी और वस्तुएँ, कणिक्कोन्ना, कैनीट्टम की राशि, सद्या के व्यंजन, पटाखे; Kerala सरकार, The Hindu और पुस्तकों के हवाले से)
- Onmanorama, 29 अक्टूबर 2025: केरल की 2026 की सार्वजनिक छुट्टियाँ (विषु 15 अप्रैल 2026)
- विषुक्कणि, कैनीट्टम और सद्या की रीतियाँ: लोक परंपरा
- संक्रांति, नक्षत्र और मलयालम महीने: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश); Drik Panchang का तिरुवनंतपुरम का मलयालम कैलेंडर (18 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) और 2027 की संक्रांति सूची से मिलान
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